दुर्लभ ड्रैगनफ्लाई जाईनेकैंथा खासियाका

संदर्भ:
हाल ही में जाईनेकैंथा खासियाका नामक दुर्लभ ड्रैगनफ्लाई प्रजाति को अरुणाचल प्रदेश में 110 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद दोबारा खोजा गया।
ड्रैगनफ्लाई “जाईनेकैंथा खासियाका” के बारे में:
-
- ऐतिहासिक संदर्भ: अरुणाचल प्रदेश में इस दुर्लभ ड्रैगनफ्लाई को आखिरी बार आधिकारिक तौर पर वर्ष 1914 में ऐतिहासिक ‘अबोर अभियान’ (Abor Expedition) के दौरान देखा गया था। उसके बाद से यह राज्य के रिकॉर्ड से लापता थी।
- ताजा खोज का स्थान: इसे अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में स्थित प्रसिद्ध नमदफा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व (Namdapha National Park and Tiger Reserve) के भीतर मियाओ-विजयनगर रोड पर देखा गया है।
- वैज्ञानिक वर्गीकरण: यह ड्रैगनफ्लाई कीटों के ओडोनाटा (Odonata) ऑर्डर और एशनीडे (Aeshnidae) परिवार से संबंधित है।
- अन्य नाम: इसे आमतौर पर ‘लॉन्ग-टेल्ड डस्कहॉकर’ (Long-tailed Duskhawker) कहा जाता है।
- शारीरिक बनावट: इसके पास हल्के नीले-हरे रंग की बड़ी संयुक्त आंखें होती हैं। इसका वक्ष (Thorax) चमकीला हरा होता है जिस पर काली धारियां होती हैं, और इसके पंख हल्के अंबर (पीले-भूरे) रंग के होते हैं। इसका पेट लंबा और सिरा काला होता है।
- दृष्टि प्रणाली: इसकी आंखों में हजारों सूक्ष्म लेंस होते हैं जो इसे लगभग 360-डिग्री की दृष्टि प्रदान करते हैं। यह गति को बहुत तेजी से पकड़ने में सक्षम है।
- सांध्यकालीन व्यवहार (Crepuscular Behaviour): यह मुख्य रूप से धुंधलके के समय (सुबह और शाम) या अत्यधिक घने बादलों वाले दिनों में सक्रिय होती है। दिन के समय यह घने जंगलों में ऊर्ध्वाधर स्थिति में छिपी रहती है।
- वैश्विक और राष्ट्रीय उपस्थिति: भारत के बाहर यह नेपाल, म्यांमार और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में पाई जाती है। भारत में अरुणाचल प्रदेश के अलावा इसके छिटपुट रिकॉर्ड असम, मेघालय, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र से मिले हैं।
- IUCN रेड लिस्ट स्थिति: पर्याप्त डेटा न होने के कारण इसे अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा “डेटा डेफिसिएंट” (Data Deficient – आंकड़ों का अभाव) की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
पारिस्थितिक महत्व:
- जैविक नियंत्रण एजेंट (Bio-control Agents): ड्रैगनफ्लाई कुशल हवाई शिकारी होते हैं। ये मच्छरों और अन्य हानिकारक कीड़ों की आबादी को नियंत्रित करके पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हैं।
- पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का संकेतक: ओडोनाटा प्रजातियां पानी और जंगलों की गुणवत्ता के प्रति बेहद संवेदनशील होती हैं। नमदफा में इनकी उपस्थिति यह दर्शाती है कि वहां का प्राचीन जलीय और घने वर्षावन का पारिस्थितिकी तंत्र अभी भी स्वस्थ और सुरक्षित है।
|
नमदफा राष्ट्रीय उद्यान:
|