खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड | Mineral Bidesh India Limited

संदर्भ:
हाल ही में भारत सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) को अर्जेंटीना सरकार से वहां के कैटामार्का (Catamarca) प्रांत में स्थित पांच लिथियम ब्लॉक के लिए महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मंजूरी (Environmental Clearance) प्राप्त हुई है।
- वर्तमान में भारत अपनी लिथियम जरूरतों के लिए आयात (विशेषकर चीन से) पर निर्भर है। इस परियोजना से भारत की सप्लाई चेन लचीली बनेगी।
खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) के बारे में:
- परिचय: खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) भारत सरकार के खान मंत्रालय के अधीन एक रणनीतिक संयुक्त उद्यम है, जिसकी स्थापना देश की ‘खनिज सुरक्षा’ (Mineral Security) सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
- स्थापना: KABIL को 8 अगस्त 2019 को कंपनी अधिनियम 2013 के तहत शामिल किया गया था। यह तीन प्रमुख केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) का एक साझा प्रयास है:
- नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO): 40% हिस्सेदारी (अग्रणी भागीदार)
- हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL): 30% हिस्सेदारी
- मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (MECL): 30% हिस्सेदारी [6, 7]
- पूंजी: कंपनी की अधिकृत पूंजी ₹500 करोड़ और चुकता पूंजी ₹100 करोड़ है। इसका पंजीकृत कार्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
मुख्य कार्य:
- खनिज अन्वेषण: KABIL का प्राथमिक उद्देश्य विदेशों में उन महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की पहचान, अन्वेषण, अधिग्रहण और विकास करना है जिनकी भारत में कमी है।
- खनिज सुरक्षा: ऊर्जा सुरक्षा और ‘नेट जीरो’ लक्ष्यों के लिए आवश्यक खनिजों की निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला बनाना।
- आयात प्रतिस्थापन: विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करना, विशेषकर लिथियम और कोबाल्ट के लिए।
- मेक इन इंडिया का समर्थन: घरेलू हाई-टेक उद्योगों, रक्षा, अंतरिक्ष और विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र के लिए कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
प्रमुख वैश्विक प्रोजेक्ट्स:
KABIL मुख्य रूप से लिथियम (Li) और कोबाल्ट (Co) पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसके प्रमुख वैश्विक प्रोजेक्ट्स इस प्रकार हैं:
- अर्जेंटीना (कैटामार्का प्रांत):
- समझौता: अर्जेंटीना की सरकारी कंपनी CAMYEN के साथ 5 लिथियम ब्राइन ब्लॉकों के लिए ₹200 करोड़ ($24 मिलियन) का अन्वेषण समझौता।
- ताजा अपडेट (अप्रैल 2026): इन ब्लॉकों (लगभग 15,703 हेक्टेयर) में गहरे अन्वेषण के लिए पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त हुई है।
- महत्व: यह किसी भारतीय सार्वजनिक उपक्रम द्वारा विदेश में किया गया पहला लिथियम अन्वेषण प्रोजेक्ट है।
- ऑस्ट्रेलिया:
- KABIL ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार के ‘क्रिटिकल मिनरल ऑफिस’ (CMO) के साथ एक MoU साइन किया है।
- यहाँ लिथियम और कोबाल्ट प्रोजेक्ट्स के लिए संयुक्त ‘ड्यू डेलिजेंस’ (Due Diligence) की जा रही है ताकि भविष्य में निवेश और ऑफ-टेक समझौते किए जा सकें।
- चिली:
- चिली की सरकारी कंपनी ENAMI के साथ सूचना साझा करने और डेटा एक्सचेंज के लिए NDA (Non-Disclosure Agreement) साइन किया गया है।