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UN सुरक्षा परिषद में अस्थाई सदस्यता के लिए भारत का ‘SHANTI’ मिशन

UN सुरक्षा परिषद में अस्थाई सदस्यता के लिए भारत का ‘SHANTI’ मिशन

SHANTI Mission

संदर्भ:

हाल ही में भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद [UN Security Council] में वर्ष 2028-29 के कार्यकाल के लिए अपनी दावेदारी पेश करते हुए वैश्विक स्तर पर ‘SHANTI’ Mission (शांति मिशन) अभियान शुरू किया। 

भारत का ‘SHANTI’ मिशन क्या है?

  • परिचय: राजनयिक शब्दावली में, ‘SHANTI’ का पूर्ण रूप ‘Securing Holistic Advancement through Norms, Trust and Integrity’ (नियम, विश्वास और ईमानदारी के माध्यम से समग्र प्रगति सुनिश्चित करना) है।
    • यह वैश्विक शासन (Global Governance) और बहुपक्षीय सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार द्वारा तैयार किया गया एक रणनीतिक नीतिगत ढांचा (Strategic Policy Framework) है। 
  • उद्देश्य: इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य जून 2027 में होने वाले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद चुनाव [UNSC Elections] में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 193 सदस्य देशों का दो-तिहाई बहुमत हासिल करना है।
    • भारत का लक्ष्य एशिया-प्रशांत समूह की एकमात्र अस्थायी सीट के लिए ताजिकिस्तान के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत करना है। 
  • शुरुआत: भारतीय विदेश ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र [United Nations] मुख्यालय में राजनयिकों और दूतों की उपस्थिति में इस मिशन को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया।
    • इस अभियान की वैचारिक जड़ें भारत की पारंपरिक विदेश नीति [India Foreign Policy] के मूल मंत्र ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (One Earth, One Family, One Future) से प्रेरित हैं।

मिशन के प्रमुख घटक:

भारत का यह अभियान वैश्विक व्यवस्था में सुधार के लिए छह विशिष्ट कूटनीतिक प्राथमिकताओं (Six Priorities) पर आधारित है: 

  • ग्लोबल साउथ की आवाज को सुदृढ़ करना (Strengthening Voice of Global South): विकासशील देशों के ऋण संकट, खाद्य सुरक्षा और जलवायु न्याय से जुड़ी चिंताओं को सुरक्षा परिषद के एजेंडे में शीर्ष पर रखना।
  • भविष्य के अनुकूल शांति स्थापना (Future-ready Peacekeeping): संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों को आधुनिक तकनीकों से लैस करना। भारत ऐतिहासिक रूप से 50 से अधिक मिशनों में लगभग 3 लाख सैनिकों का योगदान देकर अग्रणी रहा है। 
  • संशोधित बहुपक्षवाद (Advancing Reformed Multilateralism): वर्ष 1945 के पुराने वैश्विक शासन ढांचे में सुधार कर इसे 21वीं सदी की वास्तविकताओं के अनुरूप लोकतांत्रिक बनाना। 
  • आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक (Countering Terror Financing): आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाना और उन स्रोतों को बंद करना जो आतंक को बढ़ावा देते हैं। 
  • नियम-आधारित समुद्री सुरक्षा (Securing Maritime Commons): ‘महासागर’ (MAHASAGAR) विज़न के तहत वैश्विक व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता के लिए एक स्वतंत्र और खुला समुद्री नियम ढांचा सुनिश्चित करना। 
  • उत्तरदायी एआई विज़न (Human-centric AI Vision): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के दुरुपयोग को रोकने और इसके जिम्मेदार व मानव-केंद्रित उपयोग के लिए वैश्विक नियम तय करना।

आवश्यकता क्यों है?

  • बहुपक्षीय संस्थाओं की विफलता: यूक्रेन संघर्ष और मध्य पूर्व के युद्धों को रोकने में सुरक्षा परिषद के मौजूदा पाँच स्थायी सदस्य (P5) वीटो गतिरोध के कारण विफल रहे हैं। ऐसे समय में एक विश्वसनीय और तटस्थ मध्यस्थ के रूप में भारत की कड़े कदमों की आवश्यकता है।
  • प्रतिनिधित्व का अभाव: वर्तमान सुरक्षा परिषद समकालीन भू-राजनीतिक वास्तविकताओं [Contemporary Geopolitical Realities] को प्रदर्शित नहीं करती, क्योंकि इसमें अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे बड़े क्षेत्रों का कोई स्थायी प्रतिनिधित्व नहीं है। 

महत्व:

  • स्थायी सदस्यता का दावा: सुरक्षा परिषद में भारत की सीट [India UN Seat] पर वर्ष 2028-29 का कार्यकाल [UNSC 2028-29] उसका नौवां कार्यकाल होगा। इस दौरान भारत का कुशल नेतृत्व यह साबित करेगा कि वह स्थायी वीटो टेबल पर बैठने का हकदार है।
  • वैश्विक कूटनीति में नेतृत्व (India Global Diplomacy): यह मिशन भारत को केवल एक क्षेत्रीय शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था (Rules-based Order) के रक्षक और ‘विश्वबंधु’ के रूप में स्थापित करता है।

FAQs:

Q1. SHANTI मिशन क्या है?

Ans: वैश्विक शांति और बहुपक्षीय शासन सुधारों के लिए भारत का एक नया रणनीतिक कूटनीतिक ढांचा।

Q2. भारत ने SHANTI मिशन क्यों शुरू किया?

Ans: सुरक्षा परिषद के आगामी द्विवार्षिक चुनाव में वैश्विक देशों का व्यापक समर्थन जुटाने के लिए।

Q3. भारत किस अवधि के लिए UNSC सदस्यता चाहता है?

Ans: भारत वर्ष 2028 से 2029 तक की दो वर्षीय अस्थायी अवधि के लिए सदस्यता चाहता है।

Q4. SHANTI मिशन की मुख्य प्राथमिकताएं क्या हैं?

Ans: शांति स्थापना, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी लड़ाई, डिजिटल तकनीक और वैश्विक संस्थागत सुधार इसकी प्राथमिकताएं हैं।

Q5. UNSC में भारत की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?

Ans: भारत विकासशील देशों का सशक्त प्रतिनिधित्व करने और वैश्विक सुरक्षा निर्णयों में संतुलन बनाने में सक्षम है

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