Meghalaya SPARK Programme क्या हैं? NEP 2020 के तहत इसे बेहतरीन मॉडल के रूप में सराहा गया

संदर्भ:
हाल ही में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने तुरा (Tura) में आयोजित ‘जिला प्रतिभा कार्यक्रम’ (District Talent Event) के दौरान मेघालय स्पार्क कार्यक्रम (Meghalaya SPARK Programme) की सराहना की.
मेघालय स्पार्क कार्यक्रम क्या है?
- परिचय: स्पार्क मेघालय सरकार द्वारा पूर्णतः वित्तपोषित एक अनूठा छात्र कल्याण और मानवीय क्षमता विकास कार्यक्रम है. इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को रटने की प्रवृत्ति (Rote Memorization) से दूर ले जाना और उनमें जीवन कौशल (Life Skills), आत्मविश्वास, वैज्ञानिक चेतना और संवेगात्मक सुदृढ़ता का विकास करना है.
- पूरा नाम: स्पार्क का अर्थ है—स्कूल प्रोग्राम्स इन आर्टिक्यूलेशन, रेजिलिएंस एंड काइंडनेस (School Programmes in Articulation, Resilience and Kindness – SPARK).
- शुरुआत: इस कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2024 में एक छोटे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी, जिसके तहत 12 जिलों के 25 स्कूलों के 5,143 छात्रों को शामिल किया गया था.
- पायलट चरण की सफलता के बाद वर्ष 2025 और 2026 में इसका व्यापक विस्तार किया गया.
- नोडल एजेंसी: यह कार्यक्रम मेघालय सरकार के शिक्षा विभाग (Department of Education) और समग्र शिक्षा अभियान—स्टेट एजुकेशन मिशन अथॉरिटी ऑफ मेघालय (SEMAM) द्वारा संचालित किया जा रहा है.
- कार्यान्वयन भागीदार: जमीनी स्तर पर इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए मेघालय के प्रसिद्ध सामाजिक उद्यम ‘एवेन्यूज’ (AVENUES, Shillong) को तकनीकी और प्रशिक्षण भागीदार बनाया गया है.
- वित्तीय ढांचा: यह मुख्य रूप से राज्य-वित्तपोषित (State-funded) परियोजना है, जिसे केंद्र सरकार के समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha Abhiyan – SSA) फंड से भी पूरक सहायता प्राप्त होती है.
- फोकस क्षेत्र:
- स्पष्ट अभिव्यक्ति (Articulation): इसके तहत छात्रों के संचार कौशल (Communication Skills), सार्वजनिक भाषण (Public Speaking) देने की क्षमता, सक्रिय श्रवण और आत्म-अभिव्यक्ति को निखारा जाता है.
- लचीलापन/पुनरुत्थानशीलता (Resilience): यह छात्रों को मानसिक और संवेगात्मक सुदृढ़ता (Emotional Resilience) प्रदान करता है, ताकि वे भविष्य की अनिश्चितताओं, असफलताओं, डर या तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना स्वस्थ मुकाबला आदतों (Healthy Coping Habits) के माध्यम से कर सकें.
- सहानुभूति और दयालुता (Kindness): यह स्तंभ छात्रों में परस्पर सम्मान, विविधता के प्रति आदर, समावेशन (Inclusion) और करुणा की भावना विकसित करता है, ताकि वे एक जिम्मेदार और संवेदनशील वैश्विक नागरिक बन सकें.
- प्रश्न दीवारें (Question Walls): कक्षाओं में छात्रों को बिना किसी झिझक के सवाल पूछने और अपनी जिज्ञासा प्रकट करने के लिए प्रेरित किया जाता है.
- दयालुता दीवारें (Kindness Walls): सहपाठियों के प्रति सहयोग और सहानुभूति प्रदर्शित करने वाली गतिविधियों का अंकन.
- स्टेम-आधारित गतिविधियाँ (STEM-based Activities): विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM awareness) के व्यावहारिक प्रयोगों के माध्यम से छात्रों में तार्किक सोच (Critical Thinking) और समस्या-समाधान (Problem-solving) क्षमताओं का विकास किया जाता है.
- शिक्षकों का विकास (SPARK for Teachers): केवल छात्रों ही नहीं, बल्कि शिक्षकों को भी आधुनिक शिक्षण विधियों और सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा (Social-Emotional Learning) के लिए 30 घंटे का विशेष अर्ध-आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
- उपलब्धियां:
- छात्र कवरेज: अगस्त 2026 की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, स्पार्क कार्यक्रम राज्य के सभी 12 जिलों के 53 मॉडल परिसरों में 12,078 छात्रों तक सीधे पहुँच चुका है.
- लैंगिक समानता: कुल नामांकित छात्रों में 6,592 छात्राएं (लगभग 54%) और 5,486 छात्र शामिल हैं, जो बालिकाओं के सशक्तिकरण को दर्शाता है.
- व्यापक प्रभाव: अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से अब तक मेघालय के 20,000 से अधिक छात्र इस नवाचार से लाभान्वित हो चुके हैं.
- शिक्षक प्रशिक्षण: 287 विभिन्न स्कूलों के 526 शिक्षकों ने सफलतापूर्वक अपना सघन प्रशिक्षण मॉड्यूल पूरा कर लिया है.
- राष्ट्रीय सम्मान: इस कार्यक्रम को ‘भारतीय शिक्षा कांग्रेस और पुरस्कार 2026’ (Indian Education Congress & Awards 2026) में शिक्षा में सामुदायिक जुड़ाव के लिए सम्मानित किया जा चुका है.
- इसे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत देश के सर्वश्रेष्ठ मॉडल और व्यावहारिक पहलों में से एक के रूप में मान्यता दी गई है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q. मेघालय का SPARK कार्यक्रम क्या है?
उत्तर: यह मेघालय सरकार की एक अनूठी शिक्षा पहल (SPARK Meghalaya) है जो स्कूली छात्रों में स्पष्ट अभिव्यक्ति (Articulation), मानसिक सुदृढ़ता (Resilience) और दयालुता (Kindness) जैसे जीवन कौशल विकसित करती है.
Q. SPARK कार्यक्रम को NEP 2020 के तहत क्यों सराहा गया?
उत्तर: क्योंकि यह मॉडल एनईपी 2020 के मूल सिद्धांत—’छात्रों का रटंत विद्या से दूर तार्किक सोच, संवेगात्मक कल्याण और समग्र व्यक्तित्व विकास’ (Holistic Learning) को पूरी तरह चरितार्थ करता है.
Q. मेघालय के SPARK कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य पाठ्यपुस्तकों से अलग हटकर छात्रों के संचार कौशल को मजबूत करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना, स्टेम जागरूकता पैदा करना और भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करना है.
Q. SPARK कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में कैसे काम करता है?
उत्तर: यह पारंपरिक पाठ्यक्रम में बिना नया बोझ बढ़ाए, ‘प्रश्न दीवारों’, समूह चर्चाओं, अनुभवात्मक शिक्षण (Experiential Education) और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशालाओं के माध्यम से संचालित होता है.
Q. NEP 2020 में मेघालय के मॉडल की क्या खासियत है?
उत्तर: इसकी खासियत यह है कि यह राज्य के सभी 12 जिलों के दूरदराज क्षेत्रों तक पहुँच चुका है, जिसमें 20,000 से अधिक छात्र और 500 से अधिक शिक्षक व्यावहारिक सॉफ्ट स्किल्स सीख चुके हैं.