पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 रिपोर्ट 2026 | Panchayat Advancement Index 2.0 Report 2026

संदर्भ:
हाल ही में पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पंचायत उन्नति सूचकांक (Panchayat Advancement Index – PAI) 2.0 रिपोर्ट जारी की।
- यह सूचकांक भारत की 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन को मापने वाला पहला व्यापक डेटा-संचालित ढांचा है।
PAI 2.0 की प्रमुख विशेषताएं:
PAI 2.0 को LSDG (सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण) के ढांचे के आधार पर विकसित किया गया है, जो 17 वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को ग्रामीण भारत के अनुकूल 9 विषयगत क्षेत्रों (Themes) में संकलित किया गया है:
- थीम की संख्या: 9 प्रमुख क्षेत्र (जैसे गरीबी मुक्त, स्वस्थ, जल पर्याप्त, और सुशासन युक्त पंचायत)।
- संकेतक (Indicators): PAI 2.0 में संकेतकों की संख्या को युक्तिसंगत बनाकर 150 (वर्जन 1.0 में 516 से घटाकर) कर दिया गया है।
- डेटा बिंदु (Data Points): कुल 230 डेटा बिंदुओं का उपयोग किया गया है।
- भागीदारी: 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 97.30% पंचायतों (2,59,867) ने इसमें भाग लिया।
ग्रेडिंग और प्रदर्शन श्रेणियां:
पंचायतों को उनके समग्र स्कोर (0-100 स्केल) के आधार पर पांच श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
|
श्रेणी |
ग्रेड |
स्कोर सीमा |
वर्तमान रिपोर्ट की स्थिति |
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Achiever |
A+ |
90 और उससे अधिक |
राष्ट्रीय स्तर पर शून्य पंचायतें (समग्र स्कोर में) |
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Front Runner |
A |
75 से 90 से कम |
3,635 ग्राम पंचायतें |
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Performer |
B |
60 से 75 से कम |
1,18,824 पंचायतें (सबसे बड़ा समूह – 45.72%) |
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Aspirant |
C |
40 से 60 से कम |
विकास की प्रक्रिया में अग्रसर |
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Beginner |
D |
40 से कम |
बुनियादी ढांचे और सेवाओं में सुधार की आवश्यकता |
रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष:
- राज्य भागीदारी: इसमें 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश ने 100% भागीदारी दर्ज की, जबकि पश्चिम बंगाल इसमें शामिल नहीं हुआ।
- शीर्ष प्रदर्शनकर्ता: त्रिपुरा शीर्ष राज्य बनकर उभरा, जहाँ की लगभग 80% ग्राम पंचायतें ‘फ्रंट रनर’ श्रेणी में रहीं।
- त्रिपुरा के बाद केरल और ओडिशा का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा।
- गरीबी मुक्त और उन्नत आजीविका (विषय 1): इस क्षेत्र में 3,313 पंचायतों ने सर्वोच्च A+ ग्रेड हासिल किया।
- स्वस्थ पंचायत (विषय 2): निवारक स्वास्थ्य देखभाल और पोषण में उत्कृष्ट कार्य के लिए 1,015 पंचायतें A+ श्रेणी में रहीं।
- डेटा सरलीकरण: पीएआई 2.0 में संकेतकों को 516 से घटाकर 150 किया गया, जिससे मूल्यांकन अधिक सटीक और सुव्यवस्थित हो गया है।
महत्व:
- साक्ष्य-आधारित नियोजन: यह सूचकांक ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) के निर्माण के लिए वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है।
- प्रतिस्पर्धी संघवाद: राज्यों और पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: डेटा का ग्राम सभा द्वारा अनिवार्य सत्यापन स्थानीय प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
- संसाधन आवंटन: कई राज्य अब PAI स्कोर के आधार पर पंचायतों को अतिरिक्त संसाधनों का आवंटन कर रहे हैं।