भारत इनोवेट्स 2026 कार्यक्रम (Bharat Innovates 2026)
संदर्भ:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस शहर में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ (Bharat Innovates 2026) कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
भारत इनोवेट्स (Bharat Innovates) कार्यक्रम क्या है?
- परिचय: भारत इनोवेट्स भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) की एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल है, जिसे भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) के रणनीतिक मार्गदर्शन में तैयार किया गया है।
- यह भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs), अनुसंधान प्रयोगशालाओं और डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों, बहुराष्ट्रीय निगमों और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने वाला एक ‘ग्लोबल एक्सीलरेटर’ (Global Accelerator) प्लेटफॉर्म है।
- इसका अंतर्राष्ट्रीय चरण 14 से 16 जून 2026 को फ्रांस के नीस (Nice) शहर स्थित ‘पैलेस डेस एक्सपोजिशन्स’ में आयोजित किया गया।
- शुरुआत: भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष की घोषणा और इस कार्यक्रम की आधारशिला दोनों नेताओं द्वारा फरवरी 2026 में मुंबई में आयोजित ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट’ के दौरान रखी गई थी।
- उद्देश्य: भारतीय डीप-टेक नवाचारों और स्टार्टअप्स को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करना।
- घरेलू नवोन्मेषकों को वैश्विक वेंचर कैपिटल (VC) फर्मों और कॉर्पोरेट निवेशकों से जोड़कर सीमा-पार निवेश को सुगम बनाना।
- भारत और वैश्विक हितधारकों के बीच अनुसंधान-संचालित उद्यमिता, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (Technology Transfer) और संयुक्त विकास को बढ़ावा देना।
- उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) से निकलने वाले अत्याधुनिक आरएंडडी (R&D) आधारित नवाचारों का व्यावसायीकरण (Commercialization) करना।
Innovation Program India की मुख्य विशेषताएं:
- प्रथम अंतर्राष्ट्रीय संस्करण: यह पहली बार है जब भारत सरकार ने घरेलू स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रदर्शित करने के लिए भारत से बाहर (फ्रांस में) 2026 में ‘भारत इनोवेट्स’ के वैश्विक प्रदर्शन का आयोजन किया है।
- आयोजक संस्थाएं: इस मंच का नेतृत्व भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (Union Ministry of Education) और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) के सहयोग से किया गया है।
- विशाल भागीदारी: इस सम्मेलन में भारत के 120 से अधिक अग्रणी डीप-टेक स्टार्टअप्स, 15 से अधिक उत्कृष्टता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थान (जैसे IITs) और दुनिया भर के 500 से अधिक शीर्ष निवेशकों व मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) ने भाग लिया।
- 13 रणनीतिक क्षेत्र (13 Critical Pillars): यह आयोजन एडवांस कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (Space Tech), जैव प्रौद्योगिकी (Biotech), रक्षा, उन्नत सामग्री (Advanced Materials), स्वास्थ्य सेवा और हरित ऊर्जा (Green Energy) जैसे 13 प्रमुख उभरते तकनीकी क्षेत्रों पर केंद्रित है।
- चयन प्रक्रिया: इसमें शामिल होने वाले स्टार्टअप्स का चयन भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय तकनीकी निरीक्षण समिति द्वारा कड़े मापदंडों के आधार पर किया गया।
- लक्ष्य: भारत को केवल तकनीक अपनाने वाले देश से बदलकर वैश्विक समाधान प्रदाता (Global Solution Provider) और अग्रणी प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करना।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और फ्रंटियर प्रौद्योगिकियों का ऐसा उपयोग सुनिश्चित करना जो समावेशी हो और जिसका लक्ष्य सिर्फ वित्तीय मूल्यांकन (Valuation) न होकर ‘मानवता के लिए कल्याण’ (Technology for Humanity) हो।
इस Startup Innovation Initiative का महत्व:
- भारत-फ्रांस साझेदारी का विस्तार: यह कार्यक्रम ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026’ (India-France Year of Innovation 2026) के तहत आयोजित किया गया है। यह दोनों देशों के संबंधों को पारंपरिक रक्षा व व्यापार से आगे ले जाकर डिजिटल और फ्रंटियर टेक्नोलॉजी कूटनीति (Tech Diplomacy) के नए युग में ले जाता है।
- विकसित भारत @2047 की ओर कदम: डीप-टेक और आरएंडडी-आधारित नवाचारों को बढ़ावा देकर यह कार्यक्रम भारत के आर्थिक और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को सुदृढ़ करता है।
- ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में सुधार: वैश्विक मंचों पर भारतीय प्रतिभा का यह सीधा प्रदर्शन वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत की रैंकिंग को और बेहतर बनाने में मदद करेगा।
- भारत वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है, जिसमें 2 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप वैश्विक अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं.
FAQs:
1. भारत इनोवेट्स 2026 कार्यक्रम क्या है?
यह शिक्षा मंत्रालय का एक वैश्विक एक्सीलेटर कार्यक्रम है, जो भारत के डीप-टेक नवाचारों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है।
2. इसका उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों के सर्वश्रेष्ठ तकनीकी स्टार्ट-अप्स को वैश्विक निवेशकों और नीति निर्माताओं से जोड़ना है।
3. इसमें कौन भाग ले सकता है?
इसमें भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs), अनुसंधान केंद्रों और केंद्रीय वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों के स्टार्ट-अप्स भाग ले सकते हैं।
4. नवाचार को बढ़ावा देने में इसकी क्या भूमिका है?
यह मेंटरशिप, अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी और उद्योग-अकादमिक सहयोग (Bridges) के माध्यम से देश में एक उन्नत वैश्विक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र बनाता है।
5. यह कार्यक्रम स्टार्टअप्स को कैसे लाभ पहुंचाएगा?
यह स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार तक पहुंच, फंडिंग के अवसर, पेटेंट सत्यापन और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से सीधे संपर्क का लाभ देगा।
