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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV

Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana-IV

संदर्भ:

हाल ही में केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री ने 1 मई 2026 को ओडिशा के रायगड़ा जिले से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण (PMGSY-IV) का आधिकारिक शुभारंभ किया। 

PMGSY-IV के मुख्य बिंदु:

  • कुल परिव्यय और परियोजनाएं: ओडिशा के लिए 1,698.04 करोड़ रुपये का वित्तीय पैकेज स्वीकृत किया गया है। इसके तहत प्रथम चरण में 827 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
  • सड़क नेटवर्क का विस्तार: इस योजना के माध्यम से राज्य में कुल 1,701.84 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
  • लाभान्वित क्षेत्र: यह परियोजना ओडिशा के 8 जिलों (कंधमाल, क्योंझर, खोरधा, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, रायगड़ा और संबलपुर) के 898 गांवों को पहली बार ‘ऑल-वेदर’ (हर मौसम में चलने योग्य) पक्की सड़कों से जोड़ेगी।
  • रायगड़ा पर विशेष ध्यान: इस जिले को सबसे अधिक लाभ मिला है, जहाँ 562 करोड़ रुपये की लागत से 274 सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे 314 बस्तियों को सीधा लाभ होगा।
  • पात्रता मानदंड (Census 2011): PMGSY-IV के तहत उन बस्तियों को जोड़ा जा रहा है जिनकी आबादी मैदानी इलाकों में 500+, उत्तर-पूर्वी/हिमालयी/विशेष क्षेत्रों में 250+ और वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित जिलों में 100+ है।
  • अभिसरण: यह चरण पीएम-जनमन (PM-JANMAN) और धर्ती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) जैसी योजनाओं के साथ मिलकर काम करेगा ताकि जनजातीय क्षेत्रों में ‘अंतिम मील तक कनेक्टिविटी’ सुनिश्चित हो सके।
  • हरित प्रौद्योगिकी का उपयोग: सड़कों के निर्माण में ‘कोल्ड मिक्स टेक्नोलॉजी’, ‘वेस्ट प्लास्टिक’ और ‘फ्लाई ऐश’ जैसी पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को प्राथमिकता दी जा रही है।
  • निगरानी प्रणाली: पारदर्शिता के लिए OMMAS (Online Management, Monitoring and Accounting System) और e-MARG जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ-साथ ‘थ्री-टियर क्वालिटी मॉनिटरिंग’ का उपयोग किया जा रहा है। 

योजना की शुरुआत:

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की आधिकारिक शुरुआत 25 दिसंबर 2000 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा की गई थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र संपर्क-विहीन बस्तियों को सभी मौसमों में उपयोगी (All-weather) सड़कों के माध्यम से जोड़ना था। 

पूर्ववर्ती चरणों की उपलब्धियां:

  • PMGSY चरण-I (2000-2022): 
    • लक्ष्य: 500+ आबादी वाले मैदानी क्षेत्रों और 250+ आबादी वाले पहाड़ी/जनजातीय क्षेत्रों को सड़क संपर्क प्रदान करना।
    • उपलब्धि: जुलाई 2025 तक, इस चरण के तहत स्वीकृत 1,63,339 बस्तियों में से 99.7% (1,62,818) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
    • महत्व: यह शुरुआत में 100% केंद्र प्रायोजित योजना थी, जिसने ग्रामीण विकास की बुनियादी नींव रखी। 
  • PMGSY चरण-II (2013-2022):
    • लक्ष्य: मौजूदा ग्रामीण सड़क नेटवर्क के 50,000 किलोमीटर का उन्नयन (Upgradation) करना ताकि परिवहन दक्षता में सुधार हो सके।
    • उपलब्धि: जनवरी 2023 तक इस चरण का 97% लक्ष्य हासिल कर लिया गया था।
    • विशेषता: इसमें वित्त पोषण का अनुपात केंद्र और राज्यों के बीच 75:25 (विशेष राज्यों के लिए 90:10) रखा गया था। 
  • PMGSY चरण-III (2019 – जारी):
    • लक्ष्य: ग्रामीण बाजारों (GrAMs), उच्च माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों को जोड़ने वाले 1,25,000 किलोमीटर मार्गों का सुदृढ़ीकरण करना।
    • प्रगति: दिसंबर 2025 तक, इस चरण के तहत 1,01,623 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। 
  • सड़क निर्माण: योजना की शुरुआत से अब तक कुल 8,25,114 किलोमीटर सड़कें स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 7,87,520 किलोमीटर (लगभग 95%) का निर्माण पूरा हो चुका है।
  • पुलों का निर्माण: अगस्त 2025 तक स्वीकृत 12,146 पुलों में से 9,891 पुल पूरे किए जा चुके हैं।
  • तकनीकी नवाचार: पारदर्शिता के लिए OMMAS और e-MARG जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा हरित तकनीक (Green Technology) का व्यापक उपयोग किया गया है।

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