Large Cavitation Tunnel
संदर्भ:
हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापत्तनम में नौसेना विज्ञान और तकनीकी प्रयोगशाला (NSTL) में एक अत्याधुनिक लार्ज कैविटेशन टनल (LCT) सुविधा की आधारशिला रखी।
कैविटेशन टनल क्या है?
कैविटेशन टनल एक विशेष ऊर्ध्वाधर जल परिपथ (Vertical Water Circuit) है, जिसका उपयोग पानी के नीचे चलने वाले वाहनों जैसे जहाजों और पनडुब्बियों के प्रोपेलर (प्रणोदक) के व्यवहार का अध्ययन करने के लिए किया जाता है।
- कैविटेशन की प्रक्रिया: जब पानी के नीचे दबाव में भारी बदलाव आता है, तो वाष्प के बुलबुले (Vapour Bubbles) बनते हैं। इन बुलबुलों के हिंसक रूप से फटने से प्रोपेलर को नुकसान पहुँचता है और भारी शोर उत्पन्न होता है।
- कार्य: यह टनल वास्तविक परिचालन स्थितियों का अनुकरण करती है ताकि प्रोपेलर के शोर, थ्रस्ट (Thrust) और टॉर्क (Torque) का सटीक मापन किया जा सके।
LCT सुविधा की मुख्य तकनीकी विशेषताएं:
- एकीकृत सेटअप: यह दुनिया की उन चुनिंदा सुविधाओं में से एक होगी जो एक ही सेटअप में पनडुब्बियों के लिए क्लोज्ड-लूप सिमुलेशन और सतह के जहाजों के लिए फ्री सरफेस सिमुलेशन दोनों करने में सक्षम है।
- सटीक सत्यापन: यह विध्वंसक (Destroyers) और विमानवाहक पोतों (Aircraft Carriers) जैसे बड़े नौसैनिक प्लेटफार्मों के हाइड्रोडायनामिक डिजाइन का सटीक सत्यापन प्रदान करेगी।
- परिचालन क्षमता: उन्नत ऑटोमैटिक कंट्रोल सिस्टम (ACS) के माध्यम से इसमें पानी की गति और दबाव को नियंत्रित किया जाता है ताकि उच्च रेनॉल्ड्स नंबर (High Reynolds Numbers) पर परीक्षण किए जा सकें।
महत्व:
- आत्मनिर्भर भारत: अब तक भारत को उन्नत नौसैनिक प्रणालियों के परीक्षण के लिए विदेशी सुविधाओं पर निर्भर रहना पड़ता था। LCT के साथ, डिजाइन से लेकर परीक्षण तक का पूरा चक्र अब स्वदेशी होगा।
- स्टील्थ (Stealth) क्षमता: आधुनिक समुद्री युद्ध में ‘चुपचाप’ (Silent) रहना सबसे बड़ी ताकत है। यह टनल शोर कम करने की तकनीक विकसित करने में मदद करेगी, जिससे भारतीय पनडुब्बियां दुश्मन के रडार और सोनार से बच सकेंगी।
- स्वदेशी नवाचार: यह सुविधा MSMEs, शोधकर्ताओं और घरेलू उद्योगों के साथ मिलकर अगली पीढ़ी के जहाजों और हथियारों (जैसे टॉरपीडो और AUVs) के विकास का आधार बनेगी।
