नीति आयोग की भारत में अनुसंधान एवं विकास करने में सुगमता रिपोर्ट | NITI Aayog Ease of Doing Research and Development in India Report

संदर्भ:
हाल ही में नीति आयोग ने भारत के अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए दो “भारत में अनुसंधान एवं विकास करने में सुगमता (Ease of Doing Research & Development in India)” और इसकी संबंधित सर्वे रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट 400 से अधिक संस्थानों और 850 से अधिक वैज्ञानिकों के साथ किए गए गहन परामर्श के आधार पर तैयार की गई है।
रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष:
- निम्न R&D व्यय: भारत का अनुसंधान और विकास पर सकल व्यय (GERD) वर्तमान में जीडीपी का मात्र 0.64% है, जो अमेरिका (3.4%) और दक्षिण कोरिया (4.9%) जैसे देशों की तुलना में काफी कम है।
- सार्वजनिक क्षेत्र का प्रभुत्व: विकसित देशों के विपरीत (जहाँ 70% निवेश निजी क्षेत्र से आता है), भारत में R&D निवेश का लगभग 60% सार्वजनिक क्षेत्र द्वारा किया जाता है।
- प्रशासनिक बाधाएं: पुराने खरीद नियम (GFR), जटिल नियामक ढांचे और फंडिंग में देरी अनुसंधान की गति को धीमा कर रहे हैं।
रिपोर्ट की महत्वपूर्ण सिफारिशें:
- ROPE फ्रेमवर्क: नीति आयोग ने R&D क्षेत्र की बाधाओं को दूर करने के लिए ROPE (Removing Obstacles and Promoting Enablers) फ्रेमवर्क का सुझाव दिया है। इसका उद्देश्य नवाचार के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाना है।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी और CSR: कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड का उपयोग उभरती हुई तकनीकों और स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए करने की सिफारिश की गई है।
- Lab-to-Market ट्रांजिशन: रिपोर्ट ‘मिशन-मोड R&D’ पर जोर देती है ताकि मौलिक अनुसंधान को व्यावहारिक और व्यावसायिक तकनीकों में बदला जा सके।
- अनुसंधान अनुदान में लचीलापन: फंडिंग को परिणाम-उन्मुख (outcome-oriented) बनाने और वैज्ञानिकों को अधिक परिचालन स्वायत्तता (operational autonomy) देने का सुझाव दिया गया है।
- ANRF का प्रभावी उपयोग: ₹1 लाख करोड़ के Anusandhan National Research Foundation (ANRF) फंड का उपयोग करके निजी क्षेत्र के साथ तालमेल बिठाने और नवाचार को गति देने पर जोर दिया गया है।
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प्रमुख क्षेत्र |
वर्तमान स्थिति |
प्रस्तावित सुधार |
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R&D निवेश |
0.64% (GDP का) |
2% का लक्ष्य और निजी निवेश बढ़ाना |
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नियामक ढांचा |
कठोर और नौकरशाही प्रधान |
लचीला और विश्वास-आधारित (ROPE) |
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नवाचार |
GII रैंक 38 |
टॉप 10 वैश्विक नवाचार देशों में शामिल होना |