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आव्रजन और विदेशी संशोधन नियम 2026 (Immigration and Foreigners Amendment Rules 2026)

आव्रजन और विदेशी संशोधन नियम 2026 (Immigration and Foreigners Amendment Rules 2026)

 

Immigration and Foreigners Amendment Rules 2026

संदर्भ:

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने आव्रजन और विदेशी (संशोधन) नियम, 2026 (Immigration and Foreigners Rules, 2026) को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित किया। 

  • यह संशोधन मूलत: गृह मंत्रालय द्वारा आव्रजन और विदेशी अधिनियम, 2025 (Immigration and Foreigners Act, 2025) की धारा 30 के तहत जारी किया गया है।

आव्रजन और विदेशी (संशोधन) नियम, 2026 के मुख्य बिंदु: 

  • 180 दिनों की नई सीमा: 180 दिन या उससे कम अवधि के वीजा पर भारत आने वाले विदेशी नागरिक यदि अपना प्रवास बढ़ाना चाहते हैं, तो उन्हें अब 180 दिन की अवधि समाप्त होने से पहले कभी भी पंजीकरण (Registration) कराना अनिवार्य होगा।
  • पुराने नियम का खात्मा: इससे पहले लागू नियम के अनुसार, विदेशियों को भारत आगमन के 180 दिन पूरे होने के बाद अगले 14 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने की छूट थी। अब इस ‘ग्रेश पीरियड’ को समाप्त कर दिया गया है। 
  • आपातकालीन परिस्थितियां (Emergent Circumstances): निर्धारित 180 दिनों की समयसीमा बीत जाने के बाद देर से किया जाने वाला पंजीकरण केवल असाधारण या आपातकालीन परिस्थितियों में ही स्वीकार किया जाएगा।
  • भारतीय माता-पिता को छूट: यदि किसी बच्चे के माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक है और वे बच्चे की भारतीय नागरिकता (Indian Citizenship) बनाए रखना चाहते हैं, तो उन पर विदेशी बच्चों के लिए अनिवार्य 30 दिनों का इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण नियम लागू नहीं होगा। 
  • विदेशी नागरिकता की स्थिति: यदि भारत में प्रवास के दौरान वह बच्चा आगे चलकर किसी विदेशी देश की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो माता-पिता को 30 दिनों के भीतर इसकी सूचना पंजीकरण अधिकारी (Registration Officer) को देना अनिवार्य होगा। 
  • 24-घंटे का रिपोर्टिंग नियम: विदेशी नागरिकों को ठहरने, इलाज या आवास की सुविधा देने वाले सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम या क्लीनिकों के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को मानकीकृत किया गया है। उन्हें विदेशी मरीजों से जुड़ी जानकारी अब 24 घंटे की सख्त समयसीमा के भीतर इमिग्रेशन अधिकारियों को साझा करनी होगी। 
  • डिजिटल अपील तंत्र: नागरिक उड्डयन या नागरिक प्राधिकरणों (Civil Authorities) द्वारा जारी किसी भी प्रतिकूल निर्देश या आदेश के खिलाफ अब पीड़ित व्यक्ति डिजिटल माध्यम से अपील दर्ज कर सकता है। 
  • समयसीमा और निस्तारण: ऐसी अपील आदेश प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर ‘कमिश्नर, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन’ (Commissioner, Bureau of Immigration) के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। 
    • कमिश्नर संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर देने के बाद 60 दिनों के भीतर तर्कसंगत आदेश (Reasoned Order) के साथ अपील का निपटारा करेंगे। 

महत्व:

आंतरिक सुरक्षा (Internal Security)

अवैध प्रवास (Illegal Migration) पर अंकुश लगाने और देश के भीतर विदेशी नागरिकों की वास्तविक समय में ट्रैकिंग सुनिश्चित करने में सहायक।

प्रशासनिक दक्षता (Governance)

भौतिक कागजी कार्रवाई की जगह डिजिटल अनुपालन और पारदर्शी डिजिटल अपील तंत्र से ‘ईज ऑफ ट्रैवलिंग’ और प्रशासनिक जवाबदेही को बढ़ावा।

वैदेशिक संबंध (Foreign Relations)

वैध विदेशी पर्यटकों, चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism) के लिए आने वाले लोगों और भारतीय प्रवासियों के परिवारों के लिए प्रक्रियाओं को अधिक सुस्पष्ट बनाना।

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