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कासु ब्रह्मानंद रेड्डी नेशनल पार्क

कासु ब्रह्मानंद रेड्डी नेशनल पार्क

Kasu Brahmananda Reddy National Park

संदर्भ:

हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने हैदराबाद के कासु ब्रह्मानंद रेड्डी (KBR) राष्ट्रीय उद्यान के चारों ओर इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) में पेड़ों की कटाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने मूल 25 से 35 मीटर के बफर जोन के भीतर किसी भी पेड़ को काटने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया।

कासु ब्रह्मानंद रेड्डी राष्ट्रीय उद्यान (KBR National Park) के बारे में:

  • अवस्थिति: यह राष्ट्रीय उद्यान तेलंगाना राज्य के हैदराबाद शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक और पॉश आवासीय क्षेत्रों—जुबली हिल्स (Jubilee Hills) और बंजारा हिल्स (Banjara Hills) में स्थित है।
  • क्षेत्रफल: यह पार्क लगभग 390 एकड़ (या लगभग 1.42 वर्ग किलोमीटर) के क्षेत्र में फैला हुआ है।
  • पारिस्थितिक महत्व: शहरी कंक्रीट के बीच स्थित होने के कारण इसे हैदराबाद का मुख्य “लंग स्पेस” (Lung Space – हरित फेफड़ा) कहा जाता है, जो शहर के तापमान को नियंत्रित करने और वायु प्रदूषण को सोखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: यह पूरा क्षेत्र मूल रूप से हैदराबाद के तत्कालीन निज़ाम की निजी संपत्ति का हिस्सा था।
    • उद्यान परिसर के भीतर ऐतिहासिक चिरान पैलेस (चिरान किला पैलेस) स्थित है। वर्ष 1967 में निज़ाम के राजकुमार मुकर्रम जाह के राज्याभिषेक के समय उनके पिता द्वारा यह आधुनिक महल उन्हें सौंपा गया था, जिसका निर्माण 1960 के दशक में हुआ था। इस परिसर में मोर बंगला, गोल बंगला, अस्तबल और पुरानी विंटेज कारों के लिए मोटर खाना भी शामिल हैं।
  • राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा: केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद, तत्कालीन अविभाजित आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 1998 में इसे औपचारिक रूप से राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया। इसका नाम राज्य के पूर्व लोकप्रिय मुख्यमंत्री कासु ब्रह्मानंद रेड्डी के नाम पर रखा गया
  • वनस्पति (Flora): KBR पार्क में 600 से अधिक पौधों और वृक्षों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यहाँ की वनस्पति मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती (Tropical Dry Deciduous Forest) प्रकार की है। यहाँ नीम, सागौन (Teak), बरगद, पीपल, बांस और चंदन (Sandalwood) जैसे औषधीय व छायादार वृक्षों की प्रचुरता है।
  • जीव-जंतु (Fauna): यहाँ मुख्य रूप से पेंगोलिन (Pangolin), स्मॉल इंडियन सिवेट (Small Indian Civet – कस्तूरी बिल्ली), भारतीय साही (Porcupine), जंगली बिल्ली (Jungle Cat) और नेवले पाए जाते हैं।
  • पक्षी और तितलियाँ (Avifauna & Butterflies): यहाँ 140 से अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय मोर (Peacocks), तोते और किंगफिशर शामिल हैं। 
    • इसके अतिरिक्त, यहाँ लगभग 30 विभिन्न प्रजातियों की रंग-बिरंगी तितलियाँ और 20 से अधिक सरीसृप (सांप, मॉनिटर लिजार्ड) वास करते हैं। 
  • चुनौतियाँ पार्क के चारों ओर फ्लाईओवर, अंडरपास और वाणिज्यिक भवनों का तेजी से निर्माण हो रहा है, जिससे इसकी बाहरी सीमाएं प्रभावित हो रही हैं।
  • पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत 27 अक्टूबर 2020 को भारत सरकार ने इसके चारों ओर ESZ अधिसूचित किया था, जिसे घटाकर 3 मीटर तक सीमित करने की कोशिशों पर वर्तमान में न्यायिक विवाद चल रहा है।

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