बिनसर वन्यजीव अभयारण्य

संदर्भ:
हाल ही में उत्तराखंड के वन विभाग ने बिनसर वन्यजीव अभयारण्य (Binsar Wildlife Sanctuary) में पहली बार एक व्यापक वैज्ञानिक वन्यजीव गणना (Scientific Wildlife Census) अभियान शुरू किया।
बिनसर वन्यजीव अभयारण्य के बारे में:
- भौगोलिक स्थिति: यह अभयारण्य भारत के उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं प्रशासनिक मंडल के अल्मोड़ा जिले में स्थित है। यह अल्मोड़ा शहर से लगभग 30 से 33 किलोमीटर उत्तर में झंडी धार पहाड़ियों पर स्थित है।
- स्थापना: इस अभयारण्य को आधिकारिक रूप से 25 मई 1988 को वन्यजीव अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया था। इससे पूर्व वर्ष 1880 में इसे एक ‘आरक्षित वन’ (Reserve Forest) घोषित किया गया था।
- क्षेत्रफल: यह अभयारण्य 29° 39′ N से 29° 44′ N अक्षांश और 79° 41′ E से 79° 49′ E देशांतर के मध्य फैला है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 45.59 से 47.59 वर्ग किलोमीटर है।
- स्थलाकृति: इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 900 मीटर से लेकर 2,500 मीटर के बीच भिन्न है। इसकी स्थलाकृति अत्यधिक उबड़-खाबड़ है, जो तीखे कटक और गहरी घाटियों से निर्मित है।
- महत्व: 11वीं से 18वीं शताब्दी के दौरान यह क्षेत्र कुमाऊं के चंद राजवंश के शासकों की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में कार्य करता था। राजाओं द्वारा निर्मित प्राचीन महलों के अवशेष यहाँ आज भी मौजूद हैं।
- ब्रिटिश काल में कुमाऊं के तत्कालीन कमिश्नर सर हेनरी रामसे ने इसे अपना प्रशासनिक केंद्र बनाया था। उन्होंने यहाँ प्रसिद्ध ‘खाली एस्टेट’ (Khali Estate) और ग्रैंड ओक मैनर जैसी ऐतिहासिक इमारतों का निर्माण कराया था।
- नामकरण: स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस अभयारण्य का नाम यहाँ के घने जंगलों के बीच स्थित 16वीं शताब्दी के ऐतिहासिक बिनेश्वर महादेव मंदिर (Bineshwar Mahadev Temple) के नाम पर रखा गया है, जो भगवान शिव को समर्पित है।
- जलवायु: यहाँ की जलवायु समशीतोष्ण (Temperate) है। सर्दियों में औसत मासिक तापमान 2.2°C से 15.5°C और गर्मियों में 17.2°C से 26.6°C तक रहता है, जबकि औसत वार्षिक वर्षा लगभग 1,200 मिमी होती है।
- समृद्ध वनस्पति: ऊंचाई के अनुसार यहाँ विशिष्ट वनस्पतियाँ मिलती हैं। निचले क्षेत्रों (1600-1900 मीटर) में चीड़ (Chir Pine) के वन और ऊपरी क्षेत्रों (2100-2400 मीटर) में ओक (बांज) और देवदार के सघन वन हैं। वसंत ऋतु (मार्च-अप्रैल) में यहाँ बुरांश (Rhododendron) के चटक लाल फूल खिलते हैं।
- वन्यजीव: यहाँ का शीर्ष शिकारी गुलदार (Leopard) है। अन्य प्रमुख स्तनधारियों में हिमालयन काला भालू, काकड़ (Barking Deer), घुरल, सुमात्राण सेरो, कस्तूरी मृग, जंगली बिल्ली, भारतीय लाल लोमड़ी (Red Fox) और उड़ने वाली गिलहरी शामिल हैं।
- पक्षी विविधता के कारण बर्डलाइफ इंटरनेशनल (BirdLife International) ने इसे ‘इम्पॉर्टेंट बर्ड एरिया’ (IBA) घोषित किया है।
- यहाँ पक्षियों की 200 से अधिक प्रजातियाँ हैं, जिनमें उत्तराखंड का राज्य पक्षी ‘हिमालयन मोनाल’, कालिज तीतर और कोकलास तीतर मुख्य हैं।