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Pradhan Mantri Viksit Gram Swaraj Yojana: PM VGSY को कैबिनेट मंजूरी, ₹7,395 करोड़ का रखा गया बजट

Pradhan Mantri Viksit Gram Swaraj Yojana: PM VGSY को कैबिनेट मंजूरी, ₹7,395 करोड़ का रखा गया बजट

संदर्भ:

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रामीण शासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (Pradhan Mantri Viksit Gram Swaraj Yojana) को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक लागू करने की मंजूरी दी।

पीएम विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM Viksit Gram Swaraj Yojana) के बारे में:

  • PM Viksit Gram Swaraj Yojana: PM VGSY एक नेक्स्ट-जेनरेशन (Next-generation) प्रशासनिक सुधार पहल है। इसे केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) के रूप में स्वीकृत किया गया है।
    • इस योजना का मूल सिद्धांत पारंपरिक निर्देशात्मक (Prescriptive) नीतियों से हटकर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकेंद्रीकृत योजना निर्माण (Decentralized Planning) और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाना है। 
  • कार्यान्वयन अवधि (PM VGSY Implementation Period): यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक संचालित की जाएगी।
  • यह कार्यान्वयन अवधि सोलहवें वित्त आयोग (Sixteenth Finance Commission) के कार्यकाल के साथ सह-समानार्थक (Co-terminus) होगी। 
  • बजटीय आवंटन (PM VGSY Budget): इस योजना के सुचारू संचालन के लिए कैबिनेट द्वारा कुल ₹7,395.55 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई है। इस वित्तीय परिव्यय (Financial Outlay) का ढांचा इस प्रकार है: 
  • केंद्र सरकार का हिस्सा (Central Share): ₹4,869.48 करोड़
  • राज्य सरकार का हिस्सा (State Share): ₹2,526.07 करोड़
  • नोडल मंत्रालय: यह योजना भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय (Ministry of Panchayati Raj) द्वारा संचालित और प्रबंधित की जाएगी।
  • भौगोलिक विस्तार: यह योजना देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में लागू होगी। इसमें भारतीय संविधान के भाग IX (Part IX) के दायरे से बाहर वाले क्षेत्र भी शामिल होंगे, जहाँ पारंपरिक ग्रामीण स्थानीय निकाय (Traditional Rural Local Bodies India) काम करते हैं। 
  • विशेषताएं और डिजिटल अवसंरचना (Features & Digital Infrastructure): यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल पंचायत गवर्नेंस (Digital Panchayat Governance) को नए स्तर पर ले जाएगी:
  • ई-ग्रामस्वराज पोर्टल (eGramSwaraj Portal): इस साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से प्रत्येक वर्ष 2.55 लाख से अधिक व्यापक ग्राम पंचायत विकास योजना (Gram Panchayat Development Scheme) तैयार की जाएगी। यह योजना साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) विकास पर केंद्रित होगी।
  • ऑडिट ऑनलाइन (AuditOnline): पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सालाना कम से कम 2.55 लाख ऑनलाइन ऑडिट योजनाएं तैयार की जाएंगी और वित्तीय ऑडिट समय पर पूरा किया जाएगा।
  • ‘पंचम’ प्लेटफॉर्म (PANCHAM Platform): यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित एक बहुभाषी संचार प्लेटफॉर्म है। यह 17 भारतीय भाषाओं में सरकारी योजनाओं की जानकारी सरल शब्दों में ग्रामीण नागरिकों तक पहुँचाएगा।
  • संस्थागत क्षमता निर्माण (Panchayat Capacity Building): योजना के तहत त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के निर्वाचित प्रतिनिधियों और पंचायत कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीकी और प्रशासनिक प्रशिक्षण (Training) दिया जाएगा।
  • इसके तहत किसी भी स्थायी पद (Permanent Post) का सृजन नहीं किया जाएगा, बल्कि आवश्यकता के आधार पर राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर तकनीकी सहायता के लिए संविदात्मक जनशक्ति (Contractual Human Resources) की मदद ली जाएगी। 

PM VGSY योजना के लाभ:

  • विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति: यह योजना भारत के ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाकर राष्ट्रीय विजन विकसित भारत 2047 (Viksit Bharat 2047) को साकार करने का आधार तैयार करती है।
  • पंचायती राज सुधार (Panchayati Raj Reforms India): यह पंचायतों को केवल एक कार्यान्वयन एजेंसी (Implementation Agency) बनाने के बजाय उन्हें एकीकृत स्थानीय विकास योजना के मुख्य केंद्र के रूप में स्थापित करती है।
  • वित्तीय जवाबदेही (Panchayat Financial Accountability): ऑनलाइन ऑडिट और सार्वजनिक प्रकटीकरण (Public Disclosure) के माध्यम से वित्तीय अनियमितताओं को रोका जाएगा। साथ ही, यह पंचायतों को अपने स्वयं के राजस्व स्रोतों (Own Source Revenue – OSR) को बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।
  • विभागों में समन्वय (Cross-Departmental Coordination): ग्राम सभाओं के माध्यम से विभिन्न केंद्रीय और राज्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा, जिससे फंड की बर्बादी रुकेगी।
  • व्यापक जनभागीदारी (Participatory Development): प्रत्येक जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से न्यूनतम 1 करोड़ नागरिकों तक पहुँच बनाने का लक्ष्य है, जो ग्रामीण स्तर पर सहभागी लोकतंत्र (Participatory Democracy) को मजबूत करेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM VGSY) क्या है?

उत्तर: यह ग्रामीण शासन व्यवस्था (Rural Governance) को डिजिटल और संस्थागत रूप से मजबूत करने के लिए पंचायती राज मंत्रालय की एक नई पीढ़ी की केंद्र प्रायोजित सुधार योजना है।

प्रश्न 2: PM VGSY योजना के लिए कितना बजट मंजूर किया गया है?

उत्तर: इस योजना के लिए ₹7,395.55 करोड़ का कुल बजट मंजूर किया गया है, जिसमें केंद्र का हिस्सा ₹4,869.48 करोड़ और राज्यों का हिस्सा ₹2,526.07 करोड़ है।

प्रश्न 3: प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना कब से कब तक लागू रहेगी?

उत्तर: यह योजना आगामी 5 वर्षों के लिए, यानी वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 (16वें वित्त आयोग की अवधि) तक लागू रहेगी।

प्रश्न 4: PM VGSY योजना का लाभ किन लोगों और संस्थाओं को मिलेगा?

उत्तर: इससे देश की 2.55 लाख से अधिक पंचायतों के लगभग 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों और पंचायत पदाधिकारियों को Gram Swaraj Yojana Benefits मिलेगा। 

प्रश्न 5: प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं?

उत्तर: इसका उद्देश्य साक्ष्य-आधारित ग्राम योजना बनाना, वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करना, क्षमता निर्माण करना और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना है।

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