Exercise island power 2026
संदर्भ:
हाल ही में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंडमान और निकोबार कमान (ANC) के अंतर्गत एक उच्च-तीव्रता वाला त्रि-सेवा अभ्यास, ‘द्वीप शक्ति’ सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। जिसमें सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच निर्बाध तालमेल का प्रदर्शन किया गया।
अभ्यास द्वीप शक्ति 2026 के बारे मे:
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- परिचय: द्वीप शक्ति एक त्रि-सेवा संयुक्त सैन्य अभ्यास है, जिसे तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में भारत की एकीकृत युद्ध क्षमताओं का परीक्षण और सत्यापन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- अवधि और स्थान: यह 24-28 मार्च 2026 तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आयोजित किया गया।
- सहभागिता: भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना (तीनों अंगों) ने इसमें भाग लिया।
- मेजबान: अंडमान और निकोबार कमान (ANC)।
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- उद्देश्य: समुद्री और द्वीप वातावरण में भारत की एकीकृत युद्ध क्षमताओं का परीक्षण करना और रिमोट आइलैंड्स को समुद्री खतरों से बचाने के लिए बलों की त्वरित तैनाती को वैलिडेट करना।
- प्रक्रियाएं: अभ्यासों में एम्फीबियस असॉल्ट (जल-थल हमला), तटीय रक्षा, और संयुक्त समुद्री प्रभुत्व संचालन शामिल थे।
- अभ्यास गतिविधियां:
- एम्फीबियस असॉल्ट (Amphibious Assault): नौसेना के जहाजों से सैनिकों को तट पर उतारने की जटिल युद्धाभ्यास।
- बहु-डोमेन युद्ध (Multi-Domain Warfare): यह अभ्यास जमीनी, समुद्री और हवाई तीनों डोमेन में एकीकृत युद्ध कौशल पर केंद्रित था।
- तकनीकी एकीकरण: अभ्यास के दौरान नई पीढ़ी की तकनीकों और हथियारों का उपयोग किया गया, जो भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को दर्शाता है।
महत्व:
- थिएटर कमान का महत्व: यह अभ्यास भारत के एकमात्र सक्रिय थिएटर कमान, ANC (Andaman & Nicobar Command), की परिचालन तत्परता को मजबूत करता है।
- भारत-प्रशांत (Indo-Pacific) रणनीति: भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह मलक्का जलडमरूमध्य की निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति है।
- संयुक्तता (Jointness): यह अभ्यास “सशस्त्र बलों के पुनर्गठन” के अनुरूप तीनों अंगों के बीच “संयुक्तता” और परिचालन सामंजस्य को बढ़ावा देता है।
