स्वदेशी असॉल्ट राइफल UGRAM
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संदर्भ:
हाल ही में स्वदेशी असॉल्ट राइफल ‘उग्रम’ (UGRAM Assault Rifle) ने भारतीय सेना के कड़े जनरल स्टाफ क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट (GSQR) परीक्षणों और गृह मंत्रालय बोर्ड (MHA) के कड़े मूल्यांकनों को सफलतापूर्वक पास किया।
UGRAM Assault Rifle के बारे में:
- परिचय: ‘उग्रम’ (UGRAM) एक अत्याधुनिक 7.62×51 मिमी कैलिबर की स्वदेशी असॉल्ट राइफल (Indigenous Assault Rifle) है।
- संस्कृत शब्द ‘उग्रम’ से प्रेरित इस हथियार का अर्थ “भयंकर या क्रूर” होता है, जो इसकी मारक क्षमता को सटीक रूप से परिभाषित करता है।
- भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया डिफेंस’ (Make in India Defence) और ‘आत्मनिर्भर भारत’ दृष्टिकोण को गति देते हुए इस राइफल को रिकॉर्ड 100 दिनों के भीतर डिजाइन और निर्मित किया गया था।
- सहयोगात्मक प्रयास: उग्रम राइफल (UGRAM Rifle) को DRDO ARDE ने हैदराबाद स्थित द्विपा डिफेंस के साथ मिलकर तैयार किया है।
- घरेलू विनिर्माण: द्विपा डिफेंस ने तेलंगाना सरकार द्वारा आवंटित 13 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र स्थापित किया है, जिससे शत-प्रतिशत ‘मेड इन इंडिया राइफल’ (Made in India Rifle) का उत्पादन सुनिश्चित हो रहा है।
तकनीकी विशेषताएं:
उग्रम आधुनिक पैदल सेना के हथियार (Infantry Weapon) और सैन्य उपकरणों (Military Equipment) के सभी वैश्विक मानकों को पूरा करती है:
- गैस-ऑपरेटेड रोटेटिंग बोल्ट: यह राइफल आधुनिक गैस-ऑपरेटेड रोटेटिंग बोल्ट मैकेनिज्म पर काम करती है, जो इसकी फायरिंग निरंतरता और विश्वसनीयता को बढ़ाता है।
- वजन और डिजाइन: अत्यधिक टिकाऊ और रफ-टफ परिस्थितियों के लिए स्टील से निर्मित होने के बावजूद इसका वजन 4 किलोग्राम से भी कम है, जिससे सैनिकों के लिए इसे संभालना बेहद आसान है।
- कैलिबर और मारक क्षमता: यह पुरानी 5.56 मिमी INSAS राइफल के विपरीत अधिक शक्तिशाली 7.62×51 मिमी कारतूस का उपयोग करती है। इसकी प्रभावी मारक क्षमता (Effective Range) 500 मीटर है।
- फायरिंग मोड और मैगजीन: इसमें सिंगल और फुल-ऑटोमैटिक दोनों फायरिंग मोड दिए गए हैं, जिसमें 20-राउंड की मजबूत मैगजीन का उपयोग होता है।
सेना और गृह मंत्रालय के परीक्षण:
- विविध मौसम मूल्यांकन: उग्रम ने अत्यधिक कड़ाके की ठंड (हाई-अल्टीट्यूड), भीषण गर्मी और यहाँ तक कि पानी के भीतर (अंडरवॉटर) की स्थितियों में अपनी सटीकता और सहनशक्ति साबित की है।
- सटीकता और स्थायित्व: लगातार हजारों राउंड की फायरिंग के बाद भी राइफल के गर्म होने की दर (Heating Rate) और बुलेट इम्पैक्ट का वितरण मानकों के सर्वथा अनुकूल पाया गया।
महत्व:
- INSAS का विकल्प: यह राइफल लंबे समय से सुरक्षा बलों द्वारा उपयोग की जा रही पुरानी और कम मारक क्षमता वाली 5.56 मिमी INSAS राइफलों की जगह लेगी।
- ‘शूट टू किल’ डॉक्ट्रिन: आधुनिक युद्ध परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय सेना अब घायलों को पंगु बनाने (Incapacitate) की पुरानी रणनीति को बदलकर सीधे दुश्मन को ढेर करने (‘Shoot to Kill’) की टर्मिनल कैलिबर रणनीति पर लौट रही है, जिसमें उग्रम पूरी तरह फिट बैठती है।
- आयात पर निर्भरता कम: वर्तमान में सेना अमेरिका से आयातित SIG Sauer-716 राइफलों का उपयोग कर रही है। स्वदेशी उग्रम के आने से विदेशी हथियारों पर निर्भरता और अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
- सुरक्षा बलों में व्यापक खरीद: परीक्षण पास होने के बाद अब गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) द्वारा इसकी बड़े पैमाने पर खरीद (Procurement) की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
FAQs:
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UGRAM असॉल्ट राइफल क्या है?
उग्रम एक अत्याधुनिक, स्वदेशी 7.62×51 मिमी कैलिबर की बैटल/असॉल्ट राइफल है, जो 4 किग्रा से कम वजन और 500 मीटर की मारक क्षमता से लैस है।
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UGRAM राइफल किसने विकसित की है?
इसे DRDO की प्रयोगशाला ARDE (पुणे) और निजी क्षेत्र की रक्षा कंपनी द्विपा डिफेंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।
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भारतीय सेना के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह आयातित राइफलों पर निर्भरता खत्म कर आत्मनिर्भरता बढ़ाती है और सेना की पुरानी पड़ चुकी 5.56 मिमी INSAS राइफलों का एक शक्तिशाली, घातक और आधुनिक स्वदेशी विकल्प बनती है।
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UGRAM की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
यह गैस-ऑपरेटेड रोटेटिंग बोल्ट सिस्टम पर आधारित है, इसमें 20-राउंड मैगजीन है, तथा यह भीषण ठंड, गर्मी और पानी के भीतर भी सटीक फायरिंग करने में सक्षम है।
