माहे तोकपो-राल्डहो सिंचाई नहर

संदर्भ:
हाल ही में लद्दाख के नवनिर्मित चांगथांग (न्योमा) जिले में 14,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर ‘माहे तोकपो-राल्धो सिंचाई नहर’ (Mahey Tokpo-Raldho Irrigation Canal) का उद्घाटन किया गया।
माहे तोकपो-राल्धो सिंचाई नहर (Mahey Tokpo-Raldho Irrigation Canal):
- भौगोलिक अवस्थिति: यह सिंचाई नहर लद्दाख के सुदूर पूर्वी हिस्से में स्थित चांगथांग पठारी क्षेत्र के न्योमा प्रशासनिक संभाग के अंतर्गत आती है। यह परियोजना 14,000 फीट से अधिक की अत्यधिक ऊंचाई पर क्रियान्वित की गई है ।
- कुल लंबाई और आकार: इस मुख्य नहर की कुल लंबाई 2.10 किलोमीटर है। इसकी चौड़ाई और गहराई समान रूप से दो-दो फीट रखी गई है।
- शुरुआत: इस सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2022-23 में मंजूरी देकर काम शुरू किया गया था।
- इंजीनियरिंग डिजाइन: यह नहर पहाड़ों के साथ-साथ मुख्य सड़क से लगभग 200 फीट की ऊंचाई पर बनाई गई है।
- सुरक्षात्मक संरचना: अत्यधिक ठंडे मौसम, ठंढ (frost) और भूस्खलन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए इसमें पीसीसी लाइनिंग (Plain Cement Concrete – PCC Lining) और ब्रेस्ट वॉल (Breast Wall) का निर्माण किया गया है।
- मुख्य जल स्रोत: यह नहर लद्दाख की खूबसूरत और पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील याया झील (Yaya Tso) से पानी प्राप्त करती है।
महत्व:
- जल और खाद्य सुरक्षा: 14,000 फीट पर स्थित 100 एकड़ कृषि भूमि को विश्वसनीय पानी देकर जौ और स्थानीय सब्जियों का उत्पादन बढ़ाएगी।
- आजीविका और पश्मीना सुधार: चांगथांग के चांगपा खानाबदोश चरवाहों के लिए चारागाहों को समृद्ध कर पश्मीना बकरियों के पालन को बढ़ावा देगी।
- सीमांत बुनियादी ढांचा: चीन सीमा के करीब रणनीतिक न्योमा क्षेत्र में ‘जीवंत ग्राम कार्यक्रम’ के तहत ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी।
- पारिस्थितिक स्थिरता: नहर के साथ 15,000 पौधों का रोपण मिट्टी के कटाव को रोकेगा और शीत मरुस्थल के पर्यावरण को सुधारेगा।