INS निरीक्षक | INS Nireekshak

संदर्भ:
हाल ही में भारतीय नौसेना का INS निरीक्षक (INS Nireekshak), श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पहुँचा। यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास ‘IN-SLN DIVEX 2026’ के चौथे संस्करण में भाग लेने के लिए आयोजित की गई है।
INS निरीक्षक के बारे में:
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- परिचय: भारतीय नौसेना का INS निरीक्षक (INS Nireekshak), जिसका पेनेन्ट नंबर A15 है, गहरे समुद्र में गोताखोरी सहायता और पनडुब्बी बचाव कार्यों के लिए भारत का एक अत्यंत विशिष्ट और महत्वपूर्ण पोत है।
- निर्माणकर्ता: मझगांव डॉक लिमिटेड (MDL), मुंबई
- पृष्ठभूमि: इसे मूल रूप से द्वारा तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) के अपतटीय अन्वेषण कार्यों के लिए बनाया गया था। बाद में, भारतीय नौसेना में 15 सितंबर 1995 को इसे औपचारिक रूप से कमीशन किया गया।
तकनीकी विशिष्टताएँ:
- पनडुब्बी बचाव उपकरण: यह पोत दो Deep Submergence Rescue Vehicles (DSRV) ले जाने में सक्षम है, जो 300 मीटर की गहराई तक 12 लोगों को एक साथ सुरक्षित निकाल सकते हैं।
- डाइविंग सिस्टम: इसमें दो सिक्स-मैन रीकंप्रेशन चैंबर और एक थ्री-मैन डाइविंग बेल शामिल है। यह सैचुरेशन डाइविंग की सुविधा प्रदान करता है, जिससे गोताखोर अधिक समय तक और अधिक गहराई में काम कर सकते हैं।
- डायनामिक पोजिशनिंग सिस्टम (DPS): इसमें कोंग्सबर्ग ADP-503 Mk. II सिस्टम लगा है, जो इसे समुद्र की लहरों और हवा के बावजूद एक ही स्थान पर स्थिर रहने में मदद करता है, जो सटीक डाइविंग कार्यों के लिए अनिवार्य है।
- आकार और गति: लगभग 2160 टन विस्थापन वाले इस पोत की अधिकतम गति 12 समुद्री मील (knots) है। INS निरीक्षक एक डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) है जो उन्नत उपकरणों से लैस है।
मुख्य उपलब्धियां:
- गहरी डाइविंग का रिकॉर्ड: इस पोत ने भारत में 257 मीटर की गहराई तक सबसे गहरी डाइव लगाने का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है।
- ऑपरेशनल उत्कृष्टता: इसे इसकी विशिष्ट सेवाओं और गहरे समुद्र में साहसी कार्यों के लिए चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (CNS) यूनिट साइटेशन से भी सम्मानित किया जा चुका है। [6]
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वर्तमान मिशन: हाल ही में, INS निरीक्षक 21 अप्रैल 2026 को श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पहुँचा है। यह श्रीलंका नौसेना के साथ द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास ‘IN-SLN DIVEX 2026’ के चौथे संस्करण में भाग ले रहा है।
- मानवीय सहायता: ‘आरोग्य मैत्री’ पहल के तहत, यह श्रीलंकाई अधिकारियों को दो BHISM क्यूब्स (पोर्टेबल मेडिकल यूनिट्स) भेंट करेगा।
- रक्षा सहयोग: समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए भारतीय नौसेना इसके माध्यम से श्रीलंका को 50,000 राउंड 9mm गोला-बारूद भी प्रदान करेगी।
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अभ्यास IN-SLN DIVEX 2026:
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