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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (Pradhan Mantri Surakshit Matritva Abhiyan)

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (Pradhan Mantri Surakshit Matritva Abhiyan)

Pradhan Mantri Surakshit Matritva Abhiyan

संदर्भ:

हाल ही में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) ने भारत में सुरक्षित मातृत्व और स्वास्थ्य प्रशासन के क्षेत्र में 10 वर्ष (2016-2026) पूरे किए। 

  • केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 9 जून 2026 को ’10 Years of PMSMA – A Decade of Care’ थीम के साथ देशव्यापी समारोह शुरू किया गया है।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) क्या हैं?

  • परिचय: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) देश की सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही में निश्चित दिन पर व्यापक, मानकीकृत और उच्च गुणवत्ता वाली निःशुल्क प्रसवपूर्व देखभाल (Antenatal Care – ANC) सेवाएं प्रदान करने की एक राष्ट्रीय गारंटी है। 
  • लॉन्च तिथि: 9 जून 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका शुभारंभ किया गया था।
  • नोडल मंत्रालय: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health & Family Welfare – MoHFW)।
  • उद्देश्य: देश के प्रत्येक सुदूर कोने में हर गर्भवती महिला को डॉक्टर या विशेषज्ञ द्वारा कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित करना।
  • उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (High-Risk Pregnancy – HRP) की समय पर पहचान कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को रोकना। 
  • प्रसव योजना, उचित पोषण, स्तनपान और सुरक्षित मातृत्व प्रथाओं के बारे में माताओं को शिक्षित करना।

प्रमुख विशेषताएं: 

  • 9 तारीख का नियम (9th of the Month Rule): प्रत्येक महीने की 9 तारीख को देश भर के चिन्हित सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष पीएमएसएमए सत्र आयोजित किए जाते हैं। 
  • एकल-खिड़की प्रणाली (Single-Window System): इसके तहत मुफ्त नैदानिक परीक्षण (रक्त, मूत्र जांच), दवाएं (IFA और कैल्शियम), पोषण संबंधी परामर्श और निःशुल्क अल्ट्रासोनोग्राफी (USG) प्रदान की जाती है।
  • पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP Model): निजी क्षेत्र के स्त्री रोग विशेषज्ञों (OBGY) और रेडियोलॉजिस्टों को स्वेच्छा से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर अपनी सेवाएं देने के लिए आमंत्रित किया जाता है। 
  • कलर-कोडेड स्टिकर प्रणाली (Color-Coded Stickers):
    • Green Sticker (हरा): सामान्य और सुरक्षित गर्भावस्था।
    • Red Sticker (लाल): उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (HRP) जैसे गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप या मधुमेह।
  • विस्तारित पीएमएसएमए (Extended PMSMA – 2022): केवल पहचान करने से आगे बढ़कर सरकार ने जनवरी 2022 में Extended PMSMA लॉन्च किया। इसके तहत: 
  • उच्च जोखिम वाली (HRP) गर्भवती महिलाओं की प्रसव होने तक व्यक्तिगत रूप से नाम-आधारित डिजिटल ट्रैकिंग की जाती है।
  • HRP की श्रेणियों को 10 से बढ़ाकर 25 कर दिया गया है ताकि गंभीर मामलों की सटीक ट्रैकिंग हो सके।
  • HRP महिलाओं की प्रसव के बाद 45वें दिन तक (45-Day Window) डिजिटल रूप से नाम-आधारित ट्रैकिंग की जाती है।
  • आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं को HRP ट्रैकिंग के लिए ₹100 प्रति विजिट और सफल परिणाम पर ₹500 का प्रोत्साहन दिया जाता है। लाभार्थियों को भी परिवहन हेतु ₹100 प्रति विजिट सहायता मिलती है।
  • रीयल-टाइम ट्रैकिंग के लिए लाभार्थियों और आशा कार्यकर्ताओं को स्वचालित SMS अलर्ट भेजे जाते हैं। 
  • अन्य योजनाओं के साथ मिश्रण: PMSMA भारत सरकार की RMNCH+A रणनीति (Reproductive, Maternal, Newborn, Child and Adolescent Health) के अंतर्गत ‘निरंतर देखभाल’ (Continuum of Care) दृष्टिकोण का मुख्य स्तंभ है:
  • जननी सुरक्षा योजना (JSY): संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) के लिए नकद सहायता।
  • जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK): प्रसव और नवजात के इलाज को कैशलेस व पूरी तरह निःशुल्क बनाना।
  • सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (SUMAN): सम्मानजनक और शून्य-लागत स्वास्थ्य सेवा की गारंटी।
  • लक्ष्य (LaQshya) व पोषण अभियान: प्रसव कक्षों की गुणवत्ता में सुधार और पोषण सुरक्षा प्रदान करना।
  • कार्यान्वयन स्तर: यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के माध्यम से राज्य और जिला स्तर पर लागू है। 

उपलब्धियां:

  • 7.50 करोड़+ प्रसवपूर्व जांच: पिछले एक दशक में देश की 7.50 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं को इस योजना के तहत मुफ्त प्रसवपूर्व सेवाएं मिली हैं।
  • मातृ मृत्यु दर (MMR) में भारी गिरावट: भारत का मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) जो 2014-16 में 130 प्रति लाख जीवित जन्म था, वह उल्लेखनीय रूप से घटकर वर्तमान में 87 प्रति लाख पर आ गया है।
  • कार्यान्वयन: वर्तमान में देश के 1.8 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), और जिला अस्पतालों में इसके विशेष सत्र संचालित हो रहे हैं।

महत्व:

यह योजना भारत को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG 3.1: MMR < 70) को प्राप्त करने के बेहद करीब ले आई है। प्रारंभिक स्तर पर ही स्वास्थ्य जटिलताओं को रोककर इसने न केवल गरीब परिवारों की जेब से होने वाले चिकित्सा खर्च को कम किया है, बल्कि ‘विकसित भारत @ 2047’ के लिए एक स्वस्थ और सशक्त अगली पीढ़ी की ठोस नींव रखी है। 

FAQs:

1. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान क्या है?

यह गर्भवती महिलाओं को हर महीने की 9 तारीख को सरकारी केंद्रों पर मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच (ANC) प्रदान करने का राष्ट्रीय अभियान है।

2. PMSMA कब शुरू किया गया?

इस राष्ट्रव्यापी योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 9 जून 2016 को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत की गई थी। 

3. इस योजना के लाभ क्या हैं?

इसके तहत गर्भवती महिलाओं को मुफ्त डॉक्टर जांच, खून-पेशाब टेस्ट, दवाएं, अल्ट्रासाउंड और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (HRP) की पहचान का लाभ मिलता है।

4. योजना का लाभ कौन ले सकता है?

देश की सभी गर्भवती महिलाएं, जो अपनी गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही (गर्भावस्था के 3 से 9 महीने) में हैं, इसका लाभ ले सकती हैं।

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