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India-Uzbekistan Comprehensive Strategic Partnership, क्या हैं इस साझेदारी के मायने?

India-Uzbekistan Comprehensive Strategic Partnership, क्या हैं इस साझेदारी के मायने?

India-Uzbekistan Comprehensive Strategic Partnership

संदर्भ:

हाल ही में 29-30 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक ताशकंद यात्रा के दौरान भारत और उज़्बेकिस्तान ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी (India-Uzbekistan Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर पर उन्नत किया.

भारत-उज़्बेकिस्तान हालिया समझौते और द्विपक्षीय वार्ताएं:

रणनीतिक साझेदारी (India Uzbekistan Strategic Partnership) की 15वीं वर्षगांठ पर दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और डिजिटल प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में 11 ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं:

  • व्यापारिक लक्ष्य : दोनों देशों ने वर्तमान ~1 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर वर्ष 2030 तक $5 बिलियन (5 अरब अमेरिकी डॉलर) वार्षिक करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके लिए तरजीही व्यापार समझौते (PTA) को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है. 
  • आर्थिक और वित्तीय वार्ता: दोनों देशों के वित्त मंत्रालयों के बीच संस्थागत सहयोग बढ़ाने के लिए एक औपचारिक आर्थिक और वित्तीय संवाद (Economic and Financial Dialogue) तंत्र स्थापित करने पर सहमति बनी.
  • दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति: भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र (Civil Nuclear Energy) को ईंधन देने के लिए उज़्बेकिस्तान से यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए एक मजबूत रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया.
  • महत्वपूर्ण खनिज सहयोग: भारत के खनन मंत्रालय और उज़्बेकिस्तान के भूविज्ञान मंत्रालय ने लिथियम, तांबा और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements) जैसी महत्वपूर्ण खनिज मूल्य श्रृंखलाओं (Critical Mineral Supply Chains) में संयुक्त अन्वेषण और प्रसंस्करण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए.
  • डिजिटल कनेक्टिविटी और वित्तीय समावेशन: भारत की एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रीय इंटरबैंक प्रोसेसिंग सेंटर (NIPC) के बीच वाणिज्यिक समझौता हुआ. इसके तहत भारतीय UPI ऐप्स के माध्यम से उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रीय UZQR कोड को स्कैन कर सीधे मर्चेंट भुगतान किया जा सकेगा. 
  • सांस्कृतिक एवं पर्यावरण सहयोग: रेशम मार्ग (Silk Road) पर स्थित टर्मेज़ में प्राचीन बौद्ध मठ स्थलों (फ़याज़ टेपा और कराटेपा) के पुरातात्विक जीर्णोद्धार और 3D डिजिटलीकरण के लिए प्रतिबद्धता जताई गई.
  • अरल सागर अनुदान: भारत ने सूखते जा रहे अरल सागर बेसिन में पारिस्थितिक पुनर्वास और वनीकरण (Afforestation) के लिए $1 मिलियन का अनुदान देने की घोषणा की है.
  • लाल बहादुर शास्त्री छात्रवृत्ति: उज़्बेक छात्रों के लिए हिंदी भाषा सीखने हेतु 100 विशेष छात्रवृत्तियों की घोषणा की गई.

भारत के लिए उज़्बेकिस्तान का महत्व:

  • मध्य एशिया का प्रवेश द्वार (Gateway to Central Asia): भू-राजनीतिक दृष्टि से उज़्बेकिस्तान मध्य एशिया के केंद्र में स्थित है. इसकी सीमाएं क्षेत्र के अन्य सभी चार देशों और अफगानिस्तान से मिलती हैं, जिससे यह भारत की ‘विस्तारित महाद्वीपीय पड़ोस नीति’ (Extended Neighborhood Policy) का मुख्य स्तंभ बनता है.
  • ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ईंधन (Energy Security & Uranium Source): भारत अपने घरेलू नागरिक परमाणु रिएक्टरों के संचालन के लिए यूरेनियम के सुरक्षित आयात पर निर्भर है. कजाकिस्तान के बाद उज़्बेकिस्तान भारत के लिए यूरेशिया में एक अत्यधिक विश्वसनीय ऊर्जा भागीदार (Energy Partner) बनकर उभरा है.
  • महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच (Access to Critical Minerals): भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा और ईवी (EV) बैटरी उद्योग के लिए लिथियम, तांबा और कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिज आवश्यक हैं. उज़्बेकिस्तान के समृद्ध भूगर्भीय भंडार भारत की विनिर्माण आत्मनिर्भरता को सुरक्षा प्रदान करते हैं.
  • कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स चुनौतियां (Connectivity Countering): पाकिस्तान द्वारा भूमि पारगमन मार्ग से इनकार करने के कारण भारत अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) और ईरान के चाबहार बंदरगाह के माध्यम से उज़्बेकिस्तान को जोड़ने वाले रेल-समुद्र बहु-तटीय परिवहन नेटवर्क को मजबूत कर रहा है.
  • सुरक्षा सहयोग और आतंकवाद का मुकाबला (Security & Counter-Terrorism): अफगानिस्तान की अस्थिरता और सीमा पार आतंकवाद, कट्टरपंथ तथा मादक पदार्थों की तस्करी (Drug Trafficking) दोनों देशों के लिए साझा खतरा हैं. ताशकंद में स्थित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की क्षेत्रीय आतंकवाद-विरोधी संरचना (RATS) के माध्यम से दोनों देश खुफिया जानकारी साझा करते हैं.
  • रक्षा कूटनीति और सह-उत्पादन (Defence Cooperation & Joint Drills): दोनों सेनाओं के बीच नियमित सैन्य अभ्यास ‘अभ्यास दस्तलिक’ (Exercise Dustlik) रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ बनाता है. अब यह संबंध महज क्रेता-विक्रेता से आगे बढ़कर सैन्य हार्डवेयर के संयुक्त अनुसंधान और सह-उत्पादन (Defence Industrial Co-production) की ओर बढ़ रहा है.
  • बहुपक्षीय मंचों पर वैश्विक समर्थन (Global and Multilateral Support): उज़्बेकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का पूर्ण समर्थन किया है. साथ ही, भारत के अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) में उज़्बेकिस्तान के प्रवेश का स्वागत किया गया.
  • सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर (Cultural Soft Power and Civilizational Ties): प्राचीन सिल्क रोड के माध्यम से दोनों देशों के बीच सदियों पुराने बौद्ध और सूफी संबंध हैं. उज़्बेकिस्तान में भारतीय फिल्मों, योग और हिंदी भाषा के प्रति गहरा अनुराग भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति (Diplomacy) को मजबूत आधार देता है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: भारत और उज़्बेकिस्तान की Comprehensive Strategic Partnership क्या है?

उत्तर: यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय जुड़ाव का सर्वोच्च स्तर (Comprehensive Strategic Partnership) है, जिसमें पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर रक्षा, परमाणु ऊर्जा, डिजिटल अवसंरचना और खनिज सुरक्षा में रणनीतिक समन्वय शामिल है.

प्रश्न 2: India Uzbekistan Strategic Partnership का क्या महत्व है?

उत्तर: यह साझेदारी भारत को मध्य यूरेशियाई क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने, चीन के भू-आर्थिक प्रभाव को संतुलित करने और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को विविधता देने में मदद करती है.

प्रश्न 3: भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा?

उत्तर: मुख्य रूप से दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति, महत्वपूर्ण खनिज खनन, डिजिटल भुगतान प्रणाली (UPI), रक्षा सह-उत्पादन, फार्मास्यूटिकल्स और पर्यावरण संरक्षण (अरल सागर) में सहयोग का विस्तार होगा.

प्रश्न 4: India Uzbekistan Relations के लिए इस Partnership का क्या मतलब है?

उत्तर: रणनीतिक संबंधों की 15वीं वर्षगांठ पर संबंधों का उन्नत होना यह दर्शाता है कि अब दोनों देश आपसी हितों के रणनीतिक मुद्दों पर साझा रोडमैप के साथ मिलकर काम करेंगे.

प्रश्न 5: भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच Trade Relations कितने महत्वपूर्ण हैं?

उत्तर: दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध (Trade Relations) अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिसके तहत वर्तमान व्यापार को बढ़ाकर वर्ष 2030 तक 5 बिलियन डॉलर वार्षिक करने का समयबद्ध लक्ष्य रखा गया है. 

प्रश्न 6: India Uzbekistan Defence Cooperation में किन मुद्दों पर ध्यान दिया जाता है?

उत्तर: रक्षा सहयोग (Defence Cooperation) के अंतर्गत संयुक्त सैन्य अभ्यास (Dustlik), सैन्य शिक्षा, आतंकवाद-निरोध, साइबर सुरक्षा और रक्षा उपकरणों के स्वदेशी औद्योगिक सह-उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाता है.

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