10-point Iranian peace plan
संदर्भ:
8 अप्रैल 2026 की नवीनतम स्थिति के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता रंग लाई है। अमेरिका और ईरान, ईरान के 10-सूत्रीय ईरानी शांति योजना (10-point Iranian plan) पर सहमत हो गए हैं और दो सप्ताह के युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा की गई है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बड़े हमलों की अपनी पूर्व समय सीमा (Deadline) से ठीक पहले हमले रोकने की घोषणा की।
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान, इस्लामाबाद द्वारा तैयार किए गए राजनयिक ढांचे के माध्यम से बातचीत की मेज पर आए हैं।
ईरान की 10-सूत्रीय योजना के मुख्य बिंदु:
- सैन्य हमलों पर पूर्ण रोक: ईरान और उसके सहयोगियों (लेबनान, यमन, इराक) पर सभी युद्धों का पूर्ण अंत।
- प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान पर लगे सभी प्राथमिक और माध्यमिक अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz): ईरान इस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा, लेकिन समन्वय के साथ जहाजों को सुरक्षित रास्ता देगा। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान प्रति जहाज शुल्क ($2 मिलियन) लेने का प्रस्ताव भी दे रहा है।
- अमेरिकी सेना की वापसी: मध्य पूर्व क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू सेनाओं की पूर्ण वापसी।
- परमाणु अधिकार: ईरान के यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) के अधिकार को मान्यता देना और साथ ही परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता।
- युद्ध हर्जाना (Reparations): युद्ध से हुए बुनियादी ढांचे के नुकसान के लिए ईरान को मुआवजा भुगतान।
- फ्रीज संपत्ति की वापसी: अमेरिका में रुकी हुई ईरानी वित्तीय संपत्तियों को मुक्त करना।
- अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (UNSC): समझौते को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बाध्यकारी बनाने के लिए UNSC का प्रस्ताव।
- IAEA के प्रस्तावों की समाप्ति: ईरान के खिलाफ IAEA के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को वापस लेना।
- तत्काल युद्धविराम: उपरोक्त शर्तों की स्वीकृति के साथ सभी मोर्चों पर युद्ध की तत्काल समाप्ति।
महत्वपूर्ण परिप्रेक्ष्य:
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- पाकिस्तान की भूमिका: पाकिस्तान ने एक ‘बैकचैनल’ मध्यस्थ के रूप में उभरकर अपनी रणनीतिक प्रासंगिकता साबित की है। इस्लामाबाद 10 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली औपचारिक वार्ताओं की मेजबानी करेगा।
- रणनीतिक महत्व: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुलना वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे विश्व बाजारों में स्थिरता आ सकती है।
- चुनौतियाँ: हालांकि ट्रंप ने इसे वार्ता का ‘कार्यक्षम आधार’ माना है, लेकिन ईरान द्वारा संवर्धन की मांग और अमेरिकी सेना की वापसी की शर्त पर पूर्ण सहमति कठिन हो सकती है।
- क्षेत्रीय प्रभाव: यह युद्धविराम लेबनान और गाजा में भी शांति की उम्मीद जगाता है, हालांकि इजरायल के रुख पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
