Amaravati became the sole and permanent capital of Andhra Pradesh
संदर्भ:
अमरावती (Amaravati) को आधिकारिक और कानूनी रूप से आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 लागू हो गया है, जिसने वर्षों की राजनीतिक और कानूनी अनिश्चितता को समाप्त कर दिया है।
वैधानिक और संवैधानिक स्थिति (2026 संशोधन):
- संसद द्वारा संशोधन: भारत सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धारा 5 में ऐतिहासिक संशोधन किया है।
- अमरावती का कानूनी दर्जा: अधिनियम में अब विशेष रूप से “अमरावती” को राज्य की स्थायी राजधानी के रूप में दर्ज किया गया है।
- पिछली तिथि से प्रभाव: यह कानून 2 जून 2024 से प्रभावी माना जाएगा, जो कि हैदराबाद के संयुक्त राजधानी के रूप में कार्यकाल समाप्त होने की तिथि थी।
- तीन-राजधानी मॉडल का अंत: इस संशोधन ने पिछली सरकार के विशाखापत्तनम, कुरनूल और अमरावती के बीच शक्तियों के बंटवारे वाले प्रस्ताव को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व:
- प्राचीन विरासत: अमरावती का इतिहास 2,200 साल से भी अधिक पुराना है। यह सातवाहन राजवंश की राजधानी (धरणिकोट/धान्यकटक) रही है।
- बौद्ध धर्म का केंद्र: यह महायान बौद्ध धर्म का एक प्रमुख स्थल है। माना जाता है कि गौतम बुद्ध ने यहीं “कालचक्र” अनुष्ठान सिखाया था। यहाँ का अमरावती स्तूप और ‘अमरावती स्कूल ऑफ आर्ट’ विश्व प्रसिद्ध हैं।
- धार्मिक सद्भाव: इसे ‘सहिष्णुता का शहर’ (City of Tolerance) कहा जाता है क्योंकि यहाँ हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म का सह-अस्तित्व रहा है। अमरेश्वर मंदिर (पंचाराम क्षेत्रों में से एक) यहाँ का प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थल है।
शहरी मास्टर प्लान और बुनियादी ढांचा (Vision 2026):
- ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी: अमरावती को दुनिया की सबसे टिकाऊ राजधानियों में से एक बनाने के लिए ब्रिटेन की फर्म फॉस्टर + पार्टनर्स द्वारा डिजाइन किया गया है।
- नौ केंद्र (Nine Cities): मास्टर प्लान में नौ थीम-आधारित शहर शामिल हैं: प्रशासनिक, न्याय, स्वास्थ्य, ज्ञान, वित्तीय, इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यटन, खेल और मीडिया।
- प्रमुख परियोजनाएं:
- सरकारी परिसर: विधान सभा और उच्च न्यायालय भवन मुख्य आकर्षण होंगे।
- स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: 14 रोड पैकेज के तहत 6-लेन सड़कें, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट और कृष्णा नदी में वॉटर टैक्सी की योजना है।
- क्वांटम वैली: 1 जनवरी 2026 को भारत की पहली क्वांटम वैली की स्थापना की गई है, जो IBM और TCS जैसी कंपनियों के साथ मिलकर अनुसंधान का केंद्र बनेगी।
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भूमि पूलिंग मॉडल (Land Pooling Scheme – LPS): यहां दुनिया का सबसे बड़ा स्वैच्छिक भूमि पूलिंग मॉडल है, जिसमें 29,000 से अधिक किसानों ने लगभग 33,000-34,000 एकड़ भूमि योगदान में दी है।
- लागत: वर्तमान में लगभग ₹51,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
आर्थिक और रणनीतिक महत्व:
- एशिया का सबसे बड़ा मिर्च बाजार: अमरावती के पास गुंटूर में एशिया का सबसे बड़ा मिर्च बाजार स्थित है, जो ‘गुंटूर सन्नम’ मिर्च (GI टैग) के लिए प्रसिद्ध है।
- कनेक्टिविटी: शहर को चेन्नई-हावड़ा मुख्य लाइन से जोड़ने के लिए एक नए केंद्रीय रेलवे स्टेशन और रेल लिंक का निर्माण किया जा रहा है।
- निवेश: स्थायी राजधानी का दर्जा मिलने से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और IT कंपनियों के बीच विश्वास बहाल हुआ है।
- किसानों को लाभ: भूमि के बदले किसानों को विकसित प्लॉट और 10 वर्षों तक वार्षिक मुआवजा (Lease Payments) देने का प्रावधान है।
