माउंट डुकोनो ज्वालामुखी

संदर्भ:
हाल ही में इंडोनेशिया के हलमाहेरा द्वीप (Halmahera Island) पर स्थित माउंट डुकोनो (Mount Dukono) में एक भीषण और घातक विस्फोट हुआ। यह विस्फोट पिछले 400 से अधिक वर्षों में इस ज्वालामुखी का सबसे शक्तिशाली विस्फोट माना जा रहा है।
माउंट डुकोनो (Mount Dukono) के बारे में:
- देश: इंडोनेशिया।
- द्वीप: यह इंडोनेशिया के हलमाहेरा (Halmahera) द्वीप के उत्तरी भाग में स्थित है। हलमाहेरा मालुकु द्वीप समूह का सबसे बड़ा द्वीप है।
- प्रांत: उत्तरी मालुकु (North Maluku)।
- ऊंचाई: समुद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग 1,087 मीटर (3,566 फीट) से 1,235 मीटर के बीच है।
- ज्वालामुखी का प्रकार: यह एक जटिल ज्वालामुखी (Complex Volcano) है।
- विशेषता: इसकी बनावट चौड़ी है और इसके शिखर पर कई ओवरलैपिंग क्रेटर (एक के ऊपर एक स्थित गड्ढे) हैं।
- प्रमुख क्रेटर: इसके मुख्य सक्रिय क्रेटर का नाम मालुपंग वारिरंग (Malupang Warirang) है।
- टेक्टोनिक सेटिंग: यह पैसिफिक ‘रिंग ऑफ फायर’ (Pacific Ring of Fire) बेल्ट में स्थित है।
- यह क्षेत्र इंडो-ऑस्ट्रेलियाई, यूरेशियाई और पैसिफिक प्लेटों की हलचल के कारण अत्यधिक सक्रिय है।
- विस्फोट: ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार, इसका पहला बड़ा विस्फोट 1550 में हुआ था। उस समय लावा के प्रवाह ने हलमाहेरा और माउंट ममुया के बीच के जलडमरूमध्य को भर दिया था।
- माउंट डुकोनो की सबसे खास बात यह है कि यह 1933 से लगातार (continuously) सक्रिय है। यह दुनिया के उन गिने-चुने ज्वालामुखियों में शामिल है जो दशकों से शांत नहीं हुए हैं।
- 1719, 1868 और 1901 में भी इसमें मध्यम स्तर के विस्फोट दर्ज किए गए थे।
- विमानन अलर्ट: इसकी राख विमानों के इंजन के लिए खतरनाक होती है, इसलिए विस्फोट के दौरान अक्सर ‘ऑरेंज’ (Orange) अलर्ट जारी किया जाता है।
- निगरानी: इंडोनेशियाई एजेंसी PVMBG (Center for Volcanology and Geological Hazard Mitigation) इसकी निरंतर निगरानी करती है।
- गैस उत्सर्जन: यह सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और अन्य गैसों के उत्सर्जन का एक प्रमुख स्रोत है।