PM E-DRIVE
संदर्भ:
हाल ही में भारत सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना के तहत सब्सिडी की समय-सीमा में महत्वपूर्ण विस्तार किया है। यह योजना मुख्य रूप से सार्वजनिक परिवहन और व्यावसायिक उपयोग वाले वाहनों पर केंद्रित है।
पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना के बारे में:
- परिचय: प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवॉल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट (PM E-DRIVE) को 1 अक्टूबर 2024 से लागू किया गया था।
- संचालन: यह भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) द्वारा संचालित है।
- बजट: इसका कुल बजटीय आवंटन ₹10,900 करोड़ है।
-
सब्सिडी: सरकार ने हाल ही में विभिन्न वाहन श्रेणियों के लिए निम्नलिखित समय-सीमा तय की है:
- इलेक्ट्रिक दोपहिया (e-2W): इन वाहनों के लिए सब्सिडी की समय-सीमा बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी गई है।
- इलेक्ट्रिक तिपहिया (e-rickshaws/e-carts): इनके लिए प्रोत्साहन राशि की पात्रता अब 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है।
- इलेक्ट्रिक बसें और ट्रक: ई-ट्रकों और ई-बसों के लिए भी योजना की अवधि 31 मार्च 2028 तक विस्तारित की गई है।
- ई-वाउचर प्रणाली (E-Voucher System): पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए Aadhaar-आधारित ई-वाउचर प्रणाली शुरू की गई है।
- चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर: देश भर में लगभग 72,300 सार्वजनिक फास्ट चार्जर स्थापित करने के लिए ₹2,000 करोड़ का प्रावधान है। इसमें ई-4W के लिए 22,100, ई-बसों के लिए 1,800 और ई-2W/3W के लिए 48,400 चार्जर शामिल हैं।
प्रमुख घटक और बजटीय आवंटन:
- मांग प्रोत्साहन (₹3,679 करोड़): इसमें ई-2W, ई-3W, ई-एम्बुलेंस और ई-ट्रक शामिल हैं।
- पूंजीगत परिसंपत्ति निर्माण (₹7,171 करोड़):
- ई-बसें (₹4,391 करोड़): लगभग 14,028 ई-बसों की खरीद के लिए।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (₹2,000 करोड़): देश भर में 72,300 सार्वजनिक फास्ट चार्जर स्थापित करने का लक्ष्य।
- परीक्षण एजेंसियों का उन्नयन (₹780 करोड़): नई तकनीकों के प्रमाणीकरण के लिए।
- ई-एम्बुलेंस: इसके लिए अलग से ₹500 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
महत्व:
- FAME-II बनाम PM E-DRIVE: जहाँ FAME-II में हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों को भी शामिल किया गया था, वहीं PM E-DRIVE पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों पर केंद्रित है और इसमें इलेक्ट्रिक कारों को सीधे सब्सिडी से बाहर रखा गया है।
- नवाचार (E-Voucher): सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता के लिए आधार-प्रमाणित ई-वाउचर प्रणाली शुरू की गई है, जिससे खरीदार सीधे लाभ उठा सकते हैं।
- आत्मनिर्भर भारत: योजना के तहत फेज्ड मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम (PMP) अनिवार्य है, जो स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहित करता है।
