भारत 2025 तक दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा बाज़ार बना (India Second Largest Solar Market)

संदर्भ:
अंतरराष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा एजेंसी (IRENA) और नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया (NSEFI) के नवीनतम प्रामाणिक आंकड़ों के अनुसार, भारत ने वार्षिक सौर क्षमता वृद्धि में संयुक्त राज्य अमेरिका (US) को पीछे छोड़ते हुए, खुद को दुनिया के Second Largest Solar Market के रूप में स्थापित किया।
India Second Largest Solar Market: प्रमुख सांख्यिकीय डेटा
- ऐतिहासिक वार्षिक वृद्धि: भारत ने वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 37 GW (गीगावाट) नई सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ी, जो अमेरिका (34 GW) से अधिक है। इस सूची में चीन (315 GW) पहले स्थान पर बना हुआ है।
- कुल स्थापित सौर क्षमता (Cumulative Capacity): भारत की कुल स्थापित सौर क्षमता वित्तीय वर्ष 2026 की समाप्ति तक 150.26 GW के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है।
- अभूतपूर्व गतिशीलता (Milestone Velocity): भारत ने अपनी अंतिम 50 GW सौर क्षमता मात्र 14 महीनों में हासिल की है। इसके विपरीत, पहले 50 GW तक पहुंचने में देश को 11 वर्ष और उसके बाद 100 GW तक पहुंचने में लगभग 3 वर्ष का समय लगा था।
- कुल नवीकरणीय ऊर्जा में हिस्सेदारी: भारत की कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता अब 274.68 GW हो चुकी है, जिसमें अकेले सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी 54.7% से अधिक है, जो India Second Largest Solar Market बनाने में सहायक रहा।
- घरेलू सौर विनिर्माण क्रांति (Solar Manufacturing): मर्कॉम इंडिया (Mercom India) की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की घरेलू सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता बढ़कर 210 GW और सेल निर्माण क्षमता 27 GW तक पहुंच चुकी है।
- अभूतपूर्व विकास दर (Growth Rate): वर्ष 2014 में भारत की सौर क्षमता मात्र 2.8 GW थी, जिसमें अब तक 5,370% से अधिक की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है।
Solar Energy Growth in India के मूल कारण:
- पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Yojana): इस विकेंद्रीकृत सौर नीति (Distributed Solar Policy) ने आवासीय क्षेत्रों में क्रांति ला दी है। इसके तहत 42 लाख से अधिक परिवारों को रूफटॉप सोलर ग्रिड से जोड़ा गया है, जिसने घरेलू मांग को अप्रत्याशित रूप से बढ़ाया है।
- वाणिज्यिक और औद्योगिक (C&I) क्षेत्र की भूमिका: C&I सेक्टर ने पहली बार 10 GW वार्षिक स्थापना के आंकड़े को पार किया है। ‘ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस’ (Green Energy Open Access) और वर्चुअल पावर परचेज एग्रीमेंट (VPPAs) जैसी नीतियों ने कंपनियों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान बना दिया है।
- उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI Scheme): सौर पीवी (PV) मॉड्यूल के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई PLI योजना ने घरेलू विनिर्माण इकोसिस्टम को आत्मनिर्भर बनाया है और चीनी आयातों पर निर्भरता को कम किया है।
- टैरिफ में भारी गिरावट (Cost Competitiveness): तकनीकी विकास और प्रतिस्पर्धी बोली (Competitive Bidding) के कारण भारत में सौर ऊर्जा की लागत में ऐतिहासिक कमी आई है। वर्ष 2010 में सौर टैरिफ ₹12.16 प्रति यूनिट था, जो अब घटकर लगभग ₹2.15 प्रति यूनिट रह गया है, जो दुनिया में सबसे कम दरों में से एक है।
India’s Solar Capacity 2025 का प्रभाव:
- ऐतिहासिक ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition Milestone): भारत के इतिहास में पहली बार गैर-जीवाश्म ईंधन (Non-Fossil Fuel) आधारित क्षमता (52% से अधिक) ने जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) की स्थापित क्षमता को पीछे छोड़ दिया है। यह भारत के ‘नेट-ज़ीरो 2070’ (Net-Zero 2070) लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी छलांग है।
- आर्थिक आत्मनिर्भरता (Economic Independence): कोयले और कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता कम हो रही है। इससे मूल्यवान विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) की बचत हो रही है और देश की राजकोषीय स्थिति (Fiscal Health) सुदृढ़ हो रही है।
- वैश्विक भू-राजनीतिक नेतृत्व (Global Leadership): अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के संस्थापक के रूप में, अमेरिका को पीछे छोड़ना वैश्विक जलवायु वार्ताओं (जैसे COP) में भारत की मोलतोल करने की शक्ति (Bargaining Power) और “ग्लोबल ग्रीन लीडर” की छवि को मजबूत करता है।
- रोजगार सृजन (Green Jobs): विशाल सोलर पार्कों की स्थापना, रूफटॉप इंस्टॉलेशन और घरेलू विनिर्माण इकाइयों के विस्तार से देश में लाखों कुशल और अर्ध-कुशल ‘ग्रीन जॉब्स’ (Green Jobs) का सृजन हो रहा है।
FAQs:
Q: How did India Become the World’s Second Largest Solar Energy Market in 2025?
A: भारत 2025 में 37 GW नई सौर क्षमता जोड़कर, अमेरिका को पछाड़कर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा बाजार बना। [1] वर्तमान में केवल चीन इससे आगे है।
Q: What are the key Factors Behind India’s Solar Energy Growth?
A: इसके मुख्य कारकों में पीएम सूर्य घर योजना, सौर मॉड्यूल के लिए पीएलआई (PLI) योजना, बड़े सौर पार्क और दुनिया की सबसे कम सौर टैरिफ दरें शामिल हैं।
Q: What is the Impact of India’s Solar Market Growth on Renewable Energy?
A: इस वृद्धि से भारत की कुल स्थापित बिजली क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन (Non-Fossil Fuel) की हिस्सेदारी 52% से अधिक हो गई है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण तेज हुआ है।
Q: How is India’s Solar Energy Sector Performance in 2025 evaluated globally?
A: वैश्विक स्तर पर भारत का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। देश की कुल सौर क्षमता 155 GW पार कर गई और अंतिम 50 GW क्षमता रिकॉर्ड 14 महीनों में हासिल की गई।