INS Malvan P81
संदर्भ:
हाल ही में भारतीय नौसेना द्वारा INS Malwan (P81) को अपने बेड़े में शामिल किया गया। यह पोत एन्टी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) श्रेणी का दूसरा स्वदेशी पोत है।
INS मालवण की प्रमुख विशेषताएं:
- निर्माता: इसका निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा किया गया है।
- नामकरण: इस पोत का नाम महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर ‘मालवन’ के नाम पर रखा गया है, जो छत्रपति शिवाजी महाराज की नौसैनिक विरासत से गहराई से जुड़ा है।
- आकार और विस्थापन: इसकी लंबाई लगभग 80 मीटर है और इसका विस्थापन (Displacement) 1,100 टन के करीब है।
- प्रणोदन (Propulsion): यह पोत वॉटरजेट प्रोपल्शन प्रणाली से लैस है, जो उथले पानी (Shallow Waters) में इसे अत्यधिक चपलता और गतिशीलता (Manoeuvrability) प्रदान करती है।
- स्वदेशी सामग्री: इसमें 80% से अधिक स्वदेशी उपकरण लगे हैं, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की सफलता को दर्शाते हैं।
- हथियार और सेंसर: यह आधुनिक टॉरपीडो, एंटी-सबमरीन रॉकेट्स (RBU-6000), उन्नत रडार और सोनार प्रणालियों (DRDO विकसित ‘अभय’ सोनार) से सुसज्जित है।
रणनीतिक महत्व:
- तटीय सुरक्षा: INS Malwan विशेष रूप से उथले और तटीय जल (Littoral Waters) में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- बहुआयामी क्षमताएं: एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW) के अलावा, यह पोत खदान बिछाने, समुद्री निगरानी और कम तीव्रता वाले समुद्री ऑपरेशनों (LIMO) के लिए भी सक्षम है।
- अभय-श्रेणी का स्थान: ये नए पोत भारतीय नौसेना के पुराने हो रहे ‘अभय-श्रेणी’ के कोरवेट का स्थान लेंगे। यह नए अवतार में पूर्ववर्ती ‘INS Malwan’ (एक माइन्सवीपर जो 2003 तक सेवा में रहा) की परंपरा को आगे बढ़ाता है।
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