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Ozone Based Drinking Water Treatment Project: स्थिति, क्षेत्रफल एवं कार्यप्रणाली

Ozone Based Drinking Water Treatment Project: स्थिति, क्षेत्रफल एवं कार्यप्रणाली 

Ozone Based Drinking Water Treatment Project

संदर्भ:

हाल ही में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राज्य की पहली ओजोन-आधारित पेयजल उपचार परियोजना (Ozone Based Drinking Water Treatment Project) की स्थापना की घोषणा की। इस महत्वाकांक्षी हरित पहल की आधारशिला कांगड़ा जिले के देहरा निर्वाचन क्षेत्र के बड्डल थोर में रखी गई।

ओजोन-आधारित पेयजल उपचार परियोजना क्या है?

  • परिचय: यह जल शोधन तकनीक (Ozone Based Water Purification) पर आधारित एक उन्नत परियोजना है, जिसमें पानी को रोगाणुमुक्त (Disinfection) करने के लिए पारंपरिक क्लोरीन के स्थान पर ओजोन (O₃) गैस के शक्तिशाली ऑक्सीकरण गुणों का उपयोग किया जाता है।
    • यह उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यावरण-अनुकूल और धारणीय जल उपचार (Sustainable Water Treatment India) का पहला मॉडल है।
  • स्थान: यह परियोजना कांगड़ा जिला के देहरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बड्डल थोर में स्थापित की जा रही है। 
  • उद्देश्य:
    • सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति (Safe Drinking Water India): जल जनित बीमारियों (Waterborne Diseases) के प्रसार को रोकना और नागरिकों को विषाणु-मुक्त जल प्रदान करना।
    • स्वाद और गुणवत्ता में सुधार: पानी की प्राकृतिक गंध, रंग और स्वाद को रसायनों के उपयोग के बिना बेहतर बनाना।
    • तकनीकी आधुनिकीकरण: राज्य के पारंपरिक जल विन्यास को भविष्य की उन्नत जल शुद्धिकरण तकनीक (Water Purification Technology) से जोड़ना।
  • वित्तीय लागत: हिमाचल प्रदेश राज्य सरकार ने इस अभिनव संयंत्र (Ozone Treatment Plant) के निर्माण के लिए कुल ₹46 करोड़ (₹46 Crore) का विशेष बजटीय बजट आवंटित किया है।
  • प्रशासनिक स्थिति: वर्तमान में इस परियोजना के लिए तकनीकी खाका और भूमि मूल्यांकन प्रक्रिया को मंजूरी दे दी गई है और निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।
  • घटक: परियोजना के सुचारू संचालन के लिए निम्नलिखित संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा:
  • ओजोनेटर इकाई (Ozonator Unit): यह मुख्य उपकरण होगा जो विद्युत डिस्चार्ज (Electrical Discharge) के माध्यम से ऑक्सीजन (O₂) को ओजोन (O₃) गैस में परिवर्तित करेगा।
  • कांटेक्ट चैंबर (Contact Chamber): एक विशेष टैंक जहाँ ओजोन गैस के बुलबुलों को अशुद्ध पानी के साथ एक निश्चित समय के लिए मिश्रित किया जाएगा।
  • उन्नत निस्पंदन प्रणाली (Advanced Filtration System): ओजोनीकरण के बाद बचे हुए कार्बनिक यौगिकों और अवक्षेपों को अलग करने के लिए मल्टी-लेयर सैंड और कार्बन फिल्टर।
  • अंशांकन प्रयोगशाला: वास्तविक समय में पानी की शुद्धता और ओजोन अवशिष्ट स्तरों की निगरानी करने वाली डिजिटल लैब।
  • कार्यप्रणाली: जल उपचार में ओजोनीकरण (Ozonation in Water Treatment) एक तीव्र रासायनिक-तकनीकी प्रक्रिया है: 
  • सबसे पहले हवा से शुद्ध ऑक्सीजन लेकर ओजोनेटर में डाली जाती है.
  • उच्च वोल्टेज बिजली से ऑक्सीजन के अणु टूटकर ओजोन (O₃) गैस बनाते हैं.
  • इस ओजोन गैस को जब पानी में इंजेक्ट किया जाता है, तो यह अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होकर बैक्टीरिया, वायरस और कवक की कोशिका भित्ति (Cell Wall) को तुरंत नष्ट कर देती है।
  • प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, अतिरिक्त ओजोन स्वतः ही पुनः ऑक्सीजन (O₂) में परिवर्तित हो जाती है, जिससे पानी में कोई हानिकारक रासायनिक अवशेष नहीं बचता। 

महत्व:

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण: दूषित जल के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में पीलिया, हैजा और टाइफाइड जैसी बीमारियां फैलती हैं। यह ओजोन रोगाणुनाशन तकनीक (Ozone Disinfection Technology) जल को 100% जैविक रूप से सुरक्षित बनाती है।
  • पारिस्थितिक संरक्षण: पारंपरिक जल उपचार प्रणालियों में प्रयुक्त होने वाली क्लोरीन गैस पानी में मौजूद कार्बनिक पदार्थों के साथ मिलकर ‘ट्रायहेलोमेथेंस’ (THMs) जैसे कैंसरकारी उप-उत्पाद बनाती है। ओजोन आधारित प्रणाली पर्यावरण को इन रासायनिक खतरों से बचाती है।
  • भविष्य के लिए मार्गदर्शक (Pilot Milestone): राज्य सरकार इस संयंत्र की सफलता के बाद इसे एक पायलट मॉडल के रूप में देश के अन्य पहाड़ी और दुर्गम जिलों में भी लागू करने की योजना बना रही है।
  • सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की प्राप्ति: यह परियोजना संयुक्त राष्ट्र के एसडीजी 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) के लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर पूरा करने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: ओजोन-आधारित पेयजल उपचार परियोजना क्या है?

उत्तर: यह पानी को साफ करने की एक आधुनिक हरित तकनीक है, जहाँ क्लोरीन जैसे रसायनों के स्थान पर ओजोन गैस के ऑक्सीकरण गुणों से पानी को रोगाणुमुक्त किया जाता है।

प्रश्न 2: Ozone Based Water Treatment कैसे काम करता है?

उत्तर: ओजोनेटर उपकरण ऑक्सीजन से ओजोन गैस बनाता है. जब इस गैस को पानी में मिलाया जाता है, तो यह हानिकारक तत्वों और बैक्टीरिया को तुरंत ऑक्सीकृत कर नष्ट कर देती है. 

प्रश्न 3: पेयजल को शुद्ध करने में Ozone का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

उत्तर: ओजोन एक अत्यधिक शक्तिशाली कीटाणुनाशक है जो बिना कोई हानिकारक रासायनिक अवशेष छोड़े पानी के रंग, गंध, बैक्टीरिया और स्वाद को प्राकृतिक रूप से सुधारता है।

प्रश्न 4: Ozone Water Treatment से पानी में मौजूद Bacteria और Viruses कैसे खत्म होते हैं?

उत्तर: ओजोन गैस पानी के संपर्क में आते ही सूक्ष्मजीवों और बैक्टीरिया की सुरक्षात्मक कोशिका भित्ति (Cellular Wall) को तुरंत विखंडित कर उन्हें पूरी तरह निष्क्रिय कर देती है। 

प्रश्न 5: Ozone Based Drinking Water Treatment के क्या फायदे हैं?

उत्तर: इसके मुख्य फायदे हैं- पानी से कैंसरकारी रसायनों की समाप्ति, बेहतर स्वाद, जलजनित बीमारियों से सुरक्षा और पर्यावरण अनुकूल म्यूनिसिपल जल उपचार। 

प्रश्न 6: इस परियोजना का क्षेत्रफल कितना है?

उत्तर: यह ₹46 करोड़ की लागत वाली परियोजना कांगड़ा जिले के देहरा क्षेत्र में स्थानीय जलापूर्ति नेटवर्क की कुल मांग के अनुरूप आवश्यक भू-भाग में निर्मित की जा रही है।रने, उच्च तकनीक रोजगार पैदा करने और राष्ट्रीय साइबर-रणनीतिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक है.करेगा।।

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