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eVTOL aircraft “Shunya”: तकनीक, रेंज, क्षमता एवं उपयोग

eVTOL aircraft “Shunya”: तकनीक, रेंज, क्षमता एवं उपयोग

eVTOL aircraft Shunya

संदर्भ:

हाल ही में टाटा एलएक्ससी (Tata Elxsi) और सरला एविएशन (Sarla Aviation) ने बेंगलुरु में भारत के पहले स्वदेशी eVTOL विमान ‘शून्य’ (eVTOL aircraft Shunya) को विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

eVTOL विमान ‘शून्य’ के बारे में:

  • परिचय: यह एक इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (Electric Vertical Take-Off and Landing – eVTOL) विमान है, जिसे आम बोलचाल में ‘इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी’ (Electric Air Taxi) कहा जाता है।
    • शून्य eVTOL विमान (Shunya eVTOL) एक हाइब्रिड एयर मोबिलिटी मॉडल है, जिसमें ऊर्ध्वाधर उड़ान क्षमता (Vertical Takeoff Capability) और फिक्स्ड-विंग क्रूज़ दक्षता (Fixed-wing Cruise Efficiency) पाई जाती है। 
    • यह रनवे-स्वतंत्र संचालन (Runway-independent Operations) करने में सक्षम है, यानी इसे पारंपरिक हवाई अड्डों के रनवे की आवश्यकता नहीं होती।
  • विकासकर्ता: यह एयर टैक्सी तकनीक (Air Taxi Technology) दो प्रमुख संस्थाओं के सहयोग से तैयार की जा रही है: 
  • सरला एविएशन (Sarla Aviation): यह बेंगलुरु स्थित एक अग्रणी एयरोस्पेस स्टार्टअप है, जो इस विमान के मूल डिजाइन, विनिर्माण और उड़ान प्रमाणन (Type Certification) का नेतृत्व कर रही है। 
  • टाटा एलएक्ससी (Tata Elxsi): टाटा समूह की यह दिग्गज कंपनी विमान के लिए महत्वपूर्ण उड़ान प्रणालियों (Flight-critical Systems), एवियोनिक्स, सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन, फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम, और एयरवर्थनेस टेस्टिंग (Airworthiness Testing) के लिए तकनीकी इंजीनियरिंग सहायता प्रदान कर रही है।
  • वर्तमान स्थिति:
    • प्रथम उड़ान का लक्ष्य: दोनों कंपनियों ने ‘शून्य’ की पहली परीक्षण उड़ान के लिए 18 से 24 महीने (वर्ष 2028 तक) की समय सीमा तय की है।
    • नियामक स्वीकृति: इस परियोजना को बढ़ाने के लिए सरला एविएशन ने 8 अगस्त 2026 को भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation – DGCA) से डिजाइन संगठन स्वीकृति (Design Organisation Approval) प्राप्त कर ली है। 
    • तकनीकी आधार: ‘शून्य’ के विकास से पहले इसके 700 किलोग्राम वर्ग के आधे आकार के प्रोटोटाइप ‘सिला’ (Sylla) का 500 से अधिक टेस्ट पॉइंट और 18 घंटे की उड़ान का सफल परीक्षण पूरा किया जा चुका है।
  • विशेषताएं:
    • eVTOL तकनीक (eVTOL Technology): यह पूर्ण रूप से विद्युत प्रणोदन (Electric Propulsion) और उन्नत बैटरी प्रणालियों पर काम करता है। यह शून्य कार्बन उत्सर्जन (Zero Carbon Emission) सुनिश्चित करता है।
    • eVTOL रेंज (eVTOL Range): शून्य इलेक्ट्रिक विमान (Shunya electric aircraft) को 300 किलोमीटर से अधिक की उड़ान रेंज के लिए डिजाइन किया जा रहा है।
    • रफ्तार (Speed): यह हवा में अधिकतम 250 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम होगा।
    • eVTOL क्षमता (eVTOL Capacity): इस विमान में कुल 7 लोगों के बैठने की व्यवस्था है, जिसमें 6 यात्री और 1 पायलट (Six-seater plus one pilot) शामिल हैं। 
    • उपयोग: उन्नत हवाई गतिशीलता (Advanced Air Mobility) के अंतर्गत इसके बहुआयामी उपयोग निम्नलिखित हैं:
  • शहरी यातायात और हवाई टैक्सी (Urban Air Mobility): महानगरों में भारी ट्रैफिक जाम (Urban Congestion) से बचने के लिए। उदाहरण के लिए, बेंगलुरु एयरपोर्ट से इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक सड़क मार्ग से लगने वाले 2.5 घंटे के सफर को यह विमान मात्र 20 मिनट में बदल देगा।
  • एयर एम्बुलेंस सेवाएं (Air Ambulance Services): आपातकालीन चिकित्सा परिवहन (Medical Transport) और मानव अंगों के त्वरित रिप्लेसमेंट के लिए इसका उपयोग होगा।
  • लॉजिस्टिक्स और कार्गो (Logistics & Cargo): रनवे के बिना दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में ई-कॉमर्स तथा आवश्यक वस्तुओं की तीव्र डिलीवरी के लिए।
  • रक्षा अनुप्रयोग (Defence Applications): सीमा सुरक्षा, निगरानी और सैन्य रसद (Military Logistics) को बिना रनवे के पहुंचाने के लिए रणनीतिक उपयोग।

भारत के लिए इस नवाचार का महत्व:

  • मेक इन इंडिया को बढ़ावा (Boosting Make in India): यह परियोजना विमानन नवाचार भारत (Indian Aviation Innovation) के क्षेत्र में पूर्णतः स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देती है, जिससे वैश्विक एयरोस्पेस सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ेगी।
  • सतत और हरित परिवहन (Sustainable Transport): पारंपरिक विमानों और हेलीकॉप्टरों के विपरीत, यह इलेक्ट्रिक विमान (Electric Aircraft India) ध्वनि प्रदूषण को न्यूनतम करता है और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम कर भारत के ‘नेट-ज़ीरो’ (Net-Zero) जलवायु लक्ष्यों में योगदान देता है।
  • आर्थिक उत्पादकता (Economic Productivity): महानगरों में ट्रैफिक जाम के कारण सालाना अरबों डॉलर के समय और ईंधन का नुकसान होता है। हवाई टैक्सी के माध्यम से समय की बचत कर यह व्यावसायिक कनेक्टिविटी को गति देगा।
  • लागत प्रभावशीलता (Cost Effectiveness): 6 यात्री क्षमता होने के कारण प्रति यात्री परिचालन लागत (Operating Cost) कम होगी, जिससे यह प्रीमियम ग्राउंड ट्रांसपोर्ट (जैसे कैब और लग्जरी ट्रेन) की दरों पर आम जनता के लिए सुलभ हो सकेगा। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. eVTOL विमान ‘शून्य’ क्या है?

उत्तर: यह भारत का पहला स्वदेशी इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (eVTOL) विमान (एयर टैक्सी) है, जो बिना रनवे के सीधे हवा में उड़ और उतर सकता है। 

Q. शून्य eVTOL विमान की रेंज कितनी है?

उत्तर: इस आधुनिक हाइब्रिड इलेक्ट्रिक विमान को 300 किलोमीटर से अधिक की परिचालन उड़ान रेंज (Flight Range) के लिए डिजाइन किया गया है। 

Q. शून्य विमान की क्षमता कितनी है?

उत्तर: इस विमान की कुल क्षमता 7 सीटों की है, जिसमें 6 यात्री और 1 पायलट एक साथ सुरक्षित यात्रा कर सकते हैं।

Q. eVTOL विमान कैसे काम करता है?

उत्तर: यह विमान ऊर्ध्वाधर लिफ्ट (Vertical Lift) के लिए विद्युत प्रणोदन (Electric Propulsion) का उपयोग हेलीकॉप्टर की तरह करता है और आगे बढ़ने के लिए फिक्स्ड-विंग विमान की तरह उड़ता है। 

Q. eVTOL विमान का इस्तेमाल किन क्षेत्रों में किया जा सकता है?

उत्तर: इसका उपयोग मुख्य रूप से शहरी हवाई टैक्सी, एयर एम्बुलेंस, लॉजिस्टिक्स डिलीवरी और रक्षा क्षेत्र की निगरानी प्रणालियों में किया जा सकता है। 

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