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नीति आयोग India Electric Mobility Index (IEMI) 2025 जारी, दिल्ली को मिला प्रथम स्थान 

नीति आयोग India Electric Mobility Index (IEMI) 2025 जारी, दिल्ली को मिला प्रथम स्थान 

India Electric Mobility Index 2025

संदर्भ:

हाल ही में नीति आयोग ने नई दिल्ली में भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025 (India Electric Mobility Index 2025) रिपोर्ट का दूसरा संस्करण जारी किया। इस प्रतिष्ठित सूचकांक में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने 84 अंकों के सर्वोच्च स्कोर के साथ देश में प्रथम स्थान (Delhi Tops EV Index) प्राप्त किया।

भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स क्या हैं?

  • परिचय: India Electric Mobility Index उप-राष्ट्रीय या राज्य स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने की प्रगति, संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास और नीतिगत ढांचे का मूल्यांकन करने वाला एक व्यापक मिश्रित सूचकांक (Composite Index) है.
  • सहयोगी संस्था: इसे नीति आयोग द्वारा वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (WRI) इंडिया के तकनीकी सहयोग से संयुक्त रूप से विकसित किया गया है.
  • शुरुआत: इस सूचकांक का पहला संस्करण (First Edition) वर्ष 2024 में लॉन्च किया गया था, जिसके बाद यह 2025 का सूचकांक इसका दूसरा संस्करण (Second Edition) है. 
  • उद्देश्य:
    • प्रतिस्पर्धी संघवाद (Competitive Federalism): स्वच्छ ऊर्जा गतिशीलता (Clean Mobility) के क्षेत्र में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के बीच एक स्वस्थ और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना. 
    • साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (Evidence-based Policy Making): राज्यों को डेटा-संचालित ढांचा (Data-driven Framework) प्रदान करना ताकि वे अपनी कमियों को पहचानकर सुधार कर सकें.
    • सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान (Sharing Best Practices): राज्यों को एक-दूसरे के नीतिगत मॉडलों और सफल प्रयोगों से सीखने के लिए मंच उपलब्ध कराना. 
  • प्रमुख पैमाना: यह सूचकांक कुल 16 अनूठे प्रदर्शन संकेतकों (Performance Indicators) के आधार पर देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन 100 अंकों के पैमाने पर करता है. इन संकेतकों को तीन व्यापक मुख्य स्तंभों (Thematic Pillars) में विभाजित किया गया है:
मुख्य स्तंभ (Thematic Pillars)भारांश (Weightage)प्रमुख संकेतक/शामिल कारक (Key Factors Included)
परिवहन विद्युतीकरण प्रगति(Transport Electrification Progress)50%कुल वाहनों में ईवी पंजीकरण दर, सार्वजनिक परिवहन (जैसे ई-बसें) का विद्युतीकरण और राज्य स्तर पर वित्तीय प्रोत्साहन वितरण.
चार्जिंग बुनियादी ढांचा तत्परता(Charging Infrastructure Readiness)30%चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता, बिजली ग्रिड अवसंरचना, बिजली कंपनियों (DISCOMs) की टैरिफ नीतियां और सिंगल-विंडो मंजूरी प्रणाली.
ईवी अनुसंधान एवं नवाचार स्थिति(EV Research & Innovation Status)20%राज्य में ईवी और बैटरी निर्माण स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों में अनुसंधान एवं पेटेंट की स्थिति.
  • श्रेणी: राज्यों को उनकी भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक ढांचे के आधार पर तीन मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:
  1. बड़े राज्य (17 Large States)
  2. पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्य (Hilly and Northeastern States)
  3. केंद्र शासित प्रदेश और सिटी-स्टेट्स (UTs and City-States)

इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025 के मुख्य निष्कर्ष:

  • राष्ट्रीय स्तर पर सुधार: देश में कुल 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 29 राज्यों ने अपनी समर्पित इलेक्ट्रिक वाहन नीतियां (Electric Vehicle Policy India) अधिसूचित कर ली हैं.
    • भारत का राष्ट्रीय मध्यिका स्कोर (National Median Score) वर्ष 2024 के 36 से सुधरकर वर्ष 2025 में 40 हो गया है, जो राष्ट्रव्यापी प्रगति को दर्शाता है.
    • भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल बिक्री हिस्सेदारी (EV Sales Penetration) वित्तीय वर्ष 2025-26 तक बढ़कर 8.25% हो गई है, जबकि जून 2025 तक देश में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या 29,000 से अधिक हो चुकी है.
  • शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य और केंद्र शासित प्रदेश:
    • दिल्ली (Delhi): इस सूचकांक में 84 अंकों के साथ समग्र देश में शीर्ष स्थान पर रही. दिल्ली ने अपने पिछले वर्ष के स्कोर (77) में महत्वपूर्ण सुधार किया है.
    • महाराष्ट्र (Maharashtra): 78 अंकों के स्कोर के साथ देश में दूसरे स्थान पर रहा। यह ‘बड़े राज्यों’ की श्रेणी में पहले स्थान पर है.
    • कर्नाटक (Karnataka): 73 अंकों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर रहा.
    • चंडीगढ़ (Chandigarh): 71 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहा.
    • गोवा (Goa): 65 अंकों के साथ शीर्ष पांच में जगह बनाने में सफल रहा. 
  • श्रेणीवार रैंकिंग और उल्लेखनीय प्रदर्शन:
    • बड़े राज्यों में वर्गीकरण: 17 बड़े राज्यों में से केवल महाराष्ट्र और कर्नाटक ही ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता’ (Top Performers) की श्रेणी में आ सके. तमिलनाडु (61), मध्य प्रदेश (59), और ओडिशा (55) ‘अग्रणी’ (Frontrunners) राज्यों में शामिल हैं. उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा भी 51 अंकों के साथ फ्रंटरनर श्रेणी में हैं.
    • सबसे बड़ा सुधार: मध्य प्रदेश ने इस सूचकांक में सबसे लंबी छलांग लगाई है। मध्य प्रदेश वर्ष 2024 की 23वीं रैंक से सुधरकर सीधे 7वें स्थान पर पहुँच गया है.
    • पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्य: इस श्रेणी में मणिपुर 46 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा, जिसके बाद त्रिपुरा (36) और असम (35) का स्थान है. 
  • प्रमुख चुनौतियाँ:
    • असमान विकास: नीति आयोग के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में ईवी अपनाने और चार्जिंग बुनियादी ढांचे (EV Charging Infrastructure India) की गति बेहद असमान है, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ रहा है.
    • बिजली ग्रिड की बाधाएं: राज्य विद्युत वितरण कंपनियों (DISCOMs) का वित्तीय संकट और उच्च तकनीकी एवं वाणिज्यिक नुकसान (AT&C Losses) चार्जिंग बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार में सबसे बड़ा रोड़ा हैं.
    • अनुसंधान का केंद्रीकरण: ईवी अनुसंधान और नवाचार (R&D) की क्षमता देश के केवल कुछ ही चुनिंदा औद्योगिक और शहरी केंद्रों तक सीमित है. 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: India Electric Mobility Index 2025 में Delhi को first rank क्यों मिली?

उत्तर: दिल्ली ने मजबूत नीतिगत क्रियान्वयन, तीव्र वाहन पंजीकरण दर, व्यापक चार्जिंग नेटवर्क की उपलब्धता और ई-बसों जैसे सार्वजनिक परिवहन के व्यापक विद्युतीकरण के कारण प्रथम स्थान प्राप्त किया है. 

प्रश्न 2: NITI Aayog Electric Mobility Index 2025 में Delhi का score कितना है?

उत्तर: नीति आयोग के इस सूचकांक में दिल्ली ने 100 में से 84 अंकों का सर्वोच्च स्कोर प्राप्त किया है, जो पिछले वर्ष के 77 अंकों से अधिक है. 

प्रश्न 3: India Electric Mobility Index 2025 क्या है?

उत्तर: यह नीति आयोग और WRI इंडिया द्वारा जारी एक उप-राष्ट्रीय सूचकांक है, जो राज्यों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाने की नीति और व्यावहारिक प्रगति का आकलन करता है.

प्रश्न 4: Electric Mobility Index में कौन-कौन से factors शामिल हैं?

उत्तर: इसमें मुख्य रूप से परिवहन विद्युतीकरण प्रगति (50% भारांश), चार्जिंग बुनियादी ढांचा तत्परता (30% भारांश) और ईवी अनुसंधान एवं नवाचार (20% भारांश) जैसे कारक शामिल हैं. 

प्रश्न 5: Delhi की EV adoption और charging infrastructure कैसी है?

उत्तर: दिल्ली देश में अग्रणी है, जहाँ मजबूत सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं के कारण यात्री और वाणिज्यिक ईवी की पैठ बहुत गहरी है और एक सुदृढ़ सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क स्थापित है.

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