Energy Statistics India 2026
संदर्भ:
हाल ही में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा ‘ऊर्जा सांख्यिकी भारत 2026’ (Energy Statistics India 2026) का 33वां संस्करण जारी किया गया, जिसमें भारत के ऊर्जा परिदृश्य का एक व्यापक और डेटा-आधारित विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
ऊर्जा सांख्यिकी भारत 2026 के प्रमुख बिंदु:
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- कुल प्राथमिक ऊर्जा आपूर्ति (TPES): वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत की TPES में 2.95% की वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर 9,32,816 KToE (Kilo Tonnes of Oil Equivalent) हो गई है।
- अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy – RE) की अभूतपूर्व वृद्धि:
- भारत की कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता 47,04,043 मेगावाट (MW) तक पहुंच गई है।
- सौर ऊर्जा (Solar Energy): इस क्षेत्र में क्रांतिकारी उछाल देखा गया। सौर क्षमता वित्त वर्ष 2023-24 के 7.49 लाख MW से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 33,43,378 MW हो गई, जो कुल RE क्षमता का लगभग 71% है।
- पवन और जलविद्युत: पवन ऊर्जा की क्षमता 11.64 लाख MW और बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं की क्षमता 1.33 लाख MW दर्ज की गई।
- राज्य-वार वितरण: भारत की 70% से अधिक अक्षय ऊर्जा क्षमता केवल छह राज्यों में केंद्रित है: राजस्थान (23.70%), महाराष्ट्र (14.26%), गुजरात, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और मध्य प्रदेश।
- प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत: प्रति व्यक्ति ऊर्जा उपयोग 2015-16 के 15,296 मेगाजूल (MJ) से बढ़कर 2024-25 में 18,096 MJ हो गया है। [4, 5, 6, 7, 8]
ऊर्जा दक्षता और बुनियादी ढांचा:
- T&D नुकसान में कमी: ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) घाटे, जो 2015-16 में 22% थे, अब घटकर 17% पर आ गए हैं, जो बेहतर ग्रिड प्रबंधन को दर्शाता है।
- ऊर्जा क्षेत्र में ऋण प्रवाह: ऊर्जा क्षेत्र में निवेश में भारी तेजी आई है। ऋण प्रवाह 2021 के ₹1,688 करोड़ से 6 गुना बढ़कर 2025 में ₹10,325 करोड़ हो गया है।
- कोयला की प्रधानता: अक्षय ऊर्जा के विस्तार के बावजूद, कोयला (लिग्नाइट सहित) अभी भी ऊर्जा आपूर्ति का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है, जिसकी आपूर्ति 5,52,315 KToE तक पहुंच गई है।
- डेटा पारदर्शिता: इस रिपोर्ट में डेटा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई नए मानकों को शामिल किया गया है:
- क्रेडिट प्रवाह डेटा: घरेलू ऊर्जा क्षेत्रों को दिए जाने वाले ऋण का विश्लेषण।
- विमानन और समुद्री ईंधन: पहली बार अंतर्राष्ट्रीय विमानन और समुद्री बंकर डेटा (International Aviation and Marine Bunker Data) को शामिल किया गया है।
- ASI डेटा का उपयोग: उद्योगों में बिजली खपत के सूक्ष्म पैटर्न को समझने के लिए ‘वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण’ (ASI) के डेटा का एकीकरण।
- सांकी आरेख (Sankey Diagrams): ऊर्जा के प्राथमिक स्रोतों से अंतिम उपयोग तक के प्रवाह को दर्शाने के लिए उन्नत विज़ुअलाइज़ेशन का उपयोग।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO):
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