किसानों के सशक्तिकरण हेतु PRAGATI पहल का शुभारंभ
संदर्भ:
हाल ही में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय ‘प्रगति’ पहल (PRAGATI Initiative) का शुभारंभ किया।
PRAGATI पहल क्या है?
- परिचय: ‘प्रगति’ (PRAGATI – Productive Rural Agri-entrepreneurship for Growth And Transformation Initiative) ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली एक बहु-साझेदार (Multi-Stakeholder) राष्ट्रीय योजना है।
- यह योजना ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी (Agri-Entrepreneur) बनाकर देश के 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों की आय और उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित है।
- सहयोग: यह पहल निजी-सार्वजनिक भागीदारी (PPP Model) मॉडल पर आधारित है, जिसमें सरकार के साथ PepsiCo Foundation, SBI Foundation (SBIF), Gates Foundation, और Heifer International जैसी दिग्गज वैश्विक संस्थाएं सहयोगी ईकोसिस्टम का निर्माण कर रही हैं।
- लक्ष्य: इसका प्राथमिक विजन वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के तहत समृद्ध गाँव और सशक्त किसान (Farmers Empowerment) तैयार करना है।
- कृषि-उद्यमी तैयार करना: देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 20,000 नए ग्रामीण युवाओं को कुशल कृषि-उद्यमी के रूप में प्रशिक्षित करना।
- किसानों की आय में वृद्धि: भाग लेने वाले छोटे भारतीय किसानों (Indian Farmers) की शुद्ध आय में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज करना।
- उत्पादकता को बढ़ावा: आधुनिक तकनीकों के समन्वय से प्रमुख फसलों की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में 15-20 प्रतिशत तक का सुधार लाना।
- पुनर्योजी और टिकाऊ कृषि: मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए जलवायु-अनुकूल और पुनर्योजी कृषि (Regenerative Farming) को 20% किसानों तक पहुँचाना।
- कार्यान्वयन: ग्रामीण विकास (Rural Development) को गति देने के लिए इस योजना का कार्यान्वयन सुव्यवस्थित ढांचे के तहत किया जाएगा:
- 45 दिवसीय गहन प्रशिक्षण: चयनित ग्रामीण युवाओं को ग्लोबल एग्री एंटरप्रेन्योरशिप एकेडमी के माध्यम से 45 दिनों का व्यावहारिक तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- उद्यमी-नेतृत्व वाले कियोस्क: प्रशिक्षण के बाद ये युवा गाँवों में जाकर अपना ‘कृषि-उद्यमी कियोस्क’ (Kiosk) स्थापित करेंगे। प्रत्येक उद्यमी 100 से 200 स्थानीय किसानों को सीधे सेवा प्रदान करेगा।
- आठ लक्षित राज्य: प्रथम चरण में इस योजना को देश के 8 प्रमुख कृषि प्रधान राज्यों में लागू किया जा रहा है: उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम और झारखंड।
- नवीनता: खेती की लागत कम करने के लिए प्रगति पहल डिजिटल कृषि (Digital Agriculture) और नवोन्मेष (Farm Innovation) पर आधारित हैं:
- सटीक खेती और ड्रोन तकनीक: किसानों को बुवाई से लेकर कटाई तक आधुनिक कृषि यंत्रीकरण (Mechanisation) और ड्रोन आधारित सेवाओं की सुलभ पहुंच प्रदान किया जाएगा।
- मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन: मिट्टी के घटते पोषक तत्वों को बचाने के लिए रीयल-टाइम सॉइल टेस्टिंग और नैनो उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
- स्मार्ट वित्तीय समावेशन: सहयोगी बैंकों (जैसे SBI) के माध्यम से 50% से अधिक संबद्ध छोटे किसानों को आसान कृषि ऋण (KCC) और फसल बीमा योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
- महत्व:
- मूल्य संवर्धन (Value Addition): पारंपरिक खेती से इतर किसानों को खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) और स्थानीय स्तर पर ग्रेडिंग-पैकेजिंग से जोड़ा जाएगा जिससे सीधे बाजार पहुंच (Market Linkages) मजबूत होगी।
- स्थानीय रोजगार: गाँवों के युवाओं का शहरों की ओर पलायन रुकेगा क्योंकि वे अपने ही क्षेत्र में रहकर सम्मानजनक आजीविका कमा सकेंगे।
FAQs:
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PRAGATI पहल क्या है?
यह जुलाई 2026 में केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा लॉन्च की गई एक बहु-साझेदार राष्ट्रीय कृषि-उद्यमिता और किसान सशक्तिकरण पहल है।
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इस पहल का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य 20,000 ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी बनाना और 20 लाख छोटे किसानों की आय में 30% वृद्धि करना है।
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किसानों को इससे क्या लाभ मिलेगा?
किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, कृषि मशीनीकरण, सॉइल टेस्टिंग, लोन-बीमा सुविधाएं और प्रत्यक्ष बाजार संपर्क का लाभ मिलेगा।
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PRAGATI योजना किन किसानों के लिए है?
यह मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान सहित 8 राज्यों के छोटे और सीमांत (Smallholder) किसानों के लिए है।
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कृषि क्षेत्र में यह पहल कैसे बदलाव लाएगी?
यह खेती की लागत घटाकर, उत्पादकता 15-20% बढ़ाकर और गांवों में निजी निवेश व डिजिटल कृषि को बढ़ावा देकर बदलाव लाएगी।
