भारत-इटली विशेष रणनीतिक भागीदारी

संदर्भ:
हाल ही में भारत और इटली ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक भागीदारी’ (Special Strategic Partnership) में उन्नत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रोम यात्रा के दौरान इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ हुई वार्ता में ‘संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029’ की समीक्षा की गई।
साझेदारी के मुख्य बिंदु:
- आर्थिक लक्ष्य: दोनों देशों ने वर्ष 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। सेमीकंडक्टर, ऑटोमोटिव, फार्मा और क्लीन टेक्नोलॉजी में निवेश बढ़ाया जाएगा।
- रक्षा और सुरक्षा: रक्षा सहयोग के तहत ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप’ को अपनाया गया है। इसके जरिए सैन्य हेलीकॉप्टर, नौसैनिक प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर का सह-विकास एवं सह-उत्पादन किया जाएगा।
- कनेक्टिविटी और IMEC: दोनों देशों ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस योजना को गति देने के लिए 2026 में पहली IMEC मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इसके अलावा समुद्री परिवहन और बंदरगाहों के सहयोग के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- क्रिटिकल मिनरल्स और कृषि: आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) पर एक समझौता हुआ है। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक कचरे से खनिजों की रीसाइक्लिंग और रिकवरी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कृषि अनुसंधान सहयोग के लिए भी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी: स्टार्टअप और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘INNOVIT India’ हब लॉन्च किया गया है। यह हब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर पर ध्यान केंद्रित करेगा। अंतरिक्ष के क्षेत्र में ISRO और इतालवी अंतरिक्ष एजेंसी (ASI) मिलकर चंद्र विज्ञान और पृथ्वी अवलोकन पर काम करेंगे।
- प्रवासन और गतिशीलता: छात्रों, शोधकर्ताओं और कुशल श्रमिकों के लिए सुरक्षित कानूनी रास्ते बनाए जाएंगे। एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत भारतीय नर्सों को प्रशिक्षण देकर इटली के स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।
- आतंकवाद का विरोध: दोनों देशों ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और टेरर फंडिंग नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए वित्तीय अपराध विरोधी सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई।
- महत्वपूर्ण खनिज और स्वच्छ ऊर्जा: आपूर्ति श्रृंखला को चीनी एकाधिकार से मुक्त करने के लिए दोनों देशों ने ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसमें ई-कचरे (e-waste) से खनिजों की रीसाइक्लिंग शामिल है।
- कनेक्टिविटी और IMEC: दोनों देशों ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इटली ने इसके लिए एक विशेष दूत नियुक्त किया है और दोनों देश 2026 में पहली IMEC मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित करने पर सहमत हुए हैं।