Rare atmospheric phenomenon Earthquake Lights Up
संदर्भ:
हाल ही में भूकंप लाइट्स (EQL) नामक एक दुर्लभ और रहस्यमयी वायुमंडलीय घटना तुर्किये (Turkey) जैसे उच्च भूकंपीय सक्रिय क्षेत्रों में देखी गई।
भूकंप लाइट्स (EQL) क्या हैं?
Earthquake Lights (EQL) एक दुर्लभ और रहस्यमयी वायुमंडलीय घटना है। EQL वे प्रकाश पुंज, चमक या आभा हैं जो भूकंप आने से कुछ समय पहले, उसके दौरान या तुरंत बाद आकाश में दिखाई देती हैं। इन्हें अक्सर ‘ल्युमिनस फेनोमेनन’ कहा जाता है।
निर्माण की वैज्ञानिक प्रक्रिया:
EQL के पीछे का विज्ञान ‘टैक्टोनिक तनाव’ (Tectonic Stress) से जुड़ा है। इसके मुख्य सिद्धांत निम्नलिखित हैं:
- P-holes थ्योरी (P-type Carriers): जब आग्नेय चट्टानों (जैसे Gabbro या Basalt) पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, तो उनमें मौजूद ‘पेरॉक्सी बॉन्ड्स’ (Peroxy bonds) टूट जाते हैं। इससे ‘पॉजिटिव होल’ (Positive holes) या चार्ज कैरियर मुक्त होते हैं।
- आयोनाइजेशन (Ionization): ये चार्ज तेजी से सतह की ओर बढ़ते हैं और हवा के संपर्क में आने पर वायुमंडलीय अणुओं को ‘आयोनाइज’ (Ionize) कर देते हैं, जिससे चमकता हुआ ‘प्लाज्मा’ (Plasma) उत्पन्न होता है।
विशेषताएं:
- प्रकार: ये बिजली की चमक (Sheet lightning), चमकते गोले (Orbs), या जमीन से निकलते हुए प्रकाश के स्तंभों के रूप में दिख सकते हैं।
- रंग: सामान्यतः ये नीले, सफेद या बहुरंगी होते हैं।
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फॉल्ट लाइन्स संबंध: अध्ययनों के अनुसार, लगभग 97% EQL घटनाएँ ‘रिफ्ट जोन’ या ‘सब-वर्टिकल फॉल्ट’ (Sub-vertical faults) के पास होती हैं।
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Piezoelectric प्रभाव: क्वार्ट्ज जैसी चट्टानों के दबने से उत्पन्न होने वाला विद्युत प्रवाह भी इसका एक संभावित कारण माना जाता है।
महत्व:
- भूकंप पूर्व चेतावनी (Early Warning): यदि EQL को सही ढंग से समझा जाए, तो यह भूकंप की भविष्यवाणी के लिए एक ‘प्री-सेस्मिक इंडिकेटर’ (Pre-seismic indicator) बन सकता है。
- अनुसंधान की आवश्यकता: भारत के ‘हिमालयी क्षेत्र’ (Himalayan Region) में, जहाँ तुर्किये जैसी ही प्लेट विवर्तनिकी (Tectonic) स्थितियाँ हैं, EQL का अध्ययन आपदा शमन (Mitigation) में सहायक हो सकता है।
