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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026

Solid Waste Management Rules 2026

Solid Waste Management Rules 2026

संदर्भ:

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 अधिसूचित किए गए हैं। ये नियम 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हो चुके हैं, जो 2016 के पुराने नियमों को प्रतिस्थापित करते हैं।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 के मुख्य बिंदु:

  • स्रोत पर पृथक्करण: 2026 के नियमों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता “फोर-बिन रिवोल्यूशन” है। अब अपशिष्ट को तीन के बजाय चार श्रेणियों में अलग करना अनिवार्य है: 
    • गीला कचरा (Wet Waste): रसोई का अपशिष्ट, फल-सब्जियों के छिलके और अन्य जैव-निम्नीकरणीय पदार्थ।
    • सूखा कचरा (Dry Waste): प्लास्टिक, कागज, धातु, कांच और रबर।
    • सैनिटरी कचरा (Sanitary Waste): डायपर, सैनिटरी नैपकिन, कंडोम और टैम्पोन। इन्हें सुरक्षित रूप से लपेटकर अलग रखना होगा।
    • विशेष देखभाल अपशिष्ट (Special Care Waste): घरेलू लेकिन खतरनाक कचरा जैसे बल्ब, पेंट के डिब्बे, दवाइयां और थर्मामीटर। 
  • बल्क वेस्ट जेनरेटर (BWG): नियमों के तहत ‘बल्क वेस्ट जेनरेटर’ को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। इसमें वे इकाइयां शामिल हैं जो: 20,000 वर्ग मीटर से अधिक का फ्लोर एरिया रखती हैं या प्रतिदिन 40,000 लीटर से अधिक पानी का उपभोग करती हैं या प्रतिदिन 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करती हैं।
    • इन इकाइयों के लिए Extended Bulk Waste Generator Responsibility (EBWGR) अनिवार्य की गई है, जिसके तहत उन्हें अपने गीले कचरे का निपटान ऑन-साइट (कम्पोस्टिंग या बायो-मिथेनेशन) करना होगा या EBWGR प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। 
  • डिजिटल निगरानी: पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल (Centralised Online Portal) विकसित किया गया है। जिस पर सभी अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले बड़े संस्थानों, परिवहनकर्ताओं और प्रसंस्करण केंद्रों का पंजीकरण अनिवार्य है।
  • कचरा संग्रहण से लेकर निपटान तक के हर चरण की डिजिटल ट्रैकिंग होगी।
  • वार्षिक रिपोर्ट जमा करने की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल होगी, जिससे भौतिक ऑडिट की आवश्यकता कम होगी। 
  • प्रदूषक भुगतान सिद्धांत: नियमों में अनुपालन न करने पर कठोर दंड का प्रावधान है। पर्यावरण मुआवजा (Environmental Compensation) उन पर लगाया जाएगा जो: बिना पंजीकरण के कचरा प्रबंधन सुविधाएं चला रहे हैं, गलत डेटा या फर्जी दस्तावेज जमा करते हैं या कचरे का उचित पृथक्करण या प्रबंधन नहीं करते हैं।
  • औद्योगिक उपयोग: सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों (विशेषकर सीमेंट प्लांट) को अपने ईंधन का 15% हिस्सा RDF (Refuse Derived Fuel) से प्रतिस्थापित करना होगा। यह लक्ष्य अगले छह वर्षों में चरणबद्ध तरीके से हासिल करना अनिवार्य है। 
  • लैंडफिल प्रबंधन: लैंडफिल का उपयोग केवल गैर-पुनर्चक्रण योग्य (non-recyclable) और निष्क्रिय कचरे के लिए ही सीमित किया गया है। अमिश्रित कचरा लैंडफिल में भेजने पर स्थानीय निकायों पर भारी शुल्क लगाया जाएगा।
    • पुराने कचरे के पहाड़ों (Legacy Dumpsites) का समयबद्ध बायो-माइनिंग और बायो-रेमेडिएशन अनिवार्य किया गया है। 
  • विशेष प्रावधान: पर्यटन के दबाव को देखते हुए, पहाड़ी और द्वीप क्षेत्रों के स्थानीय निकायों को पर्यटकों पर ‘यूजर फीस’ लगाने और कचरा प्रबंधन क्षमता के आधार पर पर्यटकों की संख्या को विनियमित करने का अधिकार दिया गया है।

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