INS सुनैना | INS Sunaina

संदर्भ:
हाल ही में भारतीय नौसेना का स्वदेशी गश्ती पोत INS सुनैना (INS Sunayna) सिंगापुर के रणनीतिक चांगी नौसैनिक अड्डे (Changi Naval Base) पर पहुँचा। यह यात्रा भारत की “सागर” (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) पहल और ‘महासागर’ (MAHASAGAR) दृष्टिकोण के तहत की जा रही है।
- यह बंदरगाह कॉल (Port Call) वर्तमान में जारी IOS SAGAR (Indian Ocean Ship SAGAR) तैनाती का हिस्सा है।
- सिंगापुर पहुँचने से पहले आईएनएस सुनैना ने माले (मालदीव), फुकेट (थाईलैंड) और जकार्ता (इंडोनेशिया) का दौरा किया था।
- यह यात्रा दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के रक्षा संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वर्ष 2026 को ‘आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है।
आईएनएस सुनैना (INS Sunayna) के बारे में:
- यह भारतीय नौसेना का एक स्वदेशी रूप से निर्मित ‘सरयू श्रेणी’ का अपतटीय गश्ती पोत (Offshore Patrol Vessel – OPV) है।
- इसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है।
- यह जहाज भारतीय नौसेना की “मेक इन इंडिया” और आत्मनिर्भरता की प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
- इसे 15 अक्टूबर 2013 को कोच्चि में कमीशन किया गया था।
विशेषताएं:
- आयाम: इसकी कुल लंबाई 105 मीटर और चौड़ाई 13 मीटर है। इसका विस्थापन (Displacement) भार लगभग 2,215 टन है।
- प्रणोदन (Propulsion): यह दो शक्तिशाली SEMT पिलस्टिक डीजल इंजनों द्वारा संचालित होता है, जो इसे 25 समुद्री मील (लगभग 46 किमी/घंटा) की शीर्ष गति प्रदान करते हैं।
- सहनशक्ति: यह पोत बिना किसी रसद सहायता के समुद्र में 6,000 समुद्री मील की दूरी तय करने की क्षमता रखता है, जिससे यह दूरस्थ गश्ती और निगरानी के लिए आदर्श है।
- मुख्य गन: यह जहाज 76 मिमी की ‘सुपर रैपिड गन माउंट’ (SRGM) से लैस है।
- सुरक्षा तंत्र: इसमें दो 30 मिमी के क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS) और उन्नत रडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट लगे हैं जो इसे दुश्मन के हवाई और समुद्री खतरों से बचाते हैं।
- हेलीकॉप्टर क्षमता: जहाज के पिछले हिस्से पर एक बड़ा हेलीपैड है, जहाँ से ध्रुव (Advanced Light Helicopter) या चेतक हेलीकॉप्टर का संचालन किया जा सकता है।
प्रमुख मिशन और रणनीतिक योगदान:
- ऑपरेशन निस्तार (2018): यमन के सोकोट्रा द्वीप पर चक्रवात ‘मेकुनु’ के बाद फंसे 38 भारतीय नागरिकों को बचाने के लिए जहाज ने विपरीत परिस्थितियों में अत्यंत साहसी बचाव अभियान चलाया।
- ऑपरेशन कावेरी (2023): सूडान में जारी सैन्य संघर्ष के दौरान, आईएनएस सुनैना ने पोर्ट सूडान से सैकड़ों भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकालकर सऊदी अरब पहुँचाया।
- समुद्री डकैती रोधी अभियान: यह जहाज नियमित रूप से अदन की खाड़ी और अफ्रीका के पूर्वी तट पर तैनात रहता है, जहाँ यह अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।