आर्मी यूनिफॉर्म 2026 मैनुअल जारी (Army Uniform 2026 Manual Released)
संदर्भ:
हाल ही में भारतीय सेना ने ‘आर्मी यूनिफॉर्म्स-2026 मैनुअल’ (Army Uniforms 2026 Manual) जारी किया है। लगभग आठ वर्षों के बाद हुआ यह व्यापक संशोधन (Comprehensive Revision) भारतीय सैन्य बलों में ‘औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति’ (De-colonialization) के संकल्प को दर्शाता है।
Army Uniforms 2026 Manual के अन्तर्गत मुख्य नीतिगत बदलाव:
- ‘रॉयल’ शब्दावली की समाप्ति (Elimination of ‘Royal’ Terminology): सेना के आधिकारिक ड्रेस नियमों, संदर्भों और प्रतीकों से ब्रिटिश हुकूमत की याद दिलाने वाले “Royal” जैसे पुराने शब्दों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
- तलवार की अनिवार्यता खत्म (Optional Swords on Parade): परेड के दौरान निरीक्षण करने वाले अधिकारियों (Reviewing Officers) के लिए तलवार (Sword) धारण करना अब वैकल्पिक बना दिया गया है। इसका उपयोग केवल विशिष्ट समारोहों तक सीमित रहेगा।
- पाउच बेल्ट में संशोधन (Removal of Pouch Belts): मेस ड्रेस नंबर 5 और 6 से पारंपरिक चमकीली पाउच बेल्ट (Pouch Belts) को हटा दिया गया है। हालांकि, कर्नल रैंक तक के चुनिंदा रेजिमेंटल (जैसे आर्मर्ड कोर, आर्टिलरी) अधिकारी कोर कार्यक्रमों में इसे पहन सकेंगे।
- एकसमान यूनिफॉर्म नंबरिंग सिस्टम (Common Uniform Numbering System): थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच परिचालन तालमेल बढ़ाने के लिए एक समान ड्रेस नंबरिंग प्रणाली लागू की गई है।
स्वदेशी परिधान और विंटर अपग्रेड:
| ड्रेस कोड श्रेणी | नए मैनुअल के तहत प्रावधान | प्रभाव |
| सिविल फॉर्मल ड्रेस (Civil Formal Dress) | भारतीय पारंपरिक ‘बंदी जैकेट’ (Bandi Jacket/Modi Jacket) को आधिकारिक रूप से शामिल किया गया। | पश्चिमी लाउंज सूट और टाई की अनिवार्यता समाप्त। इसे फुल-स्लीव शर्ट और फॉर्मल ट्राउजर के साथ पहना जाएगा। |
| विंटर वर्किंग ड्रेस (Winter Working Dress – Dress 3B) | सभी रैंकों के लिए अंगोला शर्ट (Angola Shirt) और नई ‘बैटल जैकेट’ (Battle Jacket) पेश की गई। | द्वितीय विश्व युद्ध के समय से चली आ रही पुरानी जर्सी आधारित ‘ड्रेस 3A’ (Dress No. 3A) को 30 जून 2029 तक पूरी तरह चरणबद्ध तरीके से हटा दिया जाएगा। |
ग्रूमिंग और अनुशासन के कड़े मानक:
- मूंछों की लंबाई (Mustache Length): सैनिकों और अधिकारियों की मूंछों का आकार 12 सेंटीमीटर से अधिक नहीं हो सकता।
- टैटू और पियर्सिंग (Tattoos & Body Piercings): ड्यूटी के दौरान दृश्यमान शरीर के अंगों पर टैटू बनवाने और बॉडी पियरशिंग पर पूर्ण प्रतिबंध है।
- गैजेट्स और एक्सेसरीज (Accessories Restrictions): वर्दी में रहते हुए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का प्रदर्शन, परफ्यूम/डीओ का उपयोग और ब्रेसलेट पहनने पर पाबंदी रहेगी। केवल धार्मिक अनुष्ठान के दिन कलाई पर ‘कलावा/मौली’ बांधने की अस्थायी छूट होगी।
- धार्मिक प्रतीक (Religious Symbols): सैन्य नियमों के तहत स्थापित परंपरा के अनुसार केवल सिख सैनिकों को छोड़कर किसी अन्य रैंक को सेवा के दौरान धार्मिक चिह्न प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं होगी।
महिला अधिकारियों हेतु नियम:
- औपचारिक कार्यक्रमों (Civil Formals) के लिए सौम्य रंगों (Sober Colours) की साड़ी या कुर्ता-सलवार (दुपट्टे और एंकल-लेंथ स्ट्रेट पैंट के साथ) को आधिकारिक मान्यता दी गई है。
- आधुनिक नागरिक फैशन जैसे स्लीवलेस कुर्ता, प्लाजो या सिगरेट पैंट पहनने पर सख्त रोक है।
- वर्दी में दृश्यमान मेकअप, लिपस्टिक, रंगीन नेल पॉलिश, बिंदी और नोज़ पिन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
- महिला कर्मी सिंदूर लगा सकती हैं, बशर्ते वह बेरेट (Beret) या पीक कैप (Peak Cap) पहनने के बाद बाहर से दिखाई न दे।
महत्व:
- सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और वि-उपनिवेशीकरण (Cultural Nationalism & Decolonization): यह कदम ‘पंच प्राण’ (Pranch Pran) के तहत ‘गुलामी की मानसिकता से मुक्ति’ के राष्ट्रीय लक्ष्य की पुष्टि करता है।
- प्रशासनिक एकरूपता (Administrative Uniformity): त्रि-सेवा (Tri-Services) कॉमन नंबरिंग सिस्टम ‘थिएटर कमान’ (Theatre Commands) की दिशा में संयुक्त कौशल (Jointness) को बढ़ावा देता है।
FAQs:
1. Army Uniforms 2026 Manual क्या है?
यह भारतीय सेना की एडजुटेंट जनरल ब्रांच द्वारा जारी 174 पन्नों का नया आधिकारिक दस्तावेज है, जो सैन्य वर्दी और ग्रूमिंग के नए नियमों को तय करता है।
2. नई यूनिफॉर्म गाइडलाइन में क्या बदलाव हुए हैं?
ब्रिटिशकालीन ‘रॉयल’ शब्द और पुरानी जर्सी (Dress 3A) हटेगी, तलवार वैकल्पिक होगी और पारंपरिक भारतीय ‘बंदी जैकेट’ तथा नई बैटल जैकेट शामिल की गई है।
3. यह नियम किन पर लागू होंगे?
यह नियम भारतीय थल सेना (Indian Army) के सभी रैंकों के सैन्य अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों (JCOs) और अन्य सभी जवानों पर लागू होंगे।
4. भारतीय सेना ने यह मैनुअल क्यों जारी किया?
सेना ने लगभग आठ वर्षों के बाद वर्दी नियमों को आधुनिक सुरक्षा जरूरतों, ग्रूमिंग मानकों और तीनों सेनाओं के बीच लॉजिस्टिक्स तालमेल को सुधारने के लिए जारी किया।
5. इसका उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य सेना से औपनिवेशिक प्रतीकों (Colonial Legacies) को पूरी तरह समाप्त करना और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत स्वदेशी सैन्य पहचान को मजबूत करना है।
