भारत का पहला PM MITRA पार्क

संदर्भ:
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के वारंगल में भारत के पहले कार्यात्मक (Functional) PM MITRA पार्क का उद्घाटन किया। यह परियोजना ₹1,695.54 करोड़ की लागत से 1,327 एकड़ भूमि पर विकसित की गई है।
PM MITRA पार्क क्या हैं?
PM MITRA (Pradhan Mantri Mega Integrated Textile Region and Apparel) पार्क योजना वस्त्र मंत्रालय (Ministry of Textiles) की एक दूरगामी पहल है।
- बजटीय आवंटन: इस योजना को ₹4,445 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ मंजूर किया गया है।
- समय अवधि: यह योजना वित्त वर्ष 2021-22 से 2027-28 तक सात वर्षों की अवधि के लिए लागू है।
- 5F विज़न: यह प्रधानमंत्री के Farm to Fibre to Factory to Fashion to Foreign विज़न पर आधारित है, जो कपास उत्पादन से लेकर वैश्विक निर्यात तक की पूरी मूल्य श्रृंखला को जोड़ता है।
कार्यान्वयन ढांचा:
- PPP मॉडल: इन पार्कों का विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड के तहत किया जा रहा है।
- विशेष प्रयोजन वाहन (SPV): प्रत्येक पार्क के लिए एक SPV का गठन किया जाता है, जिसमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी 51% और केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 49% होती है।
- चुनौती मैट्रिक्स (Challenge Matrix): राज्यों से प्राप्त 18 प्रस्तावों में से एक पारदर्शी ‘चैलेंज मैट्रिक्स’ के आधार पर केवल 7 रणनीतिक स्थानों का चयन किया गया है।
PM MITRA पार्क (प्रस्तावित) |
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क्र.सं. |
चयनित राज्य |
विशिष्ट स्थान |
वर्तमान प्रगति और भूमि डेटा (2026 तक) |
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1 |
तमिलनाडु |
विरुधुनगर |
1,052 एकड़ भूमि; ₹1,894 करोड़ का DPR स्वीकृत। |
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2 |
तेलंगाना |
वारंगल |
काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क (KMTP) के रूप में कार्यात्मक। |
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3 |
गुजरात |
नवसारी |
1,142 एकड़ भूमि अधिग्रहित; बुनियादी ढांचा कार्य जारी। |
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4 |
कर्नाटक |
कलाबुरागी |
1,000 एकड़ भूमि; प्रारंभिक अवसंरचना कार्य प्रगति पर। |
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5 |
मध्य प्रदेश |
धार |
2,158 एकड़ भूमि; सितंबर 2025 में शिलान्यास संपन्न। |
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6 |
उत्तर प्रदेश |
लखनऊ |
भूमि हस्तांतरण और गेट अवसंरचना कार्य जारी। |
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7 |
महाराष्ट्र |
अमरावती |
पर्यावरण मंजूरी प्राप्त; वित्तीय विकास कार्य प्रगति पर। |
मुख्य घटक:
- मूल अवसंरचना (Core Infrastructure): इसमें इनक्यूबेशन सेंटर, प्लग-एंड-प्ले विनिर्माण इकाइयां, कॉमन प्रोसेसिंग हाउस, डिजाइन सेंटर और टेस्टिंग लैब शामिल हैं।
- सहायक अवसंरचना (Support Infrastructure): इसके अंतर्गत श्रमिकों के लिए आवास (Worker Hostels), लॉजिस्टिक्स पार्क, कौशल विकास केंद्र और वाणिज्यिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।
- सतत विकास (Sustainability): पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रत्येक पार्क में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) तकनीक वाला कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) और नवीकरणीय (सौर) ऊर्जा स्रोतों को अनिवार्य किया गया है।
वित्तीय सहायता:
- विकास पूंजी सहायता (Development Capital Support – DCS):
- ग्रीनफील्ड पार्कों (नए स्थल) के लिए प्रति पार्क अधिकतम ₹500 करोड़ (परियोजना लागत का 30%)।
- ब्राउनफील्ड पार्कों (मौजूदा औद्योगिक स्थल) के लिए प्रति पार्क अधिकतम ₹200 करोड़।
- प्रतिस्पर्धी प्रोत्साहन सहायता (Competitive Incentive Support – CIS):
- विनिर्माण इकाइयों को जल्द स्थापना के लिए प्रति पार्क ₹300 करोड़ का कोष है।
- यह सहायता कुल बिक्री टर्नओवर के 3% तक मिलती है (अधिकतम ₹10 से ₹30 करोड़ प्रति एंकर निवेशक)। यह लाभ उन इकाइयों को नहीं मिलता जो कपड़ा क्षेत्र की PLI योजना का लाभ उठा रही हैं।
महत्व:
- निवेश आकर्षण: इस पूरी योजना के माध्यम से कुल ₹70,000 करोड़ का सामूहिक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य है, जिसमें से ₹63,177 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर बातचीत उन्नत चरण में है।
- रोजगार सृजन: प्रत्येक पार्क से लगभग 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, जिससे देश में कुल 21 लाख नौकरियों का सृजन होगा (विशेषकर ग्रामीण महिलाओं के लिए)।
- लॉजिस्टिक्स लागत में कमी: कताई, बुनाई और प्रसंस्करण इकाइयों के एक ही स्थान पर होने से आंतरिक परिवहन लागत (Freight Cost) में भारी कमी आएगी, जिससे भारतीय वस्त्र वैश्विक बाजार में वियतनाम और बांग्लादेश का मुकाबला कर सकेंगे।
- अद्यतन नीति (Budget 2026-27): केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने चैलेंज मोड के तहत अतिरिक्त ‘मेगा टेक्सटाइल पार्क’ स्थापित करने और टेक्निकल टेक्सटाइल्स में मूल्यवर्धन पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की घोषणा की है।