President Police Color Award
संदर्भ:
हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओडिशा पुलिस को उनकी उत्कृष्ट सेवा, वीरता और अटूट समर्पण के लिए प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान करने की मंजूरी दे दी है। यह सम्मान ओडिशा पुलिस के 90वें स्थापना दिवस (उत्कल दिवस, 1 अप्रैल 2026) के ऐतिहासिक अवसर पर घोषित किया गया।
‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ (President’s Colour) सम्मान के बारे में:
‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ जिसे ‘राष्ट्रपति का निशान’ के रूप में जाना जाता है, भारत में किसी भी सैन्य इकाई या राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के पुलिस बल को दिया जाने वाला सर्वोच्च संस्थागत सम्मान है। यह पुरस्कार उस बल की निरंतर सेवा, अनुशासन, वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रमाण है।
राष्ट्रपति निशान से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:
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संक्रमण काल (1950): 26 जनवरी 1950 को भारत के गणतंत्र बनने से ठीक एक दिन पहले, ब्रिटिश काल के ‘किंग्स कलर’ (King’s Colours) को भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के चेटवोड हॉल में विसर्जित कर दिया गया।
- प्रथम प्राप्तकर्ता: भारतीय नौसेना (Indian Navy) 27 मई 1951 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद से यह सम्मान प्राप्त करने वाली स्वतंत्र भारत की पहली सशस्त्र बल बनी।
- पुलिस बलों की शुरुआत: उत्तर प्रदेश पुलिस 1952 में यह सम्मान पाने वाला देश का पहला राज्य पुलिस बल बना, जिसे तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने प्रदान किया था।
- मानदंड: यह सम्मान केवल उन इकाइयों को दिया जाता है जिन्होंने शांति और युद्ध दोनों समय में असाधारण प्रदर्शन किया हो। गृह मंत्रालय (MHA) के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी भी राज्य पुलिस बल को यह सम्मान प्राप्त करने के लिए कम से कम 15 वर्ष की निरंतर और उत्कृष्ट सेवा पूरी करनी होती है। (नोट: सैन्य इकाइयों के लिए यह मानदंड अक्सर 25 वर्ष का होता है)।
- प्रतीक और ध्वज: सम्मान के रूप में एक औपचारिक ध्वज (Nishan) प्रदान किया जाता है, जिस पर बल का विशिष्ट लोगो और आदर्श वाक्य अंकित होता है।
- उदाहरण के तौर पर, सिक्किम पुलिस के ध्वज का आकार 3 फीट 9 इंच लंबा और 3 फीट चौड़ा है, जिसमें सुनहरी किनारी और बल का आधिकारिक चिन्ह अंकित है।
- वर्दी पर पहचान: इस पुरस्कार के प्राप्तकर्ता बल के सभी अधिकारी और कर्मी अपनी वर्दी की बाईं आस्तीन (Left Sleeve) पर पुरस्कार के चिन्ह (Insignia) की एक प्रतिकृति पहनने के पात्र होते हैं।
पुलिस बलों की वर्तमान स्थिति:
- सिक्किम पुलिस (जनवरी 2026): यह सम्मान पाने वाला भारत का 15वां और पूर्वोत्तर का तीसरा राज्य बना।
- उत्तराखंड पुलिस (अप्रैल 2026): हाल ही में उत्तराखंड पुलिस को राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर इस सम्मान हेतु चुना गया है।
- ओडिशा पुलिस (2026): ओडिशा को भी उनकी उत्कृष्ट सेवा और नक्सल विरोधी अभियानों में सफलता के लिए इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है।
सम्मान पाने वाले कुछ प्रमुख राज्य:
- उत्तर प्रदेश: 1952 (प्रथम राज्य)
- दिल्ली पुलिस: 1954
- महाराष्ट्र: 1961
- जम्मू-कश्मीर: 2003
- तमिलनाडु: 2009
- हरियाणा: 2022
- असम: 2022
