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भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक समझौता

भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक समझौता

India-Indonesia Strategic Agreement

संदर्भ:

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों (Bilateral Relations) को ऐतिहासिक गति देते हुए कुल 20 बड़े रक्षा, रणनीतिक और तकनीकी समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। 

  • इस दौरान दोनों देशों ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को और अधिक मजबूत करने तथा एक स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। 

भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक समझौते के मुख्य बिंदु:

भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक साझेदारी (India Indonesia Partnership) को प्रगाढ़ करने वाले सभी महत्वपूर्ण रक्षा, वाणिज्यिक और ढांचागत समझौते निम्नलिखित हैं:

क) रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग (Defence & Maritime Security)

  1. ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली खरीद समझौता: इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय और ब्रह्मोस एयरोस्पेस के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos Missile System) की दो बैटरियों की आपूर्ति के लिए वाणिज्यिक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। 
  2. अस्त्र (Astra Mk-1) मिसाइल सौदा: भारत डायनमिक्स लिमिटेड (BDL) और इंडोनेशिया की रिपब्लिकॉर्प (Republikorp) के बीच इंडोनेशियाई वायु सेना के Su-30 लड़ाकू विमानों के लिए बियॉन्ड-विजुअल-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (Astra Mk-1 BVR Missile) के एकीकरण और आपूर्ति का समझौता हुआ। 
  3. सबंग बंदरगाह का संयुक्त विकास: दोनों देशों ने रणनीतिक रूप से मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) के मुहाने पर स्थित सबंग पोर्ट (Sabang Port) के एकीकृत विकास (समुद्री उद्योग और अपतटीय ऊर्जा सेवाओं) पर सहयोग को अंतिम रूप दिया। 
  4. तटरक्षक (Coast Guard) सहयोग का विस्तार: भारत और इंडोनेशिया के तटरक्षक बलों के बीच समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA), खोज एवं बचाव अभियानों तथा नौवहन की स्वतंत्रता के लिए सहयोग का नवीनीकरण।
  5. सम्पर्क अधिकारी (Liaison Officer) की तैनाती: समुद्री सूचनाओं के रीयल-टाइम साझाकरण के लिए इंडोनेशिया भारत के ‘इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन’ (IFC-IOR) में अपना एक सैन्य सम्पर्क अधिकारी तैनात करेगा।
  6. आतंकवाद विरोधी तंत्र: आतंकवाद, टेरर फाइनेंसिंग, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने पर विशेष समझौता (MoU on Counterterrorism)। 

ख) खनिज, उद्योग और व्यापारिक आपूर्ति श्रृंखला (Critical Minerals & Trade)

  1. क्रिटिकल मिनरल्स निवेश ढांचा: इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए आवश्यक निकल (Nickel) और बॉक्साइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के निष्कर्षण तथा प्रसंस्करण में भारत द्वारा इंडोनेशिया में बड़े निवेश का समझौता।
  2. स्टील उत्पादन हेतु रणनीतिक संयुक्त उद्यम: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) और इंडोनेशिया की पीटी क्राकाटाउ स्टील (PT Krakatau Steel) के बीच इंडोनेशिया में स्टेनलेस स्टील स्लैब निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए ज्वाइंट वेंचर। 
  3. दुर्लभ-पृथ्वी चुंबक (Rare-Earth Magnets) साझेदारी: दूरसंचार और स्थायी उद्योगों के लिए प्रयुक्त होने वाले रेयर-अर्थ स्थायी चुंबक के विनिर्माण हेतु एक औद्योगिक साझेदारी का गठन।
  4. AITIGA समीक्षा में तेजी: दोनों देशों ने भारत-आसियान वस्तु व्यापार समझौते (AITIGA) की समीक्षा को जल्द पूरा करने और द्विपक्षीय व्यापार बाधाओं को दूर करने पर सहमति जताई। 

ग) डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और दूरसंचार (Digital Technology & Telecom)

  1. UPI और इंडोनेशियाई भुगतान प्रणाली का एकीकरण: भारत के यूपीआई (UPI) को इंडोनेशिया के डिजिटल भुगतान नेटवर्क से जोड़ने का ऐतिहासिक समझौता, जिससे व्यापार और पर्यटन सुगम होगा।
  2. डिजिटल कॉमर्स सहयोग (ONDC-ION): भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) और इंडोनेशिया के ओपन नेटवर्क (ION) के बीच डिजिटल वाणिज्य को बढ़ावा देने का समझौता।
  3. दूरसंचार और ब्रॉडबैंड अवसंरचना: दोनों देशों के बीच दूरसंचार सेवाओं, ब्रॉडबैंड इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेक्ट्रम प्रबंधन में तकनीकी सहयोग का समझौता।
  4. अंतरिक्ष अन्वेषण एवं शांतिपूर्ण उपयोग: भारत के इसरो (ISRO) और इंडोनेशिया की राष्ट्रीय अनुसंधान एवं नवाचार एजेंसी (BRIN) के बीच बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण अन्वेषण और उपग्रह डेटा साझाकरण का समझौता।
  5. निर्वाचन प्रबंधन और EVM सहयोग: भारत के चुनाव आयोग द्वारा इंडोनेशिया के लिए विशेष इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने और चुनाव प्रबंधन मॉडल को साझा करने का समझौता।

घ) स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति (Healthcare, Education & Culture)

  1. IIM बैंगलोर का विदेशी परिसर: इंडोनेशिया के सिंघासारी विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बैंगलोर का एक अंतरराष्ट्रीय शाखा परिसर स्थापित करने का समझौता।
  2. फार्मास्युटिकल विनियमन और चिकित्सा उत्पाद: दोनों देशों के चिकित्सा नियामक प्राधिकरणों के बीच फार्मा दवाओं की त्वरित मंजूरी और गुणवत्ता नियंत्रण पर समझौता।
  3. हेल्थकेयर कार्यबल विकास: दोनों देशों के बीच डॉक्टरों, नर्सों और तकनीकी स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण तथा विनिमय का ढांचागत समझौता।
  4. प्रमबाणन (Prambanan) हिंदू मंदिर का संरक्षण: यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रमबाणन मंदिर परिसर (Yogyakarta) के जीर्णोद्धार और संयुक्त संरक्षण कार्यों की आधिकारिक शुरुआत।
  5. सांस्कृतिक और शैक्षणिक अनुसंधान सहयोग: स्टार्टअप्स, संयुक्त अनुसंधान और अनुसंधान संस्थानों के बीच द्विपक्षीय नवाचार व कूटनीति (Cultural Diplomacy) को बढ़ावा देने का साझा समझौता।

प्रभाव:

  • भारत बना प्रमुख हथियार निर्यातक: फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा आसियान (ASEAN) देश बन गया है। इसके साथ ही, भारत में पूरी तरह स्वदेशी तौर पर विकसित ‘अस्त्र मिसाइल’ (Astra Mk-1) का इंडोनेशिया पहला वैश्विक निर्यात ग्राहक (First Export Customer) बना है।
  • रणनीतिक सबंग पोर्ट: भारत के अपकमिंग ‘ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट’ से मात्र 100 मील दूर स्थित ‘सबंग पोर्ट’ का विकास कूटनीतिक रूप से चीन के ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ का मुकाबला करने में भारतीय नौसेना को हिंद महासागर के पूर्वी छोर पर एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।
  • भारत को लाभ: भारत को वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय रक्षा आपूर्तिकर्ता के रूप में पहचान मिली है। इसके अतिरिक्त, सेमीकंडक्टर और ईवी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण निकल और रेयर-अर्थ खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला (Resilient Supply Chain) हासिल होगी।
  • इंडोनेशिया को लाभ: इंडोनेशिया को रूस-निर्मित सुखोई (Su-30) बेड़े के लिए बिना किसी पश्चिमी निर्भरता के अत्याधुनिक अस्त्र मिसाइलें मिलेंगी। साथ ही, भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (UPI, ONDC) की मदद से इंडोनेशिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी। 

FAQs:

  1. भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक समझौता क्या है?

    जुलाई 2026 में पीएम मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित 20 प्रमुख समझौतों का समूह है, जो रक्षा, व्यापार, अंतरिक्ष, डिजिटल कनेक्टिविटी और संस्कृति पर केंद्रित है।

  2. इस समझौते के प्रमुख बिंदु क्या हैं?

    प्रमुख बिंदुओं में ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों की आपूर्ति, सबंग पोर्ट का संयुक्त विकास, UPI का एकीकरण, निकल-स्टील सप्लाई चेन और जकार्ता में IIM बैंगलोर परिसर की स्थापना शामिल है।

  3. दोनों देशों को इससे क्या लाभ होगा?

    भारत का रक्षा निर्यात और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में प्रभाव बढ़ेगा, जबकि इंडोनेशिया को उन्नत तकनीक, मजबूत डिजिटल अर्थव्यवस्था और क्रिटिकल मिनरल्स के लिए बड़ा भारतीय निवेश मिलेगा।

  4. रक्षा सहयोग में क्या नई पहल हुई है?

    इंडोनेशिया भारत की स्वदेशी अस्त्र मिसाइल (Astra Mk-1) खरीदने वाला पहला देश बना है, और दोनों देश मिलकर रणनीतिक मलक्का जलडमरूमध्य के पास सबंग बंदरगाह का विकास कर रहे हैं।

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