South Asian Association for Regional Cooperation – जानिए SAARC के बारे में, सदस्य देश और महत्व
संदर्भ:
हाल ही में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (South Asian Association for Regional Cooperation – SAARC) को फिर से सक्रिय करने की आवश्यकता पर बल देते हुए सदस्य देशों से आपसी मतभेद सुलझाने की अपील की।
सार्क (South Asian Association for Regional Cooperation – SAARC) क्या है?
- परिचय: सार्क (SAARC) दक्षिण एशिया के आठ देशों का एक भू-राजनीतिक और आर्थिक अंतर-सरकारी संगठन (Regional Organization) है। इसका मुख्य ध्येय सदस्य देशों के बीच कल्याणकारी अर्थशास्त्र, सामाजिक प्रगति और सांस्कृतिक विकास को गति देना है।
- स्थापना इस संगठन की स्थापना 8 दिसंबर 1985 को ढाका (बांग्लादेश) में सार्क चार्टर पर हस्ताक्षर के साथ हुई थी।
- मुख्यालय: सार्क का सचिवालय या मुख्यालय (SAARC Headquarters) काठमांडू, नेपाल में स्थित है। इसकी स्थापना 16 जनवरी 1987 को की गई थी।
- सदस्य देश (SAARC Countries): सार्क के सदस्य देशों की कुल संख्या 8 है। इनके नाम निम्नलिखित हैं: भारत (India), पाकिस्तान (Pakistan), बांग्लादेश (Bangladesh), श्रीलंका (Sri Lanka), नेपाल (Nepal), मालदीव (Maldives), भूटान (Bhutan), अफगानिस्तान (वर्ष 2007 में 14वें सार्क शिखर सम्मेलन में शामिल हुआ)
- इसके अतिरिक्त, इस संगठन में 9 पर्यवेक्षक (Observers) शामिल हैं, जिनमें चीन, यूरोपीय संघ, अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया प्रमुख हैं।
- संगठनात्मक संरचना (Organizational Structure): सार्क का संचालन मुख्य रूप से चार स्तरों पर होता है:
- शिखर सम्मेलन (SAARC Summit): यह सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की सर्वोच्च बैठक है।
- मंत्रिपरिषद: इसमें सदस्य देशों के विदेश मंत्री शामिल होते हैं, जो नीति निर्माण का कार्य करते हैं।
- स्थायी समिति: सदस्य देशों के विदेश सचिवों की यह समिति कार्यक्रमों की निगरानी करती है।
- सचिवालय: यह काठमांडू में स्थित प्रशासनिक केंद्र है, जिसका नेतृत्व महासचिव (Secretary-General) करते हैं।
- प्रमुख कार्य और सहयोग: सार्क देशों (South Asian Nations) के बीच क्षेत्रीय सहयोग (Regional Cooperation) बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:
- साफ्टा (SAFTA): दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र (South Asian Free Trade Area) समझौता वर्ष 2006 में लागू हुआ। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आपसी व्यापार पर सीमा शुल्क (Tariff) को कम करना है।
- सार्क विकास कोष (SDF): यह सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए स्थापित एक वित्तीय तंत्र है।
- दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (SAU): नई दिल्ली, भारत में स्थित यह एक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय है, जो उच्च शिक्षा को बढ़ावा देता है।
- खाद्य बैंक (SAARC Food Bank): प्राकृतिक आपदाओं या खाद्यान्न संकट के समय सदस्य देशों की सहायता के लिए इसकी स्थापना की गई।
- भारत: भारत सार्क का सबसे बड़ा सदस्य देश है, जो इसके कुल भूगोल, जनसंख्या और अर्थव्यवस्था का लगभग 70% हिस्सा साझा करता है। भारत इस मंच पर एक ‘बड़े भाई’ या मुख्य प्रदाता (Net Provider) के रूप में कार्य करता है।
- भारत ने सार्क देशों के लिए कोविड-19 आपातकालीन कोष (COVID-19 Emergency Fund) में $10 मिलियन का शुरुआती योगदान दिया था और दक्षिण एशिया उपग्रह (South Asia Satellite) को निःशुल्क लॉन्च किया था।
- यह संगठन भारत की विदेश नीति नेबरहुड फर्स्ट नीति (Neighborhood First Policy) के प्राथमिक सिद्धांत को क्रियान्वित करने का एक पारंपरिक मंच है।
- दक्षिण एशिया में चीन के बढ़ते आर्थिक और कूटनीतिक प्रभाव (जैसे- बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव) को संतुलित करने के लिए सार्क भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
- भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास और आर्थिक एकीकरण के लिए बांग्लादेश, भूटान और नेपाल के साथ मजबूत संबंध आवश्यक हैं।
- वर्तमान स्थिति: वर्तमान में सार्क एक गतिरोध (Stalemate) के दौर से गुजर रहा है। वर्ष 2014 (काठमांडू) के बाद से कोई भी नियमित सार्क शिखर सम्मेलन (SAARC Summit) आयोजित नहीं हो सका है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- भारत-पाकिस्तान गतिरोध (India-Pakistan Tensions): वर्ष 2016 में उरी में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने इस्लामाबाद में होने वाले 19वें सार्क सम्मेलन का बहिष्कार किया था। भारत का स्पष्ट रुख है कि “आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।”
- सहमति आधारित निर्णय प्रणाली: सार्क चार्टर के अनुसार, कोई भी निर्णय पूर्ण आम सहमति (Unanimity) से लिया जाता है। पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय मुद्दों को उठाने और कनेक्टिविटी प्रस्तावों (जैसे- सार्क मोटर वाहन समझौता) को रोकने के कारण यह मंच लगभग निष्क्रिय हो गया है।
- बिम्सटेक की ओर झुकाव: सार्क के निष्क्रिय होने के कारण भारत ने अपना ध्यान बिम्सटेक (BIMSTEC) जैसे वैकल्पिक क्षेत्रीय संगठनों की ओर केंद्रित किया है, जिसमें पाकिस्तान शामिल नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: SAARC क्या है?
उत्तर: सार्क दक्षिण एशिया के आठ देशों का एक क्षेत्रीय अंतर-सरकारी संगठन (Regional Organization) है, जो आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देता है।
प्रश्न 2: SAARC की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर: इस संगठन की स्थापना 8 दिसंबर 1985 को ढाका, बांग्लादेश में सार्क चार्टर पर हस्ताक्षर के साथ की गई थी।
प्रश्न 3: SAARC के सदस्य देश कौन-कौन से हैं?
उत्तर: इसके सदस्य भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव, भूटान और अफगानिस्तान हैं।
प्रश्न 4: SAARC का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
उत्तर: सार्क का स्थायी सचिवालय और मुख्यालय (SAARC Headquarters) काठमांडू, नेपाल में स्थित है।
प्रश्न 5: SAARC का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य दक्षिण एशिया के लोगों के कल्याण को बढ़ावा देना, जीवन स्तर सुधारना और आर्थिक विकास को गति देना है।
प्रश्न 6: भारत की SAARC में क्या भूमिका है?
उत्तर: भारत सार्क का सबसे बड़ा देश है, जो तकनीकी, वित्तीय और उपग्रह संचार (South Asia Satellite) जैसी पहलों में मुख्य प्रदाता की भूमिका निभाता है। है।
