भारत-इटली सैन्य सहयोग योजना 2026-27 | India-Italy Military Cooperation Plan 2026-27

संदर्भ:
हाल ही में भारत और इटली ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सशक्त करते हुए ‘द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना (Bilateral Military Cooperation Plan – MCP) 2026-27’ का अनावरण किया।
सैन्य सहयोग योजना 2026-27 के प्रमुख बिंदु
- संरचित सैन्य जुड़ाव: इस योजना के अनुसार अगले दो वर्षों के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच प्रशिक्षण आदान-प्रदान, संयुक्त गतिविधियों और संस्थागत सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार किया जाएगा।
- संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच अंतःक्रियाशीलता (Interoperability) बढ़ाने के लिए नियमित युद्धाभ्यास का आयोजन।
- प्रशिक्षण और स्टाफ एक्सचेंज सैन्य अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना।
- समुद्री सुरक्षा और सूचना साझाकरण: दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर दिया है। इसके तहत गुरुग्राम स्थित सूचना संलयन केंद्र – हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) के माध्यम से सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत किया जाएगा।
- रक्षा औद्योगिक ढांचा (Defence Industrial Framework): भारत और इटली सैन्य हार्डवेयर के सह-उत्पादन (Co-production) के लिए एक रक्षा औद्योगिक ढांचा विकसित करने पर सहमत हुए हैं। यह भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और इटली की रक्षा सहयोग पहल के बीच तालमेल बिठाने का प्रयास है।
- विशिष्ट तकनीकें: भारतीय तटरक्षक बल और इतालवी उद्योग विशेषज्ञों ने निम्नलिखित आला (Niche) तकनीकों के स्वदेशी विकास पर चर्चा की:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सक्षम निर्णय समर्थन प्रणाली।
- काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) या एंटी-ड्रोन तकनीक।
- नेक्स्ट-जेनरेशन ग्रीन प्रोपल्शन और डायनेमिक पोजिशनिंग सिस्टम।
महत्व:
- रणनीतिक विविधीकरण (Strategic Diversification): इटली के साथ यह साझेदारी भारत की यूरोप में अपनी रक्षा आपूर्ति और रणनीतिक संबंधों को विविध बनाने की नीति का हिस्सा है, जिससे पारंपरिक भागीदारों पर निर्भरता कम होगी।
- क्षेत्रीय स्थिरता: दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया (West Asia) की स्थिति सहित वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की, जो दोनों देशों के बीच भू-राजनीतिक हितों की समानता को दर्शाता है।
- समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA): हिंद महासागर से भूमध्य सागर (Mediterranean) तक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इटली एक महत्वपूर्ण भागीदार बनकर उभरा है।
- चीन का प्रभाव: इटली द्वारा 2023 में चीन की ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (BRI) से बाहर निकलना और भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाना, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक संतुलनकारी शक्ति के रूप में कार्य करता है।
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ऐतिहासिक संदर्भ और प्रगति: भारत और इटली के संबंध 2012 के इतालवी नौसैनिक मामले (Marines case) के बाद काफी समय तक तनावपूर्ण रहे थे। हालांकि, 2023 में प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की भारत यात्रा के दौरान संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर ले जाया गया। नवंबर 2024 में अपनाया गया संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना (Joint Strategic Action Plan) 2025-29 इस दिशा में एक ठोस आधार प्रदान करता है। |