लैंड यूज और लैंड कवर मैपिंग | Land Use and Land Cover Mapping

संदर्भ:
हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने ISRO और पंचायती राज मंत्रालय के बीच की हुई साझेदारी के तहत देश के प्रत्येक गाँव के लिए उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली ‘लैंड यूज और लैंड कवर’ (LULC) मैपिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने की घोषणा की।
- यह डेटा अब ‘ग्राम मानचित्र’ (Grammanchitra) पोर्टल पर एकीकृत कर दिया गया है, जो ग्राम पंचायतों को वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित योजनाएँ बनाने में सक्षम बनाएगा।
लैंड यूज और लैंड कवर मैपिंग क्या हैं?
- लैंड कवर (Land Cover): यह पृथ्वी की सतह पर मौजूद भौतिक आवरण को दर्शाता है, जैसे वन, जल निकाय, चट्टानें और वनस्पतियाँ।
- लैंड यूज (Land Use): यह उस भूमि पर होने वाली मानवीय गतिविधियों और उसके उपयोग के उद्देश्य को दर्शाता है, जैसे कृषि, बस्तियाँ (Settlements), और औद्योगिक क्षेत्र।
उद्देश्य:
- विकेंद्रीकृत योजना: ग्राम पंचायत स्तर पर संसाधनों के सटीक प्रबंधन और GPDP (ग्राम पंचायत विकास योजना) को सशक्त बनाना।
- परिसंपत्ति निगरानी: सरकारी योजनाओं (जैसे MGNREGA) के तहत निर्मित संपत्तियों की वास्तविक समय में निगरानी और जियो-टैगिंग करना।
- सतत विकास: प्राकृतिक संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करना और पर्यावरण संरक्षण में सहायता करना।
शुरुआत और सहयोग:
- शुरुआत: यह पहल ‘Space-based Information Support for Decentralized Planning’ (SIS-DP) प्रोजेक्ट के तहत शुरू की गई थी। इसका पहला चरण 2017 में पूरा हुआ था, और वर्तमान उच्च-रिज़ॉल्यूशन मैपिंग इसका उन्नत चरण है।
- सहयोग: इस परियोजना को ISRO के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) और पंचायती राज मंत्रालय ने मिलकर राज्य रिमोट सेंसिंग केंद्रों की सहायता से पूरा किया है।
विशेषताएं:
- सटीकता (Scale): यह मैपिंग 1:10,000 के पैमाने पर है, जहाँ 1 सेमी ज़मीन के 100 मीटर के बराबर है।
- उपग्रह डेटा: इसके लिए Resourcesat-2 के LISS-IV सेंसर (5.8 मीटर रिज़ॉल्यूशन) और Cartosat उपग्रहों के स्वदेशी डेटा का उपयोग किया गया है।
- बहु-स्तरीय विश्लेषण: इसमें कृषि भूमि को रबी, खरीफ और ज़ैद मौसमों के आधार पर वर्गीकृत किया गया है।
महत्व:
- डेटा-संचालित शासन: अब पंचायतें गूगल मैप्स के बजाय स्वदेशी और अधिक सटीक ‘ग्राम मानचित्र’ का उपयोग कर अपनी सीमाओं और संसाधनों को देख सकेंगी।
- विवाद समाधान: सटीक सीमा मानचित्रण से भूमि विवादों में कमी आएगी और राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- आपदा प्रबंधन: गाँव स्तर पर बाढ़ या सूखे जैसी आपदाओं के प्रति लचीलापन (Resilience) विकसित करने में यह डेटा आधार बनेगा।
- उपलब्धि: ISRO ने भारत के सभी 6.5 लाख गाँवों को अंतरिक्ष से मैप कर लिया है। भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिसके पास ग्रामीण स्तर का इतना विस्तृत और उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाला डिजिटल स्थानिक डेटाबेस उपलब्ध है।