अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) रिपोर्ट 2023-24: उच्च शिक्षा में नामांकन रिकॉर्ड 4.5 करोड़ पहुंचा
संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने देश में उच्च शिक्षा की वर्तमान स्थिति को दर्शाने वाली बहुप्रतीक्षित ‘अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) रिपोर्ट 2023-24’ जारी की। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत के उच्चतर शिक्षा (Higher Education India) क्षेत्र में कुल छात्र नामांकन इतिहास में पहली बार रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया।
अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण के बारे में:
- पृष्ठभूमि: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) की शुरुआत केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) द्वारा वर्ष 2010-11 से प्रतिवर्ष एक वेब-आधारित वार्षिक पहल के रूप में की गई थी।
- आधार: यह सर्वेक्षण देश के उच्चतर शिक्षा देने वाले सभी केंद्रीय, राज्य, मानद (Deemed) और निजी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों एवं स्टैंडअलोन संस्थानों के स्वैच्छिक डेटा साझाकरण पर आधारित है।
- सूचक: इसके माध्यम से महत्वपूर्ण शिक्षा संकेतकों जैसे सकल नामांकन अनुपात (GER), लैंगिक समानता सूचकांक (GPI), और शिक्षक-छात्र अनुपात की गणना की जाती है।
- महत्व: AISHE के तहत एकत्र किए गए सांख्यिकी पैरामीटर जैसे- छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR), प्रति छात्र व्यय, और संस्थागत घनत्व सरकार को लक्षित योजनाएं बनाने में मदद करते हैं।
- NEP 2020 के लक्ष्यों का मूल्यांकन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत भारत ने वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) को 50% तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। वर्तमान 30.0% का GER यह दर्शाता है कि भारत सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, हालांकि लक्ष्य प्राप्ति के लिए और गति की आवश्यकता है।
- यह उच्च शिक्षा क्षेत्र में सुधार और राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक मानकों की समीक्षा के लिए प्राथमिक साक्ष्य (primary evidence) प्रदान करता है।
- यह सर्वेक्षण महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों के नामांकन का विस्तृत विवरण देता है, जिससे शैक्षिक समावेशन की प्रगति को मापा जाता है।
अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (All India Survey on Higher Education: AISHE) रिपोर्ट 2023-24 के मुख्य बिंदु:
- कुल छात्र नामांकन (Student Enrollment): अकादमिक वर्ष 2023-24 में उच्च शिक्षा में कुल नामांकन बढ़कर 4.50 करोड़ हो गया।
- दशकीय वृद्धि दर: वर्ष 2014-15 (3.42 करोड़) की तुलना में कुल छात्र नामांकन में 31.5% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
- संस्थागत भागीदारी (Institutional Participation): इस देशव्यापी डेटा संग्रह प्रक्रिया में 59,533 पंजीकृत उच्च शिक्षा संस्थानों में से 90% से अधिक ने भाग लिया।
- विश्वविद्यालय स्तर पर नामांकन: कुल छात्रों में से लगभग 1.08 करोड़ छात्र सीधे विश्वविद्यालयों और उनके घटक परिसरों में नामांकित हैं।
- कॉलेज स्तर पर हिस्सेदारी: उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले अधिकांश छात्र यानी 3.18 करोड़ कॉलेजों में अध्ययनरत हैं।
- स्टैंडअलोन संस्थान: लगभग 23 लाख छात्र पॉलिटेक्निक, नर्सिंग और शिक्षक प्रशिक्षण जैसे स्टैंडअलोन संस्थानों में नामांकित हैं।
- महिला नामांकन में उछाल: उच्च शिक्षा में महिला छात्रों का नामांकन 42.2% की तीव्र गति से बढ़कर 2.24 करोड़ तक पहुंच गया है।
- लैंगिक समानता सूचकांक (Gender Parity Index): उच्च शिक्षा में GPI वर्ष 2023-24 में 1.08 दर्ज किया गया।
- निरंतर महिला बढ़त: लैंगिक समानता सूचकांक लगातार सात वर्षों से 1 से ऊपर बना हुआ है, जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं की अधिक भागीदारी को दर्शाता है।
- सकल नामांकन अनुपात (Gross Enrolment Ratio): देश का कुल सकल नामांकन अनुपात (GER) बढ़कर 30.0 प्रतिशत हो गया है。
- महिला GER: पुरुषों की तुलना में महिलाओं का सकल नामांकन अनुपात (Female GER) अधिक तेजी से बढ़ते हुए 31.2% पर आ गया है।
- अनुसूचित जाति (SC) नामांकन: वर्ष 2014-15 के मुकाबले SC श्रेणी के छात्रों के नामांकन में 51.4% की वृद्धि हुई और यह 69.72 लाख हो गया।
- अनुसूचित जनजाति (ST) नामांकन: हाशिए के इस समूह ने सबसे अधिक 75.7% की असाधारण वृद्धि दर्ज की, जिससे कुल नामांकन 28.83 लाख पहुंचा।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) भागीदारी: OBC छात्रों के नामांकन में 60.2% की बढ़ोतरी देखी गई, जो वर्तमान में 1.80 करोड़ है।
- SC/ST वर्ग का GER: शैक्षिक नीति सुधारों के फलस्वरूप अनुसूचित जाति का GER 27.8 और अनुसूचित जनजाति का GER 22.8 हो गया है।
- STEM नामांकन का रिकॉर्ड: विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) विषयों में नामांकन इतिहास में पहली बार 1.02 करोड़ का आंकड़ा पार कर गया।
- STEM में महिलाएं: कुल तकनीकी और विज्ञान शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों में महिलाओं की हिस्सेदारी 44% हो गई है, जो एक दशक पहले 38.4% थी।
- सर्वाधिक पसंदीदा स्नातक कोर्स: कला स्नातक (BA) देश में अब भी अंडरग्रेजुएट स्तर पर छात्रों का सबसे पसंदीदा कोर्स बना हुआ है।
- स्नातकोत्तर (PG) प्राथमिकता: पोस्ट-ग्रेजुएट स्तर पर कला परास्नातक (MA) पाठ्यक्रमों की मांग में सबसे अधिक मांग देखी गई।
- चार वर्षीय स्नातक कोर्स (FYUP): राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत देश के 56% विश्वविद्यालयों ने चार वर्षीय यूजी कोर्स लागू कर दिए हैं।
- कुल संकाय शक्ति: उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत कुल शिक्षकों (Faculty Members) की संख्या बढ़कर 17.32 लाख हो गई है।
- शिक्षकों का लैंगिक अनुपात: वर्तमान शैक्षणिक कार्यबल में 55.1% पुरुष और 44.9% महिला शिक्षक कार्यरत हैं।
- महिला शिक्षकों में वृद्धि: महिला प्राध्यापकों की संख्या वर्ष 2014-15 के 5.69 लाख से बढ़कर 7.78 लाख तक पहुंच गई है।
- विश्वविद्यालयों में सरकारी नियंत्रण: विश्वविद्यालयों में कुल नामांकित छात्रों का 68.1% हिस्सा सरकारी प्रबंधित संस्थानों में पढ़ता है।
- निजी क्षेत्र का एकाधिकार: निजी क्षेत्र के विश्वविद्यालय 31.9% छात्रों को शिक्षा दे रहे हैं, लेकिन कॉलेज स्तर पर पहुंच बढ़ाने में निजी क्षेत्र शीर्ष पर है।
- NIRF रैंकिंग भागीदारी: रिपोर्ट से पता चलता है कि देश की कुल पात्र यूनिवर्सिटीज में से केवल 55% ही नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) रैंकिंग में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं।
FAQs:
1. AISHE रिपोर्ट 2023-24 क्या है?
यह शिक्षा मंत्रालय द्वारा देश के उच्च शिक्षा संस्थानों की छात्र नामांकन, शिक्षकों और बुनियादी ढांचे की प्रगति मापने वाली वार्षिक सांख्यिकीय रिपोर्ट है।
2. इस रिपोर्ट में कुल कितने छात्रों का नामांकन दर्ज हुआ?
अकादमिक वर्ष 2023-24 में देश के उच्च शिक्षा क्षेत्र में रिकॉर्ड 4.50 करोड़ छात्रों का नामांकन दर्ज किया गया है।
3. AISHE रिपोर्ट कौन जारी करता है?
यह रिपोर्ट प्रतिवर्ष भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) के उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी की जाती है।
4. उच्च शिक्षा में रिकॉर्ड नामांकन का क्या महत्व है?
यह देश में उच्च शिक्षा की सुलभता, समावेशिता और युवाओं के बीच उच्च शिक्षा प्राप्त करने की बढ़ती वैश्विक आकांक्षा को प्रदर्शित करता है।
5. ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) क्या है?
यह 18-23 वर्ष के आयु वर्ग की कुल जनसंख्या के अनुपात में उच्च शिक्षा में नामांकित विद्यार्थियों का कुल प्रतिशत होता है।
6. इस रिपोर्ट में किन संस्थानों का डेटा शामिल होता है?
इसमें देश के सभी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय (केंद्रीय/राज्य/निजी), संबद्ध कॉलेज और पॉलिटेक्निक जैसे स्टैंडअलोन शैक्षणिक संस्थान शामिल होते हैं।
7. भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए यह रिपोर्ट क्यों महत्वपूर्ण है?
यह रिपोर्ट देश के शैक्षिक विकास संकेतकों को मापकर सरकार को साक्ष्य-आधारित नीतियां और बजटीय आवंटन तय करने में मदद करती है।
