Sathyamangalam Tiger Reserve

संदर्भ:
हाल ही में मद्रास उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद तमिलनाडु सरकार ने सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व (STR) के इको-सेंसिटिव ज़ोन में संचालित 42 अवैध रिसॉर्ट्स को सील किया, जो वन्यजीव गलियारे की सुरक्षा और पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व के बारे में:
- भौगोलिक स्थिति: यह तमिलनाडु के ईरोड जिले में स्थित है और लगभग 1,411.6 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला है। यह नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व का एक अभिन्न हिस्सा है।
- पारिस्थितिक संगम: यह पश्चिमी घाट (Western Ghats) और पूर्वी घाट (Eastern Ghats) के मिलन स्थल पर स्थित है। यह इन दो प्रमुख पर्वत श्रृंखलाओं के बीच एक ‘पारिस्थितिक सेतु’ का कार्य करता है।
- टाइगर रिजर्व का दर्जा: इसे 2008 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था, लेकिन बाघों की बढ़ती आबादी और सामरिक महत्व को देखते हुए 2013 में इसे भारत का 42वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया।
- TX2 अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार: 2022 में, STR को बाघों की आबादी को दोगुना करने के लिए प्रतिष्ठित TX2 पुरस्कार मिला। 2011 में यहाँ केवल 25 बाघ थे, जिनकी संख्या 2021 तक बढ़कर 80 से अधिक हो गई।
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- मोयार नदी घाटी: मोयार नदी इस रिजर्व की मुख्य जलधारा है। यह नदी मुदुमलई और सत्यमंगलम के बीच एक प्राकृतिक सीमा बनाती है और इस शुष्क क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए पानी का प्राथमिक स्रोत है।
- वनस्पति विविधता: यहाँ की जलवायु और ऊंचाई में भिन्नता के कारण विविध वन प्रकार मिलते हैं: दक्षिणी उष्णकटिबंधीय शुष्क कांटेदार वन, मिश्रित पर्णपाती वन और अर्ध-सदाबहार और रिपेरियन (नदी तटीय) वन।
- यह क्षेत्र अपने उच्च गुणवत्ता वाले लाल और सफेद चंदन के पेड़ों के लिए जाना जाता है।
- वन्यजीव गलियारा: STR हाथियों और बाघों के आवागमन के लिए एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर है। यह नीलगिरी पठार को पूर्वी घाटों के बिलीगिरी रंगास्वामी मंदिर (BRT) पहाड़ियों से जोड़ता है।
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- हाथी संरक्षण: यह भारत के सबसे बड़े हाथी आवासों में से एक है। यहाँ की हाथी आबादी को नीलगिरी-पूर्वी घाट परिदृश्य का हिस्सा माना जाता है, जो हाथियों के आनुवंशिक प्रवाह के लिए अनिवार्य है।
- गिद्ध संरक्षण: सत्यमंगलम उन दुर्लभ स्थानों में से एक है जहाँ गिद्धों की तीन गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजातियाँ पाई जाती हैं: सफेद पीठ वाला गिद्ध (White-backed Vulture), लंबी चोंच वाला गिद्ध और लाल सिर वाला गिद्ध।
- जीव विविधता: बाघों के अलावा, यहाँ तेंदुआ, भारतीय गौर (Bison), सुस्त भालू (Sloth Bear), काला हिरण (Blackbuck), चौसिंगा और नीलगिरी तहर (ऊंचाई वाले क्षेत्रों में) पाए जाते हैं।
- जनजातीय समुदाय: यहाँ इरुला (Irula) और सोलिगा (Soliga) जनजातियाँ निवास करती हैं। ये समुदाय ईको-टूरिज्म और वन प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
- धीम्बम घाट रोड: रिजर्व के भीतर प्रसिद्ध धीम्बम घाट है जिसमें 27 हेयरपिन बेंड्स हैं। यह राष्ट्रीय राजमार्ग 948 का हिस्सा है, जो मैसूर और कोयंबटूर को जोड़ता है।