हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन

संदर्भ:
भारत के जनसांख्यिकीय ढांचे, आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक संतुलन को सुरक्षित करने हेतु प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जल्द ही ‘हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन’ (High-Powered Demography Mission) लॉन्च किया जाना प्रस्तावित है।
हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन क्या हैं?
हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन भारत सरकार का एक व्यापक और रणनीतिक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके तहत देश के सीमावर्ती क्षेत्रों और आंतरिक भागों में हो रहे कृत्रिम/अवैध जनसांख्यिकीय परिवर्तनों की वास्तविक समय में निगरानी, पहचान और प्रबंधन किया जाता है।
- केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs – MHA) इस मिशन के कार्यान्वयन, सुरक्षा ग्रिड निर्माण और नीति निर्धारण के लिए प्राथमिक उत्तरदायी है।
- जिसमें सीमा सुरक्षा बल (BSF) सीमा प्रबंधन के लिए मुख्य प्रवर्तन एजेंसी है।
- विशेष सहयोगी के रूप में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), नीति आयोग, भारत के महापंजीयक (RGI – सांख्यिकी मंत्रालय), और राज्य सरकारों द्वारा गठित जिला-स्तरीय विशेष कार्य बल शामिल हैं।
मिशन के मुख्य उद्देश्य:
- अवैध घुसपैठ पर पूर्ण विराम: पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार सीमाओं से होने वाली अवैध मानव तस्करी और घुसपैठ (Infiltration) के संवेदनशील रास्तों को चिन्हित कर पूरी तरह बंद करना।
- जनसांख्यिकीय संतुलन की बहाली: सीमावर्ती जिलों में अवैध प्रवासन के कारण स्थानीय आबादी के अनुपात में आए असंतुलन को ठीक करना।
- संसाधनों और नागरिक अधिकारों का संरक्षण: देश के वैध नागरिकों के रोजगार के अवसरों, भूमि अधिकारों (विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में) और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभों को घुसपैठियों के अवैध कब्जे से बचाना।
- व्यापक निर्वासन नीति (Deportation Policy): बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए एक पारदर्शी और सुदृढ़ कानूनी व प्रशासनिक ढांचा तैयार करना।
मिशन की प्रमुख विशेषताएं:
- स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट (Smart Border Project): भारत की लगभग 6,000 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए थर्मल इमेजरी, ड्रोन, सेंसर और उपग्रह मैपिंग (Satellite Mapping) जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
- राष्ट्रीय जनसांख्यिकीय खुफिया ढांचा (NDIF): एक केंद्रीकृत डेटाबेस का निर्माण, जो वास्तविक समय में देश के किसी भी हिस्से में होने वाले असामान्य आबादी परिवर्तन या प्रवासन के पैटर्न का विश्लेषण करेगा।
- त्रि-स्तरीय सुरक्षा ग्रिड (Three-Tier Security Grid): सीमा पर BSF, राज्यों की सीमा पुलिस और स्थानीय खुफिया इकाइयों (Local Intelligence Units) के बीच निर्बाध समन्वय स्थापित करना।
- कड़े विधायी सुधार: ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट’ और फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल (FTs) की प्रक्रियाओं को तेज कर अवैध निवासियों के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड दर्ज करना और त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना।
मिशन का महत्व:
- राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security): अवैध प्रवासियों का उपयोग राष्ट्र-विरोधी तत्वों, तस्करी नेटवर्क और चरमपंथी संगठनों द्वारा लॉजिस्टिक्स व स्लीपर सेल के रूप में किए जाने के खतरे को यह मिशन समाप्त करेगा।
- सामाजिक समरसता और पहचान की रक्षा: असम और अन्य उत्तर-पूर्वी राज्यों में स्थानीय जनजातीय संस्कृतियों और मूल निवासियों की पहचान (Identity) को जनसांख्यिकीय आक्रमण से बचाएगा।
- आर्थिक संसाधनों का न्यायसंगत वितरण: देश के करदाताओं के पैसे से चलने वाली कल्याणकारी योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत, राशन पोर्टेबिलिटी) का लाभ केवल लक्षित भारतीय नागरिकों तक ही सीमित रखना सुनिश्चित होगा।
- दीर्घकालिक जनसंख्या योजना: यह मिशन वृद्ध होती जनसंख्या (Ageing Population), श्रम बाजार की क्षेत्रीय मांग और ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्यों के अनुरूप मानव संसाधन का रोडमैप तैयार करने में नीतिगत मदद देगा