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NMC Unified Registration System for Doctors- राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग का एकीकृत पंजीकरण प्रणाली प्रस्ताव क्या हैं?

NMC Unified Registration System for Doctors- राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग का एकीकृत पंजीकरण प्रणाली प्रस्ताव क्या हैं?

NMC Unified Registration System for Doctors

संदर्भ: 

हाल ही में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (National Medical Commission – NMC) ने भारत में चिकित्सा शिक्षा और पेशेवरों के विनियमन हुए ‘पंजीकरण और डॉक्टरों के लिए लाइसेंस विनियम, 2026’ का मसौदा जारी किया। 

  • इसके तहत देश के सभी डॉक्टरों के लिए एक एकीकृत पंजीकरण प्रणाली (NMC Unified Registration System for Doctors) और ‘एक राष्ट्र, एक लाइसेंस’ का प्रस्ताव दिया गया।

एकीकृत पंजीकरण प्रणाली (NMC Unified Registration System for Doctors) के बारे में:

  • वर्तमान परिदृश्य:
    • विखंडित पंजीकरण प्रणाली: वर्तमान में भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 के पुराने नियमों के कारण डॉक्टरों को उस विशेष राज्य की राज्य चिकित्सा परिषद (State Medical Council – SMC) में पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है, जहाँ वे अभ्यास करना चाहते हैं।
    • अंतर-राज्यीय बाधाएँ: यदि कोई डॉक्टर एक से अधिक राज्यों में अभ्यास (Practice) करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक राज्य परिषद में अलग से शुल्क देकर पंजीकरण या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना पड़ता है। यह प्रक्रिया अत्यंत जटिल होती है।
    • डेटा विसंगति: विभिन्न राज्यों के पास डॉक्टरों का कोई वास्तविक समय (Real-time) एकीकृत डेटाबेस नहीं है, जिससे देश में डॉक्टरों की कुल वास्तविक संख्या और उनकी विशेषज्ञता का सटीक आकलन करना कठिन होता है।
  • प्रस्तावित एकीकृत प्रणाली: यह प्रस्ताव भारत में चिकित्सा पंजीकरण में एकरूपता लाने के लिए एक केंद्रीकृत, डिजिटल और वेब-आधारित प्रणाली है। इसके माध्यम से देश के सभी पंजीकृत एलोपैथिक (आधुनिक चिकित्सा) डॉक्टरों को एक विशिष्ट पहचान संख्या (UID) आवंटित की जाएगी, जो पूरे देश में मान्य होगी।
  • समेकित राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर (National Medical Register – NMR): एनएमसी एक केंद्रीकृत डिजिटल डेटाबेस (NMC National Medical Register) का रखरखाव करेगा। इसमें डॉक्टरों के नाम, योग्यता, विशेषज्ञता, विश्वविद्यालय और उनके अभ्यास की स्थिति का रीयल-टाइम विवरण होगा। 
  • सिंगल मेडिकल लाइसेंस (NMC Single Medical Licence): एक बार एनएमआर में दर्ज होने के बाद, डॉक्टर को ‘सिंगल लाइसेंस’ प्राप्त होगा। इस लाइसेंस के आधार पर डॉक्टर बिना किसी अतिरिक्त राज्य-स्तरीय पंजीकरण के पूरे भारत में अभ्यास करने के लिए पात्र (Doctors Practice Across India) हो जाएंगे।
  • डिजिटल अनुप्रयोग: आवेदन से लेकर प्रमाणीकरण तक की पूरी प्रक्रिया एनएमसी के एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पेपरलेस (Paperless) मोड में पूरी की जाएगी।
  • State Medical Councils (SMCs) की भूमिका: राज्य चिकित्सा परिषदों की भूमिका पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। वे आवेदकों के प्राथमिक दस्तावेजों (डिग्री, इंटर्नशिप प्रमाणपत्र) के भौतिक और विधिक सत्यापन (Verification) के लिए जिम्मेदार नोडल निकाय के रूप में कार्य करती रहेंगी। सत्यापन के बाद, वे आवेदन को एनएमसी को अग्रेषित करेंगी।
  • NMC (केंद्रीय निकाय): यह अंतिम रूप से यूआईडी उत्पन्न करेगा और राष्ट्रीय रजिस्टर को अपडेट करेगा।
  • शामिल हितधारक: नव स्नातक (MBBS) और मौजूदा डॉक्टर इस पोर्टल पर अपनी साख अपलोड करेंगे।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC: National Medical Commission) के बारे में:

  • स्थापना: एनएमसी की स्थापना 25 सितंबर 2020 को की गई थी। इसने 86 वर्ष पुरानी भारतीय चिकित्सा परिषद (Medical Council of India – MCI) को प्रतिस्थापित किया, जो भ्रष्टाचार और अक्षमता के आरोपों से घिरी थी।
  • विधिक आधार: इसका गठन संसद द्वारा पारित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 (NMC Act, 2019) के वैधानिक प्रावधानों के तहत किया गया है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।
  • संरचना: एनएमसी में कुल 33 सदस्य होते हैं, जिनमें शामिल हैं:
  • एक अध्यक्ष (Chairperson): यह एक अत्यंत अनुभवी चिकित्सा पेशेवर होता है।
  • 10 पदेन सदस्य (Ex-officio Members): इनमें स्वास्थ्य महानिदेशालय (DGHS), आईसीएमआर (ICMR) के महानिदेशक और एनएमसी के चार स्वायत्त बोर्डों के अध्यक्ष शामिल होते हैं।
  • 22 अंशकालिक सदस्य (Part-time Members): इनमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चिकित्सा परिषदों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
  • पात्रता: अध्यक्ष और सदस्यों के पास चिकित्सा शिक्षा या सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में न्यूनतम 20 वर्षों का प्रतिष्ठित अनुभव होना अनिवार्य है।
  • चयन प्रक्रिया: सदस्यों का चयन कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित एक उच्च स्तरीय खोज-सह-चयन समिति (Search-cum-Selection Committee) की सिफारिशों पर केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है।
  • कार्यकाल: अध्यक्ष और अंशकालिक सदस्यों का कार्यकाल 4 वर्ष या 70 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक होता है। इन्हें पुनर्नियुक्ति (Re-appointment) की पात्रता नहीं होती है।
  • शक्तियां एवं कार्य:
    • गुणवत्ता नियंत्रण: चिकित्सा शिक्षा (UG और PG) के लिए मानक पाठ्यक्रम, बुनियादी ढांचे और संकाय मानदंडों को निर्धारित करना।
    • स्वायत्त बोर्ड: इसके अंतर्गत चार विशिष्ट बोर्ड कार्य करते हैं—यूजी मेडिकल एजुकेशन बोर्ड, पीजी मेडिकल एजुकेशन बोर्ड, मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB), और एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड (EMRB)।
    • शुल्क विनियमन: निजी चिकित्सा संस्थानों और डीम्ड विश्वविद्यालयों में 50% सीटों के लिए शुल्क और अन्य शुल्कों के निर्धारण के लिए दिशानिर्देश तैयार करना।
    • नैतिक आचरण: डॉक्टरों के पेशेवर आचरण को विनियमित करना और चिकित्सा आचार संहिता का प्रवर्तन करना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: NMC Unified Registration System क्या है?

उत्तर: यह राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा प्रस्तावित एक केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली (Unified Doctor Registration India) है, जिसके तहत देश के सभी डॉक्टरों का एक साझा राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया जाएगा। 

प्रश्न 2: NMC Doctors के लिए Single Licence क्यों प्रस्तावित कर रहा है?

उत्तर: इसका उद्देश्य डॉक्टरों को विभिन्न राज्यों में अभ्यास करने के लिए बार-बार अलग-अलग राज्य चिकित्सा परिषदों (SMCs) में पंजीकरण कराने की जटिलता से मुक्ति दिलाना है।

प्रश्न 3: क्या नए सिस्टम के तहत Doctors पूरे India में Practice कर सकेंगे?

उत्तर: हाँ, इस विधिक सुधार (NMC Doctor Licence Reform) के बाद ‘एक राष्ट्र, एक लाइसेंस’ नीति के तहत डॉक्टर बिना किसी अतिरिक्त राज्यीय बाधा के पूरे भारत में अभ्यास (Doctors Practice Across India) कर सकेंगे।

प्रश्न 4: National Medical Commission के Unified Registration System का उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक नौकरशाही को कम करना, डॉक्टरों की अंतर-राज्यीय गतिशीलता बढ़ाना और देश में मानव संसाधन का एक पारदर्शी रीयल-टाइम डेटाबेस (Real-time Database) बनाना है।

प्रश्न 5: National Medical Register और Unified Registration System में क्या संबंध है?

उत्तर: एकीकृत पंजीकरण प्रणाली वह प्रक्रिया (Application Process) है जिसके माध्यम से डॉक्टरों का डेटा सत्यापित होकर अंतिम रूप से ‘नेशनल मेडिकल रजिस्टर’ (NMR) नामक केंद्रीय डेटाबेस में दर्ज होता है।

प्रश्न 7: NMC के नए Registration System से Doctors को क्या फायदा होगा?

उत्तर: डॉक्टरों को विशिष्ट पहचान संख्या (UID) मिलेगी, बार-बार के पंजीकरण शुल्क और कागजी कार्रवाई से बचत होगी तथा देश भर में टेली-मेडिसिन और परामर्श सेवाएं देना सुगम हो जाएगा।

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