भारतीय नौसैनिक पोत INS Sharda (Indian Naval Ship INS Sharda)
संदर्भ:
भारतीय नौसैनिक पोत INS Sharda ने 13 जून 2026 को श्रीलंका के कोलंबो की अपनी सफल यात्रा संपन्न की। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र (UN) मिशन तैनाती के लिए श्रीलंका की नौसेना (SLN) के कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किए गए।
भारतीय नौसैनिक पोत INS Sharda के बारे में:
- परिचय: आईएनएस शारदा (P55) भारतीय नौसेना का एक सुकन्या श्रेणी का अपतटीय गश्ती पोत (Sukanya-class Offshore Patrol Vessel – OPV) है। यह मुख्य रूप से तटीय रक्षा, समुद्र में निगरानी, अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सुरक्षा, और मानवीय सहायता प्रदान करने वाला एक सैन्य जहाज है।
- लॉन्च तिथि: इसे 22 अगस्त 1990 को लॉन्च किया गया था।
- कमिशनिंग तिथि: आईएनएस शारदा को आधिकारिक तौर पर 27 अक्टूबर 1991 को भारतीय नौसेना में शामिल (Commissioned) किया गया था।
- निर्माण: सुकन्या श्रेणी के शुरुआती जहाजों का निर्माण दक्षिण कोरिया में हुआ था, लेकिन भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता को बढ़ावा देने के लिए आईएनएस शारदा का निर्माण पूरी तरह से भारत में किया गया।।
- निर्माणकर्ता: इसका निर्माण भारत की प्रतिष्ठित सरकारी शिपयार्ड कंपनी हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (Hindustan Shipyard Limited – HSL) द्वारा विशाखापत्तनम में किया गया था।
Indian Naval Ship Sharda की प्रमुख विशेषताएं:
- आकार और विस्थापन (Dimensions & Displacement): इसका कुल विस्थापन लगभग 1,890 टन (Full Load) है। इसकी लंबाई 101 मीटर (331 फीट) और चौड़ाई 11.5 मीटर है।
- प्रणोदन और गति (Propulsion & Speed): यह पोत 2 शक्तिशाली डीजल इंजनों द्वारा संचालित होता है। इसकी अधिकतम गति 21 नॉट (लगभग 39 किमी/घंटा) है।
- परिचालन क्षमता (Range): 15 नॉट की गति पर इसकी क्रूज़िंग रेंज 7,000 समुद्री मील (13,000 किमी) है, जो इसे बिना ईंधन भरे लंबे समय तक समुद्र में रहने की क्षमता देती है।
- चालक दल (Complement): इस पर लगभग 70 से 120 नौसैनिक और अधिकारी तैनात रहते हैं।
- हथियार प्रणाली (Armament): सुरक्षा के लिए यह 1 मुख्य 40 mm बोफोर्स एंटी-एयरक्राफ्ट गन, दो 12.7 mm मशीन गन और दो 25 mm एंटी-एयरक्राफ्ट गन से लैस है।
- विमान सहायता (Aircraft Carried): इसके डेक पर एक एचएएल चेतक (HAL Chetak) हेलीकॉप्टर को तैनात और संचालित करने के लिए हैंगर और हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध है।
इस Naval Patrol Vessel का महत्व:
- 17 मई 2017 को अदन की खाड़ी में गश्त के दौरान, आईएनएस शारदा ने लाइबेरियाई व्यापारिक जहाज एमवी माउंटबैटन को सोमाली लुटेरों के हमले से बचाया था। इसके अतिरिक्त, 2 फरवरी 2024 को एक और बड़े ऑपरेशन में, इसने सोमाली तट के पास ईरानी ध्वज वाले जहाज में 11 ईरानी और 8 पाकिस्तानी नागरिकों की जान बचाई थी।
- सागर विजन: यह पोत भारत की राजनयिक और समुद्री सुरक्षा नीतियों को लागू करने का प्रमुख जरिया है। यह नियमित रूप से मॉरीशस और श्रीलंका जैसे मित्र देशों के विशेष आर्थिक क्षेत्रों (EEZ) Maritime Security India के तहत संयुक्त निगरानी करता है।
- मानवीय सहायता: यह समुद्र में खोज और बचाव (Search and Rescue) तथा चक्रवात या सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय तटीय क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा और भोजन सहायता पहुंचाने में भी हमेशा अग्रणी रहता है।
FAQs:
1. INS शारदा क्या है?
यह भारतीय नौसेना का एक सुकन्या श्रेणी का अत्याधुनिक अपतटीय गश्ती पोत (Offshore Patrol Vessel) है।
2. भारतीय नौसेना में इसकी क्या भूमिका है?
यह तटीय सुरक्षा, समुद्री गश्त, अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की निगरानी और एंटी-पायरेसी अभियानों में मुख्य भूमिका निभाता है।
3. INS Sharda का उपयोग किन अभियानों में किया जाता है?
इसका उपयोग समुद्री डकैती रोधी (Anti-piracy) अभियानों, आपदा राहत (HADR), खोज एवं बचाव और अवैध तस्करी रोकने में किया जाता है।
4. यह जहाज क्यों महत्वपूर्ण है?
यह हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने और समुद्री सुरक्षा बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
5. इसकी प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
इस जहाज में हेलीकॉप्टर लैंडिंग डेक, आधुनिक गन सिस्टम, नेविगेशन राडार और लंबे समय तक समुद्र में रहने की क्षमता शामिल है।
