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National Flag Adoption Day – जानिए कब और कैसे राष्ट्रीय ध्वज को अंगीकृत किया गया?

National Flag Adoption Day – जानिए कब और कैसे राष्ट्रीय ध्वज को अंगीकृत किया गया?

National Flag Adoption Day

संदर्भ:

22 जुलाई 2026 को भारत भर में 79वां राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस (National Flag Adoption Day) मनाया गया। इसी ऐतिहासिक दिन देश की संविधान सभा ने तिरंगे को अपनाया था।

राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस (National Flag Adoption Day) क्या हैं?

  • परिचय: राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस (Flag Adoption) वह ऐतिहासिक दिन है जब भारत के राष्ट्रीय ध्वज (National Flag of India) को आधिकारिक तौर पर संवैधानिक स्वीकृति मिली।
  • उद्देश्य: इसका दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में देशभक्ति की भावना जगाना है। यह दिन हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संप्रभु राष्ट्र के प्रतीक के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर देता है।
  • शुरुआत: इस दिवस की ऐतिहासिक शुरुआत 22 जुलाई 1947 से जुड़ी है। इसी दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा (Constituent Assembly) में तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाने का प्रस्ताव रखा था।

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास (Indian National Flag History):

  • 1906 (प्रथम अनाधिकारिक ध्वज): भारत का पहला राष्ट्रीय ध्वज 7 अगस्त 1906 को पारसी बागान चौक (कोलकाता) में फहराया गया था। इसमें हरी, पीली और लाल रंग की तीन पट्टियाँ थीं, जिस पर ‘वंदे मातरम’ लिखा था। 
  • 1907 (मैडम भीकाजी कामा का ध्वज): मैडम कामा और उनके क्रांतिकारी साथियों ने 1907 में जर्मनी में भारत का झंडा फहराया। यह विदेशी धरती पर फहराया जाने वाला पहला भारतीय ध्वज था। 
  • 1917 (होम रूल आंदोलन ध्वज): डॉ. एनी बेसेंट और लोकमान्य तिलक ने घरेलू शासन आंदोलन के दौरान एक नया झंडा फहराया, जिसमें 5 लाल और 4 हरी पट्टियाँ थीं।
  • 1921 (पिंगली वेंकैया का योगदान): आंध्र प्रदेश के महान स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया (Pingali Venkayya) ने महात्मा गांधी के निर्देश पर एक ध्वज तैयार किया।
    • इसमें प्रारंभ में दो रंग (लाल और हरा) थे, जो दो प्रमुख धार्मिक समुदायों का प्रतिनिधित्व करते थे। बाद में इसमें सफेद पट्टी और चरखा जोड़ा गया।
  • 1931 (ऐतिहासिक कराची प्रस्ताव): वर्ष 1931 भारतीय ध्वज के इतिहास (Indian Flag History) में मील का पत्थर साबित हुआ।
    • कांग्रेस के कराची अधिवेशन में तीन रंगों (केसरिया, सफेद और हरा) वाले ध्वज को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया, जिसके केंद्र में गांधी जी का चरखा था। 
    • केसरिया रंग साहस और त्याग का, सफेद रंग शांति और सत्य का तथा हरा रंग विश्वास और समृद्धि का जीवंत प्रतीक है।
  • 1947 (संविधान सभा द्वारा अंगीकरण): डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता वाली तदर्थ झंडा समिति (Adhoc Flag Committee) ने कुछ संशोधनों के साथ इसे राष्ट्र को समर्पित किया।
    • चरखे के स्थान पर सम्राट अशोक के धर्मचक्र को शामिल किया गया। 24 तीलियों वाला नीला अशोक चक्र है।
    • 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने इसे भारत का राष्ट्रीय ध्वज स्वीकार किया।

राष्ट्रीय ध्वज से संबंधित नियम और कानूनी ढांचा:

  • भारतीय ध्वज संहिता, 2002 (Flag Code of India, 2002): यह संहिता नागरिकों, निजी संगठनों और सरकारी संस्थानों द्वारा झंडा फहराने के नियमों को एकीकृत करती है। इसके मुख्य प्रावधान निम्नलिखित हैं:
    • सामग्री: ध्वज को हाथ से काते गए और बुने हुए ऊन, कपास, रेशम या खादी के अलावा मशीन से बने पॉलिएस्टर, नायलॉन से भी बनाया जा सकता है।
    • आकार: राष्ट्रीय ध्वज का आकार हमेशा आयताकार (Rectangular) होना चाहिए। इसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना अनिवार्य है।
    • प्रदर्शन: झंडे को कभी भी जमीन या पानी से स्पर्श नहीं कराना चाहिए। इसे किसी भी प्रकार के पहनावे या वर्दी के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता। 
  • कानूनी संरक्षण और अधिनियम:
    • प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग की रोकथाम) अधिनियम, 1950: यह कानून राष्ट्रीय ध्वज के व्यावसायिक या अनुचित उपयोग को प्रतिबंधित करता है।
    • राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971: इसके तहत राष्ट्रीय ध्वज को जलाने, दूषित करने या उसका अपमान करने पर तीन साल तक की जेल या जुर्माने का प्रावधान है। 
  • सर्वोच्च न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला:
    • नवीन जिंदल बनाम भारत संघ मामला (2004): इस ऐतिहासिक मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक नागरिक द्वारा आदर और गरिमा के साथ अपने घरों या कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत एक मौलिक अधिकार (Fundamental Right) है। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है। 

इस दिवस का राष्ट्रीय महत्व:

  • राष्ट्रीय एकता का प्रतीक: तिरंगा भारत की सांस्कृतिक विविधता, बहुलवाद और अखंडता को एक सूत्र में पिरोता है।
  • संवैधानिक मूल्यों का स्मरण: यह दिवस नागरिकों को संविधान सभा (Constituent Assembly) के आदर्शों, संप्रभुता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील बनाता है।
  • नागरिक कर्तव्य: यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(a) के तहत प्रत्येक नागरिक के मूल कर्तव्य (Fundamental Duty) को रेखांकित करता है, जो राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का आदर करने का निर्देश देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस कब मनाया जाता है?

    भारत में प्रत्येक वर्ष 22 जुलाई को राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस (National Flag Adoption Day) गौरवशाली तरीके से मनाया जाता है। 

  2. भारत का राष्ट्रीय ध्वज कब अपनाया गया था?

    भारत का राष्ट्रीय ध्वज 22 जुलाई 1947 को आयोजित संविधान सभा की बैठक के दौरान आधिकारिक रूप से अपनाया गया था।

  3. भारतीय तिरंगे के कल्पक या डिजाइनर कौन थे?

    भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का मूल वैचारिक प्रारूप प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया (Pingali Venkayya) द्वारा अत्यंत खूबसूरती से तैयार किया गया था।

  4. राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों का क्या महत्व है?

    केसरिया रंग साहस और त्याग का, सफेद रंग शांति और सत्य का तथा हरा रंग विश्वास और समृद्धि का जीवंत प्रतीक है। 

  5. अशोक चक्र का क्या अर्थ है?

    केंद्र में स्थित 24 तीलियों वाला नीला अशोक चक्र न्याय, गतिशीलता और निरंतर प्रगति के धर्म चक्र (Wheel of Law) को प्रदर्शित करता है।

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