हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026

संदर्भ:
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 (Henley Passport Index 2026) की नवीनतम रिपोर्ट में भारतीय पासपोर्ट 78वें स्थान पर है। वर्ष के आरंभ में भारतीय पासपोर्ट 75वें स्थान पर था, लेकिन वैश्विक रैंकिंग में अन्य देशों के नीतिगत बदलावों और गतिशील सुधारों के कारण मई 2026 के अपडेट में भारत का स्थान 78वां हो गया है।
सूचकांक की मुख्य विशेषताएं:
- नियामक संस्था: यह सूचकांक वैश्विक नागरिकता और आवासीय सलाहकार फर्म ‘हेनली एंड पार्टनर्स’ (Henley & Partners) द्वारा जारी किया जाता है।
- डेटा स्रोत: यह पूरी तरह से इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के विशेष और आधिकारिक डेटा पर आधारित है।
- मूल्यांकन का दायरा: इसमें कुल 199 विभिन्न पासपोर्ट और 227 यात्रा गंतव्यों (Destinations) को शामिल किया जाता है।
- स्कोरिंग प्रणाली: यदि किसी देश के नागरिक को गंतव्य पर जाने के लिए ‘पूर्व-प्रस्थान वीज़ा’ की आवश्यकता नहीं होती (वीज़ा-मुक्त या वीज़ा-ऑन-अराइवल), तो उसे 1 स्कोर मिलता है। यदि पारंपरिक वीज़ा या सरकारी मंज़ूरी की आवश्यकता होती है, तो 0 स्कोर मिलता है।
वैश्विक परिदृश्य 2026:
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रैंक |
देश |
वीज़ा-मुक्त गंतव्य संख्या |
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प्रथम (1st) |
सिंगापुर (Singapore) |
192 |
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द्वितीय (2nd) |
जापान, दक्षिण कोरिया, यूएई |
187 / 190 |
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78वां (78th) |
भारत (India) |
56 |
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अंतिम (101st) |
अफगानिस्तान (Afghanistan) |
24 |
दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के साथ तुलना:
भारत अपने अधिकांश दक्षिण एशियाई पड़ोसियों की तुलना में बेहतर स्थिति में है:
- मालदीव: 49वें स्थान पर (क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन)।
- चीन: 56वां स्थान।
- बांग्लादेश: 95वां स्थान।
- पाकिस्तान: 98वें स्थान पर मौजूद है।
भारतीय पासपोर्ट की स्थिति:
- वीज़ा-मुक्त पहुंच: भारतीय पासपोर्ट धारक वर्तमान में विश्व के 56 गंतव्यों में बिना पूर्व वीज़ा (वीज़ा-मुक्त, वीज़ा-ऑन-अराइवल या इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन-ETA) के यात्रा कर सकते हैं। इ
- स वर्ष भारत ने कुछ देशों (जैसे ईरान और बोलीविया) के संदर्भ में वीज़ा मुक्त रणनीतियों में उतार-चढ़ाव देखा है, जिसके कारण गंतव्यों की संख्या में आंशिक बदलाव दर्ज हुआ।
भू-राजनीतिक निहितार्थ:
- सॉफ्ट पावर का संकेतक: पासपोर्ट की शक्ति सीधे तौर पर देश की ‘सॉफ्ट पावर’ (Soft Power) और वैश्विक मंच पर उसकी विश्वसनीयता को दर्शाती है।
- पारस्परिक समझौते (Bilateral Agreements): भारत की 78वीं रैंक यह इंगित करती है कि देश को विकसित अर्थव्यवस्थाओं (यूरोपीय संघ, अमेरिका) के साथ अभी भी पारस्परिक वीज़ा छूट समझौतों (Visa Waiver Agreements) को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
- आर्थिक संबंध और प्रवासन (Migration Patterns): कमज़ोर या मध्यम पासपोर्ट प्रवासन नीतियों पर अन्य देशों के अविश्वास या अवैध प्रवासन (Illegal Migration) की चिंताओं को भी दर्शाता है।
- संवैधानिक दृष्टिकोण: भारतीय राजव्यवस्था (UPSC GS-2) के तहत, मेनका गांधी बनाम भारत संघ मामला (1978) ऐतिहासिक है। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने माना था कि “विदेश यात्रा का अधिकार” (Right to Travel Abroad) संविधान के अनुच्छेद 21 (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार) के अंतर्गत एक मौलिक अधिकार है।