CRPF शौर्य दिवस | Crpf Bravery Day
संदर्भ: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा प्रत्येक वर्ष 9 अप्रैल को CRPF शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सैन्य इतिहास की एक ऐसी विरल घटना का प्रतीक है, जहाँ पुलिस बल की एक छोटी टुकड़ी ने एक पूर्ण सैन्य ब्रिगेड का डटकर मुकाबला किया और उसे पराजित किया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:
- पाकिस्तानी हमला: 9 अप्रैल 1965 की सुबह, गुजरात के रण ऑफ कच्छ में स्थित ‘सरदार पोस्ट’ पर पाकिस्तानी सेना की 51वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड (लगभग 3,500 सैनिक) ने ‘ऑपरेशन डेजर्ट हॉक’ के तहत हमला कर दिया था।
- मुकाबला: उस समय सीमा की सुरक्षा CRPF के पास थी। सरदार पोस्ट पर CRPF की दूसरी बटालियन की मात्र दो कंपनियां (लगभग 150 जवान) तैनात थीं। संसाधनों और संख्या में कम होने के बावजूद, CRPF के जवानों ने लगभग 12-14 घंटों तक भीषण युद्ध किया।
- परिणाम: भारतीय जांबाजों ने 34 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और 4 को जीवित पकड़ लिया। इस युद्ध में CRPF के 6 वीर जवान शहीद हुए। यह सैन्य इतिहास में पहली बार था जब किसी अर्धसैनिक या पुलिस बल ने एक नियमित सेना की पूरी ब्रिगेड को परास्त किया था।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के बारे मे:
- स्थापना और विकास: CRPF की स्थापना 27 जुलाई 1939 को ‘क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस’ के रूप में हुई थी।
- स्वतंत्रता के बाद, CRPF अधिनियम, 1949 के माध्यम से इसका नाम बदलकर ‘केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल’ कर दिया गया।
- इसका आदर्श वाक्य ‘सेवा और निष्ठा’ (Service and Loyalty) है।
- मुख्य कार्य और जिम्मेदारियां:
- भीड़ और दंगा नियंत्रण: कानून-व्यवस्था बनाए रखने में राज्यों की सहायता करना।
- वामपंथी उग्रवाद (LWE) का मुकाबला: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा प्रदान करना। इसके लिए विशेष इकाई CoBRA (Commando Battalion for Resolute Action) कार्यरत है।
- आतंकवाद विरोधी अभियान: विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्व भारत में।
- निर्वाचन सुरक्षा: स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करना।
- महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा: संसद भवन, वीआईपी सुरक्षा और संवेदनशील धार्मिक स्थलों (जैसे अयोध्या, वाराणसी) की रक्षा।
- विशेष इकाइयां:
- RAF (Rapid Action Force): दंगों और सांप्रदायिक तनाव से निपटने के लिए 1992 में गठित。
- महिला बटालियन: CRPF दुनिया का पहला ऐसा अर्धसैनिक बल है जिसने 1986 में महिला बटालियन (88 BN) तैयार की थी।
- शांति अभियानों में योगदान: CRPF केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक शांति में भी अग्रणी है। यह श्रीलंका, हैती, नामीबिया, लाइबेरिया और सोमालिया जैसे देशों में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों (UN Peacekeeping Missions) का हिस्सा रहा है।
- सम्मान और गौरव: इस बल को अब तक 1 अशोक चक्र, 10 कीर्ति चक्र, 1 वीर चक्र और 2,000 से अधिक पुलिस वीरता पदक प्राप्त हो चुके हैं। शौर्य दिवस इन बलिदानों को याद करने और युवा पीढ़ी को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने का एक मंच है।