लायन स्पीशीज स्पॉटलाइट कार्यक्रम

संदर्भ:
हाल ही में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने गुजरात के सासन गिर में ‘लायन’ स्पीशीज स्पॉटलाइट कार्यक्रम (Species Spotlight Programme ‘Lion’) का उद्घाटन किया।
लायन स्पीशीज स्पॉटलाइट कार्यक्रम:
यह अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA) शिखर सम्मेलन 2026 के पूर्व-शिखर सम्मेलन (Pre-Summit) गतिविधियों के तहत आयोजित एक प्रजाति-केंद्रित वैश्विक मंच है। इसके तहत भारत में पाई जाने वाली प्रमुख बिग कैट प्रजातियों (जैसे शेर, बाघ, तेंदुआ आदि) पर विषय-आधारित विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
उद्देश्य:
- वैश्विक स्थिति को रेखांकित करना: दुनिया भर में शेरों के सिकुड़ते आवास और घटती आबादी (वैश्विक गिरावट >30%) के कारणों पर चर्चा करना।
- भारतीय संरक्षण मॉडल का प्रदर्शन: भारत के सफल ‘गिर संरक्षण मॉडल’ और प्रोजेक्ट लायन (Project Lion) की उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना।
- चुनौतियों का समाधान: मानव-वन्यजीव संघर्ष, जलवायु परिवर्तन, आवास के दबाव और आनुवंशिक रोगों जैसी उभरती समस्याओं के लिए रणनीतियां बनाना।
- ज्ञान का आदान-प्रदान: शेर रेंज वाले देशों (Lion Range Countries) के बीच तकनीकी विशेषज्ञता, अनुसंधान और क्षमता निर्माण को साझा करना।
सहयोग:
- मंत्रालय: केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), भारत सरकार।
- राज्य सरकार: गुजरात सरकार और उसका वन विभाग।
- अंतर्राष्ट्रीय निकाय: इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) और विभिन्न देशों के प्रतिनिधि।
- स्थानीय समुदाय: स्थानीय मालधारी समुदाय, वन्यजीव विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और छात्र।
विशेषताएं:
- रणनीतिक स्थान: इसका आयोजन सौराष्ट्र (गुजरात) के सासन गिर में किया गया, जो एशियाई शेरों (Panthera leo persica) का दुनिया में एकमात्र प्राकृतिक आवास है।
- दस्तावेज़ीकरण: इस अवसर पर वैश्विक हितधारकों के मार्गदर्शन के लिए एक विशेष ‘लायन कंजर्वेशन ब्रोशर’ लॉन्च किया गया।
- तकनीकी एकीकरण: कार्यक्रम में शेरों की ट्रैकिंग के लिए SIMBA AI (सॉफ्टवेयर), e-GujForest ऐप, रेडियो कॉलरिंग और उन्नत जीआईएस (GIS) मैपिंग जैसी तकनीकों के सफल उपयोग को प्रदर्शित किया गया।
- वैकल्पिक आवास पर ध्यान: शेरों को प्राकृतिक महामारी से बचाने के लिए बरडा वन्यजीव अभ्यारण्य (Barda WLS) को दूसरे आवास के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
महत्व:
- पारिस्थितिक महत्व (Ecological Value): शेर एक शीर्ष शिकारी (Apex Predator) है। यह कार्यक्रम इसके संरक्षण के माध्यम से पूरे खाद्य जाल और शाकाहारी जीवों की आबादी को संतुलित रखने में मदद करता है।
- वैश्विक नेतृत्व (Global Leadership): जहां पूरी दुनिया में शेरों की आबादी घट रही है, वहीं भारत में 2020 से 2025 के बीच इनकी आबादी 32% बढ़कर 891 हो गई है। यह कार्यक्रम वन्यजीव कूटनीति (Wildlife Diplomacy) में भारत के नेतृत्व को स्थापित करता है।
- सतत विकास (Sustainable Development): यह “गिर मॉडल” के माध्यम से दुनिया को दिखाता है कि कैसे जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदाय की आर्थिक प्रगति (पारिस्थितिकी-पर्यटन के जरिए) एक साथ सह-अस्तित्व में रह सकते हैं।